scorecardresearch

चंद्रयान-3 पहुंचा चांद के बहुत करीब, इसरो ने दी बड़ी जानकारी

चंद्रयान-3 तेजी से अपने चांद की ओर बढ़ रहा है. इसरो ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है कि चंद्रयान-3 ने चांद की तीसरी कक्षा में प्रवेश कर लिया है। इसकी कक्षा घटकर अब 174 किमी x 1437 किमी रह गई है। इसरो से मिले अपडेट के अनुसार, चंद्रयान के ऑर्बिट को एक बार फिर से सफलतापूर्वक बदल दिया गया है।

Advertisement
चंद्रयान ने चांद की  तीसरी कक्षा में प्रवेश कर लिया है।
चंद्रयान ने चांद की तीसरी कक्षा में प्रवेश कर लिया है।

चंद्रयान-3 अब चांद से कुछ ही दूरी पर है। चंद्रयान के ऑर्बिट को एक बार फिर से सफलतापूर्वक बदल दिया गया है। इसरो ने ट्वीट कर लाइव लोकेशन शेयर की है।14 जुलाई को आंध्र प्रदेश के सतीश धवन स्पेस सेंटर से निकला चंद्रयान-3 लगातार चांद के करीब पहुंचता जा रहा है।  23-24 अगस्त को इसके चांद की सतह पर पहुंचने की खबर है। इस बीच हम सबको यह जानने की उत्सुक्ता है कि चंद्रयान इस वक्त कहां तक पहुंचा होगा। तो आज हम आपको बताएंगे चंद्रयान का लाइव लोकेशन।

advertisement
चंद्रयान-3 अब चांद से कुछ ही दूरी पर है।
चंद्रयान-3 अब चांद से कुछ ही दूरी पर है।

चंद्रयान-3 तेजी से अपने चांद की ओर बढ़ रहा है। इसरो ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है कि चंद्रयान-3 ने चांद की तीसरी कक्षा में प्रवेश कर लिया है। इसकी कक्षा घटकर अब 174 किमी x 1437 किमी रह गई है। इसरो से मिले अपडेट के अनुसार, चंद्रयान के ऑर्बिट को एक बार फिर से सफलतापूर्वक बदल दिया गया है।

चंद्रयान-3 तेजी से अपने चांद की ओर बढ़ रहा है।
चंद्रयान-3 तेजी से अपने चांद की ओर बढ़ रहा है।

चंद्रयान-3 ने  5 अगस्त को चांद की पहली कक्षा में प्रवेश किया था। इस समय चंद्रयान ने चांद की  तीसरी कक्षा में प्रवेश कर लिया है। इसके बाद अगला ऑपरेशन 14 अगस्त 2023 को 11:30 से 12:30 बजे के बीच किया जाएगा। 23 अगस्‍त की शाम को करीब 5:47 बजे तक इसके लैंडिंग की खबर है।

चंद्रयान-3 ने चांद की तीसरी कक्षा में प्रवेश कर लिया है।
चंद्रयान-3 ने चांद की तीसरी कक्षा में प्रवेश कर लिया है।

चंद्रयान 3 के जरिए भारत चांद से संबंधित बहुत सी जानकारी प्राप्त करना  चाहता है। चंद्रयान 3 मिलने वाली चांद की सतह की तस्वीरों से तमाम रहस्‍यों से पता लगाया जा सकेगा। इसके जरिए वातावरण, मौसम, खनिज और मिट्टी से जुड़ी अनेकों जानकारियां हासिल की जा सकेगी। चांद पर पानी की खोज करना भी इसका एक अहम् लक्ष्य है।