गूगल के फायरबेस पर क्यों बढ़ी सरकार की नजर? सामने आया साइबर ठगी का नया तरीका!
गूगल के फायरबेस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल साइबर ठगी के लिए किए जाने का नया मामला सामने आया है। सरकार ने ऐसे कई अकाउंट हटाने के लिए कदम उठाए हैं जिनसे फर्जी बैंकिंग वेबसाइट और मैलवेयर के जरिए लोगों की जानकारी चुराने की कोशिश की जा रही थी।

In Short
- सरकार ने साइबर ठगी में इस्तेमाल हो रहे सैकड़ों फायरबेस अकाउंट पर कार्रवाई के लिए गूगल को निर्देश दिए
- ठग बैंक के नाम पर फर्जी वेबसाइट और मैलवेयर ऐप के जरिए यूजर्स की निजी और वित्तीय जानकारी चुराने की कोशिश कर रहे थे
- पीएम किसान योजना समेत कई तरीकों से लोगों को निशाना बनाने का साइबर फ्रॉड पैटर्न सामने आया
भारत में डिजिटल सेवाओं के बढ़ते इस्तेमाल के बीच साइबर ठगी के नए तरीके सामने आ रहे हैं। अब सरकारी जांच में एक ऐसा पैटर्न सामने आया है जिसमें ठग गूगल के फायरबेस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल लोगों को धोखा देने के लिए कर रहे थे। इन मामलों में फर्जी बैंकिंग वेबसाइट और खतरनाक ऐप के जरिए यूजर्स की निजी और वित्तीय जानकारी चुराने की कोशिश की गई।
इस मामले में सरकार ने गूगल से सैकड़ों फायरबेस अकाउंट बंद करने को कहा है क्योंकि जांच में इनका इस्तेमाल ऑनलाइन फ्रॉड के लिए होने की बात सामने आई है।
सरकार ने फायरबेस अकाउंट पर की कार्रवाई
भारत सरकार ने गूगल को फायरबेस पर बने कई अकाउंट हटाने के निर्देश दिए हैं। इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर यानी I4C ने अगस्त में कम से कम 57 फायरबेस होस्टेड वेबसाइट और डेटाबेस हटाने के लिए नोटिस जारी किए।
इन वेबसाइट का इस्तेमाल कथित तौर पर मैलवेयर फैलाने और लोगों के फोन से संवेदनशील जानकारी जुटाने के लिए किया जा रहा था। सरकारी नोटिस मिलने के बाद अगर गूगल तीन घंटे के अंदर इन लिंक को नहीं हटाता है तो इन पर कानूनी जिम्मेदारी भी आ सकती है।
बैंक के नाम पर बनाए जा रहे थे फर्जी प्लेटफॉर्म
जांच में सामने आया कि ठग एंड्रॉयड मैलवेयर को असली बैंकिंग सर्विस की तरह दिखाकर लोगों तक पहुंचा रहे थे। इसके लिए नए क्रेडिट कार्ड ऑफर रिवॉर्ड रिडेम्पशन और क्रेडिट लिमिट बढ़ाने जैसे लालच दिए जा रहे थे।
इन 57 वेबसाइट में से सात वेबसाइट बड़ी भारतीय बैंकों की नकल कर बनाई गई थीं। इनमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक जैसे नाम शामिल थे। इनका मकसद क्रेडिट कार्ड डिटेल और वन टाइम पासवर्ड जैसी जरूरी जानकारी चोरी करना था।
पीएम किसान योजना के नाम पर भी ठगी
साइबर ठगों ने पीएम किसान योजना को भी निशाना बनाया। फर्जी वेबसाइट के जरिए लोगों को सरकारी भुगतान दिलाने का झांसा दिया गया और उनसे एक ऐप डाउनलोड करने को कहा गया।
यह खतरनाक ऐप यूजर की निजी जानकारी को ठगों के कंट्रोल वाले फायरबेस डेटाबेस तक पहुंचा सकता था। इसके जरिए ठग फोन में मौजूद दूसरे ऐप और पैसों से जुड़ी जानकारी तक पहुंच बनाने की कोशिश कर सकते थे।
सरकार इससे पहले मार्च में एंड्रॉयड गॉड मोड नाम के मैलवेयर को लेकर भी चेतावनी जारी कर चुकी है। यह मैलवेयर हमलावरों को फोन पर काफी ज्यादा कंट्रोल दे सकता है।
डिजिटल ग्रोथ के साथ बढ़ा साइबर फ्रॉड का खतरा
भारत में डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। मार्च 2026 तक एक साल में करीब 242 अरब रियल टाइम पेमेंट ट्रांजैक्शन दर्ज किए गए। इसी तेजी के बीच साइबर अपराधी भी नए तरीके अपना रहे हैं।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 2025 में भारत में ऑनलाइन साइबर फ्रॉड से करीब 2.4 अरब डॉलर का नुकसान होने का दावा किया गया। ऐसे में फायरबेस जैसे असली टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल बड़ी चुनौती बन रहा है।
गूगल ने कही सख्त कार्रवाई की बात
गूगल ने कहा है कि उसकी नीतियां फिशिंग मैलवेयर और फाइनेंशियल फ्रॉड के खिलाफ हैं। कंपनी कानून लागू करने वाली एजेंसियों के साथ मिलकर ऐसे मामलों की जांच करती है और जरूरी कार्रवाई करती है।
यह मामला दिखाता है कि साइबर ठग अब सिर्फ फर्जी वेबसाइट नहीं बल्कि भरोसेमंद डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके भी लोगों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

