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अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का नया प्लान, अब मोबाइल कंपोनेंट्स पर होगा बड़ा फोकस

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत अब सिर्फ स्मार्टफोन असेंबल करने से आगे बढ़ रहा है। देश में बैटरी मटेरियल, कंपोनेंट्स और स्मार्टफोन के अन्य हिस्सों के निर्माण पर फोकस बढ़ाया जा रहा है। सिंथेटिक ग्रेफाइट, एसिटिलीन ब्लैक, कैमरा, डिस्प्ले और PCB जैसे कंपोनेंट्स भी भारत में बनेंगे।

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In Short

  • भारत अब सिर्फ स्मार्टफोन असेंबल नहीं करेगा, बल्कि कंपोनेंट्स और मटेरियल मैन्युफैक्चरिंग पर बढ़ा रहा फोकस।
  • लिथियम-आयन बैटरी के लिए सिंथेटिक ग्रेफाइट और एसिटिलीन ब्लैक जैसे मटेरियल भारत में बनाने की तैयारी।
  • कैमरा, डिस्प्ले, स्पीकर, PCB और कनेक्टर जैसे स्मार्टफोन कंपोनेंट्स का घरेलू उत्पादन बढ़ाया जा रहा है।

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि भारत अब सिर्फ स्मार्टफोन असेंबल करने तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि फोन में इस्तेमाल होने वाले अलग-अलग कंपोनेंट्स, सब-कंपोनेंट्स और मटेरियल का निर्माण भी देश में बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई पोस्ट के जरिए भारत की इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग की अगली दिशा के बारे में जानकारी दी।

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मंत्री ने कहा कि भारत पहले ही फोन बना रहा है, लेकिन अब लक्ष्य फोन के अंदर इस्तेमाल होने वाली चीजों को भी देश में बनाना है। उन्होंने इसे #MakeInIndia की यात्रा का अगला चरण बताया।

बैटरी के अंदर इस्तेमाल होने वाले मटेरियल पर फोकस

अश्विनी वैष्णव ने बताया कि स्मार्टफोन की बैटरी में इस्तेमाल होने वाले मटेरियल के निर्माण पर भी ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने लिथियम-आयन बैटरी सेल को एक ऐसे क्षेत्र के रूप में बताया, जहां भारत में घरेलू निर्माण बढ़ रहा है।

इसके बाद अब बैटरी सेल के अंदर इस्तेमाल होने वाले मटेरियल के उत्पादन पर भी काम हो रहा है। इनमें सिंथेटिक ग्रेफाइट शामिल है, जिसका इस्तेमाल लिथियम-आयन बैटरी के एनोड में किया जाता है। मंत्री ने कहा कि अब यह मटेरियल भी भारत में बनाया जाएगा।

बैटरी की परफॉर्मेंस बढ़ाने वाले मटेरियल भी बनेंगे

वैष्णव ने लिथियम-आयन बैटरी में इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रोलाइट का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस लिक्विड में खास एडिटिव्स का इस्तेमाल होता है, जो बैटरी की परफॉर्मेंस सुधारने और उसकी लाइफ बढ़ाने में मदद करते हैं। अब ऐसे मटेरियल भी भारत के मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम का हिस्सा बन रहे हैं।

प्रतीकात्मक तस्वीर

उन्होंने एसिटिलीन ब्लैक का भी जिक्र किया, जो बैटरी के अंदर बिजली के प्रवाह को बेहतर बनाने में मदद करता है। मंत्री ने कहा कि यह छोटा मटेरियल है, लेकिन इसका काम काफी महत्वपूर्ण है।

कैमरा, डिस्प्ले और PCB जैसे कंपोनेंट्स पर भी बढ़ रहा काम

मंत्री ने बताया कि भारत में मैन्युफैक्चरिंग का विस्तार सिर्फ बैटरी तक सीमित नहीं है। स्मार्टफोन के कई दूसरे हिस्सों का निर्माण भी बढ़ाया जा रहा है।

इनमें कैमरा, डिस्प्ले, स्पीकर, कॉइल, एनक्लोजर, प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (PCB) और कनेक्टर जैसे कंपोनेंट्स शामिल हैं। ये सभी स्मार्टफोन बनाने वाली पूरी सप्लाई चेन का अहम हिस्सा हैं।

वैल्यू चेन में आगे बढ़ने पर जोर

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत का लक्ष्य सिर्फ ज्यादा संख्या में तैयार फोन बनाना नहीं है, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग की वैल्यू चेन में और गहराई तक जाना है।

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उन्होंने कहा कि #MakeInIndia की यात्रा अब और ज्यादा कंपोनेंट्स और मटेरियल को देश में बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। मंत्री ने कहा कि आने वाला समय भारत में और ज्यादा चीजें बनाने का है।