scorecardresearch

AI से नौकरियां जा रहीं, फिर भी सैलरी में 46% की बढ़ोतरी! अमेरिका के जॉब मार्केट में दिखा बड़ा बदलाव

AI के बढ़ते इस्तेमाल से एक तरफ नौकरियां जा रही हैं, तो दूसरी तरफ कुछ कर्मचारियों की सैलरी तेजी से बढ़ रही है। अमेरिका के नए आंकड़ों के मुताबिक, AI से सबसे ज्यादा प्रभावित नौकरियों में 2021 के बाद से विज्ञापित सैलरी 46% बढ़ी है। वहीं, AI के कारण हजारों नौकरियों में कटौती की घोषणा भी हुई है। जानिए किन कर्मचारियों को फायदा मिल रहा है।

Advertisement
ILO के मुताबिक, दुनियाभर में हर चार में से एक कर्मचारी की नौकरी पर जनरेटिव AI का असर पड़ सकता है।
ILO के मुताबिक, दुनियाभर में हर चार में से एक कर्मचारी की नौकरी पर जनरेटिव AI का असर पड़ सकता है।

In Short

  • अमेरिका में AI से सबसे ज्यादा प्रभावित नौकरियों की विज्ञापित सैलरी 2021 के बाद से 46% बढ़ी है।
  • अगस्त 2026 तक अमेरिका में AI को वजह बताकर 1.16 लाख से ज्यादा नौकरियों की कटौती की घोषणा हुई।
  • AI से जुड़ी नौकरियों में सीनियर कर्मचारियों को ज्यादा फायदा मिल रहा है, जबकि नए कर्मचारियों के लिए चुनौतियां बढ़ सकती हैं।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI अमेरिका के जॉब मार्केट को तेजी से बदल रहा है। एक तरफ कंपनियां AI की मदद से कर्मचारियों की संख्या घटा रही हैं, तो दूसरी तरफ AI से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाली नौकरियों में सैलरी भी तेजी से बढ़ रही है। नए आंकड़ों के मुताबिक, 2021 के बाद से ऐसी नौकरियों में विज्ञापित सैलरी 46% बढ़ी है।

advertisement

किन नौकरियों में कितनी बढ़ी सैलरी?

The Kobeissi Letter ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर Indeed के आंकड़ों पर आधारित एक चार्ट साझा किया है। इसके मुताबिक, 2021 के बाद से AI से सबसे ज्यादा प्रभावित नौकरियों में सैलरी 46% बढ़ी है। वहीं, मध्यम स्तर पर प्रभावित नौकरियों में 41%, सभी नौकरियों में औसतन 39% और AI से सबसे कम प्रभावित नौकरियों में 25% की बढ़ोतरी हुई है।

सैलरी में यह अंतर 2024 के बाद और भी साफ दिखाई देने लगा। The Kobeissi Letter के मुताबिक, कंपनियों के बीच AI से जुड़े कौशल वाले कर्मचारियों की मांग बढ़ रही है।

AI से जुड़ी नौकरियों में ज्यादा सैलरी क्यों?

17 सितंबर को जारी Indeed Hiring Lab की रिपोर्ट के मुताबिक, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, IT, डेटा एनालिटिक्स, मार्केटिंग, बैंकिंग और फाइनेंस जैसी नौकरियों पर AI का ज्यादा असर पड़ रहा है।

वहीं, नर्सिंग, पर्सनल केयर, खाना बनाना, सफाई और मैन्युफैक्चरिंग जैसे कामों पर इसका असर कम है।

रिपोर्ट के मुताबिक, ChatGPT आने के बाद AI से ज्यादा प्रभावित नौकरियों में विज्ञापित सैलरी का अतिरिक्त फायदा 5.7% रहा। अलग-अलग जॉब टाइटल की पिछली सैलरी से तुलना करने पर यह अंतर 4.7% और सीनियरिटी को ध्यान में रखने पर 2.4% रह गया।

सबसे ज्यादा सैलरी का फायदा सीनियर कर्मचारियों को मिला है, जबकि एंट्री-लेवल कर्मचारियों के लिए यह अंतर काफी कम है।

AI की वजह से कितनी नौकरियां गईं?

Challenger, Gray & Christmas के मुताबिक, अगस्त 2026 तक अमेरिका में घोषित 1,16,175 नौकरियों की कटौती के पीछे AI को एक वजह बताया गया। यह कुल घोषित छंटनी का करीब 22% है।

अगस्त में AI से जुड़ी 3,462 नौकरियों की कटौती की घोषणा हुई थी। इससे पहले 2025 में AI से जुड़ी 54,836 नौकरियों की कटौती की योजनाएं घोषित हुई थीं।

साल 2023 से अब तक AI को वजह बताकर 1.70 लाख से ज्यादा नौकरियों की कटौती की घोषणा हो चुकी है। हालांकि, हर नौकरी सिर्फ AI की वजह से नहीं गई है। कंपनियां खर्च घटाने और कारोबार में बदलाव के लिए भी कर्मचारियों की संख्या कम कर रही हैं।

advertisement

बड़ी कंपनियों में भी छंटनी

फरवरी में Block ने AI के आधार पर अपने कारोबार में बदलाव करते हुए 4,000 से ज्यादा नौकरियां खत्म करने की योजना का ऐलान किया था। यह कंपनी के कुल कर्मचारियों का करीब आधा हिस्सा था।

Amazon ने जनवरी में 16,000 कर्मचारियों की छंटनी की घोषणा के बाद जुलाई में अपनी AGI टीम में भी नौकरियां घटाई थीं।

Meta ने भी AI की मदद से छोटी टीमों के जरिए काम करने की योजना बनाई थी। हालांकि, सुरक्षा और कामकाज से जुड़ी चिंताओं के बाद कंपनी ने योजना के कुछ हिस्सों को सीमित कर दिया।

नए कर्मचारियों के लिए क्यों बढ़ सकती है मुश्किल?

Indeed के मुताबिक, मई 2025 से मई 2026 के बीच सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट की नौकरियों के विज्ञापनों में हुई बढ़ोतरी का 71% हिस्सा सीनियर पदों से आया। वहीं, 37% हिस्सा ऐसी नौकरियों से जुड़ा था, जिनके नाम में AI का जिक्र था।

इससे संकेत मिलता है कि कंपनियां अनुभवी कर्मचारियों को ज्यादा प्राथमिकता दे रही हैं। अगर AI जूनियर कर्मचारियों के नियमित काम संभालने लगेगा, तो कंपनियों को कम नए कर्मचारियों की जरूरत पड़ सकती है।

क्या AI पूरी तरह खत्म कर देगा नौकरियां?

advertisement

इंटरनेशनल लेबर ऑर्गेनाइजेशन यानी ILO के मुताबिक, दुनियाभर में करीब हर चार में से एक कर्मचारी ऐसी नौकरी में है, जिस पर जनरेटिव AI का कुछ असर पड़ सकता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि सभी नौकरियां खत्म हो जाएंगी।

वहीं, वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के अनुमान के मुताबिक, टेक्नोलॉजी और दूसरे बड़े बदलावों से 2030 तक दुनियाभर में 17 करोड़ नई नौकरियां पैदा हो सकती हैं, जबकि 9.2 करोड़ नौकरियां खत्म हो सकती हैं। इस तरह कुल नौकरियों में 7.8 करोड़ की बढ़ोतरी का अनुमान है।