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बाजार में बिकवाली के बीच चमका ज़ी मीडिया का शेयर! Q3 नतीजों के बाद 10% उछला भाव

दिसंबर 2025 तिमाही (Q3FY26) के नतीजों के बाद शुक्रवार, 13 फरवरी को कंपनी का शेयर इंट्रा-डे कारोबार में 10% से ज्यादा चढ़ गया। दोपहर 1:15 बजे तक शेयर एनएसई पर 8.40% या 0.79 रुपये की तेजी के साथ 10.19 रुपये पर ट्रेड कर रहा था।

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जहां एक तरफ एआई को लेकर आईटी शेयरों में मची बिकवाली से सेंसेक्स और निफ्टी 1% से ज्यादा टूटे, वहीं दूसरी ओर ज़ी मीडिया कॉर्पोरेशन लिमिटेड (Zee Media Corporation Ltd) के शेयर ने बाजार को चौंका दिया।

दिसंबर 2025 तिमाही (Q3FY26) के नतीजों के बाद शुक्रवार, 13 फरवरी को कंपनी का शेयर इंट्रा-डे कारोबार में 10% से ज्यादा चढ़ गया। दोपहर 1:15 बजे तक शेयर एनएसई पर 8.40% या 0.79 रुपये की तेजी के साथ 10.19 रुपये पर ट्रेड कर रहा था और बीएसई पर शेयर 8.20% या 0.77 रुपये चढ़कर 10.16 रुपये पर कारोबार कर रहा था।

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घाटे से मुनाफे में वापसी

कंपनी ने Q3FY26 में 5,277 लाख रुपये का कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को 2,421 लाख रुपये का घाटा हुआ था। यानी एक साल में कंपनी ने जोरदार टर्नअराउंड दिखाया।

ऑपरेशंस से आय 50.72% बढ़कर 24,032 लाख रुपये पर पहुंच गई, जो पिछले साल 15,945 लाख रुपये थी। इस तेज ग्रोथ में नए इनकम स्ट्रीम्स की बड़ी भूमिका रही। खास तौर पर कंटेंट आर्काइव लाइसेंसिंग से 8,019 लाख रुपये की आमदनी हुई।

स्टैंडअलोन प्रदर्शन भी मजबूत

स्टैंडअलोन आधार पर कंपनी की आय 11,735 लाख रुपये रही, जो लगभग स्थिर रही। हालांकि मुनाफे में बड़ा सुधार दिखा। स्टैंडअलोन PAT 36 लाख रुपये से बढ़कर 640 लाख रुपये हो गया।

कंपनी ने खर्चों पर सख्ती दिखाई। कुल खर्च घटकर 140.72 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले साल की समान तिमाही में 144.13 करोड़ रुपये था। 

नौ महीने के आंकड़े भी बेहतर

31 दिसंबर 2025 को समाप्त नौ महीनों (9MFY26) में कंपनी ने 2,843 लाख रुपये का कंसॉलिडेटेड PAT दर्ज किया। पिछले साल इसी अवधि में 8,266 लाख रुपये का घाटा था।

नौ महीने में ऑपरेशंस से आय बढ़कर 458.98 करोड़ रुपये हो गई, जो एक साल पहले 337.40 करोड़ रुपये थी। इससे साफ है कि कंपनी का ऑपरेशनल प्रदर्शन लगातार सुधर रहा है।

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। BT Bazaar अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।