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ब्लैक मंडे! 1% से ज्यादा टूटा सेंसेक्स और निफ्टी - ₹4.32 लाख करोड़ साफ, इन कारणों से गिरा शेयर बाजार

बीएसई लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4.32 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा घटा है। बाजार पर एक साथ कई निगेटिव संकेत के कारण दबाव बना है जिनमें कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, पश्चिम एशिया संकट, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील प्रमुख है।

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AI Generated Image

Why stock market is falling today: घरेलू शेयर बाजार में सोमवार को भारी बिकवाली देखने को मिली। सुबह 11:17 बजे तक सेंसेक्स 1.19% या 920.07 अंक टूटकर 76,408.12 अंक पर ट्रेड कर रहा था और एनएसई 1.07% या 257.55 पॉइंट गिरकर 23,918.60 अंक पर कारोबार कर रहा था।

बीएसई लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4.32 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा घटा है। बाजार पर एक साथ कई निगेटिव संकेत के कारण दबाव बना है जिनमें कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, पश्चिम एशिया संकट, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील प्रमुख है। चलिए जानते हैं किन-किन कारणों से बाजार टूटा है। 

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1) कच्चे तेल में उछाल से बढ़ी चिंता

जियोजित इंवेस्टमेंट के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के शांति प्रस्ताव को खारिज करने के बाद पश्चिम एशिया संकट सुलझने की उम्मीद फिर कमजोर पड़ गई है। इसके चलते ब्रेंट क्रूड 5 फीसदी उछलकर 105 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, जिससे भारत के चालू खाते के घाटे पर दबाव बढ़ने की आशंका है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेट्रोल-डीजल, सोना, केमिकल फर्टिलाइजर और खाद्य तेल की खपत कम करने की अपील मौजूदा आर्थिक दबाव को देखते हुए संकट मैनेजमेंट का कदम है। विजयकुमार के मुताबिक इसका FY27 की आर्थिक वृद्धि पर हल्का निगेटिव असर पड़ सकता है।

2) गोल्ड और ट्रैवल सेक्टर के शेयर दबाव में

प्रधानमंत्री मोदी ने हैदराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान लोगों से गैर-जरूरी विदेशी यात्राएं टालने और अगले एक साल तक शादी-ब्याह के लिए सोना खरीदने से बचने की अपील की। इसके बाद ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट आई। Titan Company, Kalyan Jewellers और Senco Gold जैसे शेयर दबाव में रहे।

HDFC Securities के हेड ऑफ प्राइम रिसर्च देवार्ष वकील ने कहा कि बढ़ती कच्चे तेल की कीमतें और वैश्विक अस्थिरता भारत के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव डाल रही हैं। ऐसे में सोने के आयात और विदेशी यात्राओं पर खर्च घटाने से विदेशी मुद्रा बचाने में मदद मिल सकती है।

3) बाजार में बढ़ा डर, VIX उछला

भू-राजनीतिक तनाव के बीच India VIX करीब 11.89 फीसदी उछलकर 18.84 पर पहुंच गया, जो अगले 30 दिनों में बाजार में अधिक उतार-चढ़ाव का संकेत देता है।

Choice Equity Broking के टेक्निकल एनालिस्ट आकाश शाह ने कहा कि निफ्टी के मोमेंटम इंडिकेटर कमजोर पड़ने लगे हैं। RSI में bearish crossover दिखा है, जबकि MACD अब भी पॉजिटिव जोन में है, लेकिन तेजी की ताकत घटती नजर आ रही है।

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। BT Bazaar अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।