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Tech Gadgets Price Hike: स्मार्टफोन, टीवी से लेकर लैपटॉप तक - सब हो सकता है महंगा, ये है बड़ी वजह

अगर आप नया फोन, लैपटॉप या कोई टेक गैजेट खरीदने की सोच रहे हैं, तो आने वाले समय में आपकी जेब पर ज्यादा असर पड़ सकता है। रुपये की कमजोरी, महंगा कच्चा तेल और बढ़ते इंपोर्ट खर्च का असर अब इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार पर दिखने लगा है। आखिर क्यों बढ़ सकती हैं कीमतें? पूरी वजह जानिए।

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AI Generated Image

Tech Gadgets Price Hike: अगर आप नया स्मार्टफोन, लैपटॉप या कोई दूसरा टेक गैजेट खरीदने की सोच रहे हैं, तो आने वाले महीनों में इसके लिए आपको ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं। इसकी बड़ी वजह है डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर यही स्थिति बनी रही, तो भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट्स की कीमतों पर सीधा असर दिख सकता है।

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रुपये की कमजोरी कैसे बढ़ाती है कीमतें?

भारत अपने ज्यादातर इलेक्ट्रॉनिक सामान या उनके पार्ट्स विदेशों से इंपोर्ट करता है। इनमें मोबाइल फोन के चिप्स, डिस्प्ले, बैटरी, प्रोसेसर और लैपटॉप के कई जरूरी कंपोनेंट शामिल हैं। इनकी खरीद डॉलर में होती है।

जब रुपया कमजोर होता है, तो कंपनियों को वही सामान खरीदने के लिए पहले से ज्यादा रुपये खर्च करने पड़ते हैं। मान लीजिए की अगर पहले 1 डॉलर के लिए 82 रुपये देने पड़ते थे और अब 86 रुपये देने पड़ रहे हैं, तो इंपोर्ट की लागत अपने आप बढ़ जाएगी। यही बढ़ी हुई लागत बाद में ग्राहकों तक पहुंचाई जाती है।

कच्चे तेल की कीमतें क्यों हैं अहम?

इस समय अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 105 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। तेल महंगा होने से सिर्फ पेट्रोल-डीजल ही नहीं, बल्कि ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स की लागत भी बढ़ जाती है।

इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट्स ज्यादातर विदेशों से जहाज या एयर कार्गो के जरिए भारत आते हैं। ऐसे में शिपिंग और डिलीवरी खर्च बढ़ने का असर मोबाइल, टीवी, लैपटॉप और दूसरे गैजेट्स की कीमतों पर भी पड़ सकता है।

ट्रेड डेफिसिट बढ़ने से बढ़ता है दबाव

भारत का ट्रेड डेफिसिट यानी आयात और निर्यात के बीच का अंतर भी बढ़ रहा है। देश इलेक्ट्रॉनिक्स और ऊर्जा सेक्टर में बड़े पैमाने पर इंपोर्ट पर निर्भर है। जब इंपोर्ट ज्यादा और एक्सपोर्ट कम होता है, तो डॉलर की मांग बढ़ जाती है। इससे रुपया और कमजोर हो सकता है।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर आने वाले महीनों में डॉलर मजबूत और तेल महंगा बना रहा, तो टेक कंपनियां धीरे-धीरे अपने प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ा सकती हैं।

किन प्रोडक्ट्स पर दिख सकता है असर?

आने वाले समय में स्मार्टफोन, लैपटॉप, गेमिंग कंसोल, स्मार्ट टीवी, टैबलेट और प्रीमियम इलेक्ट्रॉनिक एक्सेसरीज महंगी हो सकती हैं। खासतौर पर वे प्रोडक्ट्स, जिनके पार्ट्स पूरी तरह इंपोर्ट होते हैं, उन पर ज्यादा असर देखने को मिल सकता है।