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ट्रंप ने स्टेज पर ही Nvidia CEO को किया फोन, कहा- AI से दुनिया खत्म होने का डर सिर्फ 'झूठ'

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने AI को लेकर बढ़ती चिंताओं पर बड़ा बयान दिया है। Nvidia CEO जेन्सेन हुआंग से लाइव कार्यक्रम के दौरान फोन पर बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि AI से इंसानों के खत्म होने का डर सिर्फ एक होएक्स है। उन्होंने डेटा सेंटर को भविष्य का नया तेल बताया और AI रेस में अमेरिका की बढ़त पर जोर दिया।

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डोनाल्ड ट्रंप ने स्टेज पर मौजूद जेन्सेन हुआंग को किया फोन (फोटो: रॉयटर्स)
डोनाल्ड ट्रंप ने स्टेज पर मौजूद जेन्सेन हुआंग को किया फोन (फोटो: रॉयटर्स)

In Short

  • ट्रंप ने लाइव इवेंट में Nvidia CEO को फोन कर AI खतरे की चिंताओं को खारिज किया।
  • AI विकास रोकने के खिलाफ ट्रंप, चीन से मुकाबले के लिए अमेरिका को आगे बताया।
  • डेटा सेंटर को भविष्य का नया तेल बताते हुए AI को बड़ी ताकत बताया।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर चल रही दुनिया भर की चिंताओं को खारिज कर दिया है। ट्रंप ने कहा है कि AI से इंसानों के अस्तित्व पर खतरे की बातें सिर्फ एक "होएक्स" यानी झूठ हैं। उन्होंने यह बयान Nvidia के CEO जेन्सेन हुआंग से लाइव कार्यक्रम के दौरान फोन पर बातचीत करते हुए दिया।

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दरअसल, लॉस एंजेलिस में आयोजित All-In Summit के दौरान Nvidia CEO जेन्सेन हुआंग एक लाइव पैनल चर्चा में हिस्सा ले रहे थे। इसी दौरान उनके मोबाइल पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फोन आया। हुआंग ने मंच पर ही फोन उठाया और उसे स्पीकर पर डाल दिया, ताकि वहां मौजूद लोग भी ट्रंप की बात सुन सकें।

फोन कॉल के दौरान ट्रंप ने हल्के-फुल्के अंदाज में हुआंग से मजाक भी किया। उन्होंने कहा कि जेन्सेन दुनिया की सबसे जटिल कंप्यूटर चिप बना सकते हैं, जिसे कोई कंपनी कई सालों तक कॉपी नहीं कर सकती, लेकिन वह यह नहीं समझ पाए कि फोन को स्पीकर पर कैसे डाला जाए।

AI को लेकर डर पर ट्रंप का बड़ा बयान

बातचीत के दौरान ट्रंप ने AI सुरक्षा को लेकर चल रही बहस पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग AI को इंसानों के लिए बड़ा खतरा बता रहे हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। ट्रंप ने कहा कि रोबोट दुनिया पर कब्जा नहीं करने वाले हैं और AI मानवता को खत्म नहीं करेगा।

उन्होंने कहा, "AI पूरी दुनिया पर कब्जा कर लेगा, यह बात सिर्फ एक होएक्स है।" ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका को AI के विकास की रफ्तार धीमी नहीं करनी चाहिए, क्योंकि इससे सबसे ज्यादा फायदा चीन को मिलेगा।

ट्रंप ने कहा कि अगर अमेरिका की कंपनियां AI के क्षेत्र में आगे बढ़ने से पीछे हटती हैं, तो चीन इससे खुश होगा। उन्होंने दावा किया कि AI की दौड़ में आगे रहने के लिए अमेरिका को तेजी से काम करना होगा।

डेटा सेंटर को बताया भविष्य का नया तेल

डोनाल्ड ट्रंप ने AI डेटा सेंटर को आने वाले समय की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि डेटा सेंटर न सिर्फ कंपनियों को मजबूत बनाएंगे, बल्कि राज्यों और अर्थव्यवस्था को भी फायदा पहुंचाएंगे।

ट्रंप ने कहा कि आने वाले 20 से 25 सालों में डेटा सेंटर उसी तरह महत्वपूर्ण होंगे, जैसे पहले तेल हुआ करता था। उन्होंने कहा कि जो देश AI की दौड़ में जीत हासिल करेगा, वही भविष्य में सबसे आगे रहेगा।

उन्होंने कहा कि इंटरनेट के बाद AI दुनिया की सबसे बड़ी तकनीकी क्रांति है और अमेरिका को इस मौके का फायदा उठाना चाहिए।

AI विकास पर रोक के खिलाफ ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि AI इंडस्ट्री को आगे बढ़ने देना चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि इस क्षेत्र में सावधानी जरूरी है। ट्रंप ने कहा कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए काम होना चाहिए, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि पूरी इंडस्ट्री को रोक दिया जाए।

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उन्होंने डेटा सेंटर निर्माण का विरोध करने वालों पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसे कदम उन लोगों को फायदा पहुंचा सकते हैं जो अमेरिका की तकनीकी प्रगति को रोकना चाहते हैं।

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका AI के क्षेत्र में पीछे नहीं रहेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि इस तकनीक का फायदा देश की कंपनियों, उद्योगों और आम लोगों तक पहुंचे।

जेन्सेन हुआंग ने कहा- AI रेस में अमेरिका जीतेगा

ट्रंप की बात का जवाब देते हुए Nvidia CEO जेन्सेन हुआंग ने कहा कि अमेरिका AI की दौड़ में आगे रहेगा। उन्होंने कहा कि Nvidia यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है कि AI क्रांति का लाभ हर उद्योग, हर कंपनी और हर व्यक्ति तक पहुंचे।

Nvidia इस समय AI इंडस्ट्री की सबसे अहम कंपनियों में शामिल है। कंपनी के बनाए अत्याधुनिक GPU का इस्तेमाल दुनिया भर के AI मॉडल और बड़े डेटा सेंटर में किया जाता है।

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AI सुरक्षा को लेकर बढ़ रही बहस

ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब AI के भविष्य को लेकर टेक इंडस्ट्री में बहस तेज हो गई है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से विकसित हो रही AI तकनीक पर कुछ नियम और सुरक्षा उपाय जरूरी हैं।

Anthropic के CEO डेरियो अमोडेई ने AI विकास को लेकर सावधानी बरतने और कुछ नियम बनाने की जरूरत बताई है। उनके विचारों का समर्थन OpenAI CEO सैम ऑल्टमैन और टेक अरबपति एलन मस्क जैसे लोगों ने भी किया है।

हालांकि ट्रंप अब तक अमेरिका की AI कंपनियों पर सख्त नियंत्रण लगाने के पक्ष में नहीं रहे हैं। उनका मानना है कि ज्यादा नियमों से अमेरिकी कंपनियों की रफ्तार कम हो सकती है और इसका फायदा दूसरे देशों को मिल सकता है।

इससे पहले भी ट्रंप AI सुरक्षा को लेकर बहस में अपनी राय रख चुके हैं। उन्होंने AI विकास को धीमा करने की मांगों पर सवाल उठाए थे। वहीं OpenAI CEO सैम ऑल्टमैन ने भी कहा है कि कंपनियों को AI विकसित करते समय जिम्मेदारी से काम करना होगा, भले ही सरकार की ओर से कोई सख्त नियम न हों।

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