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Fast Charger होने के बाद भी फोन हो रहा है स्लो चार्ज? कहीं केबल तो नहीं है असली वजह

Fast charger होने के बाद भी अगर आपका फोन धीरे चार्ज हो रहा है, तो हर बार गलती चार्जर की नहीं होती। कई बार एक साधारण सी charging cable पूरी स्पीड रोक देती है। आखिर केबल खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखें और कैसे पता करें कि पुरानी केबल स्लो है?

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In Short

  • फास्ट चार्जर के बावजूद फोन स्लो चार्ज हो रहा है तो इसकी वजह खराब या पुरानी USB-C केबल हो सकती है।
  • केबल खरीदते समय 60W, 100W या 240W की पावर रेटिंग और E-Marker चिप जरूर देखें।
  • सिर्फ हाई-वॉट केबल काफी नहीं, फोन, चार्जर और केबल की चार्जिंग तकनीक का मेल भी जरूरी है।

आज लगभग हर नया स्मार्टफोन फास्ट चार्जिंग सपोर्ट करता है। कोई फोन 33W, कोई 67W तो कुछ 100W या उससे ज्यादा की चार्जिंग सपोर्ट देते हैं। लेकिन कई बार फास्ट चार्जर होने के बावजूद फोन काफी धीरे चार्ज होता है। ऐसे में ज्यादातर लोग चार्जर को जिम्मेदार मानते हैं, जबकि कई मामलों में असली वजह चार्जिंग केबल होती है।

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खराब क्वॉलिटी की केबल सिर्फ चार्जिंग स्पीड ही कम नहीं कर सकती, बल्कि इससे डेटा ट्रांसफर भी धीमा हो सकता है। बाहर से देखने पर लगभग सभी USB-C केबल एक जैसी लगती हैं, लेकिन उनकी क्षमता अलग-अलग हो सकती है।

USB-C दिखने में एक जैसी, लेकिन क्षमता अलग

USB-C सिर्फ केबल का डिजाइन है, उसकी क्षमता नहीं। दो USB-C केबल देखने में बिल्कुल एक जैसी हो सकती हैं, लेकिन एक सिर्फ 15W तक चार्जिंग सपोर्ट कर सकती है, जबकि दूसरी 100W तक की पावर संभाल सकती है।

अगर फोन के साथ 67W या 100W का चार्जर मिला है और उसके साथ सस्ती या पुरानी केबल इस्तेमाल की जा रही है, तो फोन पूरी स्पीड से चार्ज नहीं होगा। ऐसे में चार्जर सही होने के बावजूद केबल स्पीड कम कर सकती है।

केबल खरीदते समय Watt जरूर देखें

अच्छी USB-C केबल पर आमतौर पर 60W, 100W या 240W जैसी पावर रेटिंग लिखी होती है। अगर आप सिर्फ स्मार्टफोन चार्ज करते हैं तो अच्छी क्वॉलिटी की 60W केबल ज्यादातर फोन के लिए पर्याप्त हो सकती है।

वहीं, 80W, 100W या उससे ज्यादा चार्जिंग सपोर्ट करने वाले फोन या USB-C से लैपटॉप चार्ज करने के लिए 100W रेटिंग वाली केबल लेना बेहतर रहेगा।

100W केबल में E-Marker चिप क्यों जरूरी?

60W से ज्यादा पावर देने वाली USB-C केबल में E-Marker नाम का एक छोटा चिप होता है। यह चार्जर और फोन को बताता है कि केबल कितनी पावर सुरक्षित तरीके से संभाल सकती है।

अगर यह चिप नहीं होगा तो कई डिवाइस सुरक्षा के लिए चार्जिंग स्पीड कम कर सकते हैं। यही वजह है कि 100W चार्जर होने के बावजूद कई बार फोन पूरी स्पीड से चार्ज नहीं होता।

फोन और चार्जर की तकनीक भी जरूरी

सिर्फ 100W केबल खरीदने से फोन 100W पर चार्ज नहीं होगा। फोन, चार्जर और केबल को एक जैसी चार्जिंग तकनीक सपोर्ट करनी जरूरी है।

कई कंपनियां USB Power Delivery यानी PD का इस्तेमाल करती हैं, जबकि कुछ अपनी अलग तकनीक जैसे SuperVOOC, HyperCharge या TurboPower देती हैं। अगर ये आपस में पूरी तरह मेल नहीं खाते, तो चार्जिंग स्पीड कम हो सकती है।

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लंबी केबल हमेशा बेहतर नहीं

2 या 3 मीटर लंबी केबल इस्तेमाल करने में सुविधाजनक हो सकती है, लेकिन लंबी केबल में बिजली का नुकसान ज्यादा हो सकता है। अच्छी कंपनियां बेहतर वायर के जरिए इसे संभालती हैं, लेकिन सस्ती लंबी केबल चार्जिंग स्पीड कम कर सकती है।

(Photo: Aaj Tak)

खरीदते समय पैकेट पर क्या देखें?

केबल खरीदते समय सिर्फ Fast Charging लिखा देखकर भरोसा न करें। उसकी 60W, 100W या 240W जैसी पावर रेटिंग जरूर देखें। 100W या उससे ज्यादा की केबल में E-Marker का जिक्र होना चाहिए। अच्छी कंपनियां USB-IF सर्टिफिकेशन जैसी जानकारी भी देती हैं।

पुरानी केबल स्लो है या नहीं ऐसे करें चेक

अगर आपका फोन पहले 30-40 मिनट में काफी चार्ज हो जाता था और अब उसी चार्जर से ज्यादा समय ले रहा है, तो दूसरी अच्छी केबल लगाकर देखें। अगर नई केबल से चार्जिंग स्पीड बढ़ जाती है, तो समस्या चार्जर में नहीं बल्कि पुरानी केबल में हो सकती है।

कौन-सी केबल खरीदना बेहतर?

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सिर्फ स्मार्टफोन चार्ज करने के लिए अच्छी ब्रांड की 60W USB-C केबल ज्यादातर लोगों के लिए काफी हो सकती है। वहीं, अगर फोन के साथ लैपटॉप और टैबलेट भी चार्ज करते हैं या भविष्य के लिए केबल लेना चाहते हैं, तो 100W USB-C केबल बेहतर विकल्प हो सकती है।

इसलिए अगली बार चार्जिंग केबल खरीदते समय सिर्फ उसकी लंबाई या रंग न देखें। उसकी पावर रेटिंग, चार्जिंग तकनीक और क्वॉलिटी भी जरूर जांचें। कई बार सिर्फ केबल बदलने से फोन पहले से काफी तेज चार्ज होने लगता है।