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90 साल पुरानी गणित समस्या के बाद OpenAI AI मॉडल ने किया नया कारनामा, 100 से ज्यादा सवाल किए हल

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती ताकत के बीच OpenAI ने अपने नए AI मॉडल को लेकर बड़ा दावा किया है। कंपनी के मुताबिक, इस मॉडल ने ट्रेनिंग शुरू होने के एक महीने के अंदर 100 से ज्यादा लंबे समय से अनसुलझी गणितीय समस्याओं को हल किया। इससे पहले मॉडल ने 90 साल पुरानी Navier-Stokes समस्या को हल करने का दावा किया था।

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OpenAI के अभी जारी न किए गए AI मॉडल ने एक महीने से भी कम समय में 100 से ज्यादा गणितीय समस्याएं हल करने का दावा किया। \(फोटो: रॉयटर्स\)
OpenAI के अभी जारी न किए गए AI मॉडल ने एक महीने से भी कम समय में 100 से ज्यादा गणितीय समस्याएं हल करने का दावा किया। \(फोटो: रॉयटर्स\)

In Short

  • OpenAI के नए AI मॉडल ने एक महीने में 100 से ज्यादा गणित समस्याएं हल करने का दावा किया।
  • कंपनी पहले ही Navier-Stokes जैसी कठिन समस्या हल करने की बात कह चुकी है।
  • AI के गणितीय इस्तेमाल और सुरक्षा को लेकर विशेषज्ञों में चर्चा बढ़ी है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI तेजी से आगे बढ़ रहा है। OpenAI ने दावा किया है कि उसके एक नए और अभी तक जारी नहीं किए गए AI मॉडल ने ट्रेनिंग शुरू होने के एक महीने के अंदर 100 से ज्यादा लंबे समय से अनसुलझी गणितीय समस्याओं को हल कर लिया है।

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इससे पहले इसी AI मॉडल ने करीब 90 साल पुरानी Navier-Stokes Millennium Prize समस्या को हल करने का दावा किया था। यह गणित की दुनिया की सबसे कठिन समस्याओं में शामिल है।

एक महीने से भी कम समय में बड़ी उपलब्धि का दावा

OpenAI के मुताबिक, इस AI मॉडल की ट्रेनिंग 28 अगस्त से शुरू हुई थी। कंपनी ने बताया कि एक महीने से भी कम समय में मॉडल ने गणित के कई क्षेत्रों की 100 से ज्यादा ओपन समस्याओं को हल किया।

कंपनी का कहना है कि AI मॉडल की तेजी से हुई प्रगति ने OpenAI के अंदर मौजूद गणित विशेषज्ञों को भी हैरान किया। इसके बाद कंपनी ने तय किया कि गणित की दुनिया के साथ इस तरह के नतीजों को साझा करने के लिए एक नई व्यवस्था बनाई जाए।

गणित के लिए बनाया नया सलाहकार समूह

OpenAI ने गणित और AI से जुड़े मामलों पर सलाह लेने के लिए एक स्वतंत्र Advisory Group on Mathematics and Artificial Intelligence बनाने की घोषणा की है।

यह समूह अमेरिका के प्रिंसटन स्थित Institute for Advanced Study में काम करेगा।

OpenAI के अनुसार, यह समूह गणित विशेषज्ञों और AI रिसर्च के बीच एक पुल की तरह काम करेगा। इसका उद्देश्य AI से जुड़े गणितीय परिणामों की समीक्षा करना और रिसर्च के मानकों पर सलाह देना होगा।

इस समूह में UC Berkeley के निखिल श्रीवास्तव, Stanford University के रवि वकिल और Harvard की मेलानी मैटचेट वुड जैसे गणित विशेषज्ञ शामिल हैं।

Navier-Stokes समस्या पर पहले भी उठे थे सवाल

OpenAI के Navier-Stokes समस्या हल करने के दावे पर कुछ विशेषज्ञों ने सवाल भी उठाए थे।

कंपनी ने बताया था कि 10,000 से ज्यादा AI एजेंट्स ने 88 घंटे में समाधान तैयार किया था और करीब 3 लाख करोड़ टोकन का इस्तेमाल किया गया था।

हालांकि, न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के ट्रिस्टन बकमास्टर और Anthropic के रिसर्चर लेवेंट अल्पोगे ने इस दावे को लेकर चिंता जताई थी। उनका कहना था कि वे भी इसी समस्या पर काम कर रहे थे और उन्होंने OpenAI के टूल Codex का इस्तेमाल किया था।

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OpenAI ने कहा कि उसने उनके सार्वजनिक होने से पहले उनके काम को नहीं देखा था, लेकिन कंपनी ने यह भी माना कि डी-आइडेंटिफाइड प्रोडक्ट डेटा मॉडल सुधारने में इस्तेमाल हो सकता है।

AI की ताकत और सुरक्षा पर बढ़ती बहस

OpenAI का यह दावा ऐसे समय आया है जब AI की क्षमता और इसके इस्तेमाल को लेकर दुनिया भर में चर्चा बढ़ रही है।

जहां कुछ विशेषज्ञ AI को रिसर्च और खोज के लिए बड़ी उपलब्धि मान रहे हैं, वहीं कई लोग डेटा सुरक्षा, पारदर्शिता और AI के भविष्य के प्रभावों को लेकर सवाल उठा रहे हैं।