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₹899 करोड़ मार्केट कैप वाली कंपनी ने बनाई नई डिफेंस सब्सिडियरी, एयरोस्पेस से AI तक बढ़ाएगी कारोबार

MIC Electronics ने डिफेंस सेक्टर में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने एक नई पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी शुरू की है, जो डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स, एयरोस्पेस, AI, साइबर सिक्योरिटी और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में काम करेगी। इस फैसले के बाद कंपनी के कारोबार विस्तार पर निवेशकों की नजर है।

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899.46 करोड़ रुपये के मार्केट कैप वाली स्मॉल कैप कंपनी, एमआईसी इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (MIC Electronics Ltd) का शेयर आज निवेशकों के रडार पर है। कंपनी ने बीते बुधवार को बाजार बंद होने के बाद अपने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया था कि उसने अपनी नई पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी (Wholly-owned Subsidiary) MIC Defence Systems Private Limited को शामिल किया है।

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कंपनी को इसका Certificate of Incorporation 31 अगस्त 2026 को Registrar of Companies, Central Registration Centre, Ministry of Corporate Affairs से मिला है। इससे पहले 31 जुलाई 2026 को कंपनी के बोर्ड ने इस सब्सिडियरी को शुरू करने और इसमें शुरुआती तौर पर ₹10 लाख तक निवेश करने की मंजूरी दी थी।

फाइलिंग में कंपनी ने बतााय कि MIC Defence Systems में MIC Electronics की 100% हिस्सेदारी होगी। नई कंपनी का कारोबार डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स, डिफेंस सिस्टम, एयरोस्पेस, होमलैंड सिक्योरिटी, अनमैन्ड सिस्टम, कम्युनिकेशन सिस्टम, सर्विलांस सॉल्यूशन, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डिफेंस टेक्नोलॉजी, साइबर सिक्योरिटी और इससे जुड़े अन्य प्रोडक्ट्स व सर्विसेज के क्षेत्र में होगा। यह कंपनी MIC Electronics की संबंधित पक्ष (Related Party) भी मानी जाएगी, क्योंकि यह उसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है।

MIC Electronics Share Price

कंपनी का शेयर आज सुबह 10:58 बजे तक बीएसई और एनएसई पर 2% या 0.76 रुपये गिरकर 37.32 रुपये पर कारोबार कर रहा था।

कंपनी ने हाल ही में दी थी ये जानकारी

हाल ही में कंपनी ने अपने फाइलिंग में बताया था कि उसने भारतीय रेलवे के लिए IPIS v2.0 प्रोजेक्ट का डेवलपमेंट वर्क शुरू कर दिया है और यह तय योजना के अनुसार आगे बढ़ रहा है।

कंपनी ने बताया कि उसने प्रोडक्ट का आर्किटेक्चर तैयार कर लिया है और हार्डवेयर, फर्मवेयर तथा नेटवर्क मैनेजमेंट सिस्टम (NMS) सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट पर अलग-अलग टीमें एक साथ काम कर रही हैं।

कंपनी के मुताबिक प्रोजेक्ट के सभी प्रमुख डेवलपमेंट चरणों में अच्छी डेवलपमेंट हुई है और अब यह प्रोडक्ट तैयार करने और डिलीवरी की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

मजबूत रहे थे Q4 नतीजे

कंपनी ने मार्च तिमाही के नतीजों में बताया था कि Q4FY26 में उसका परिचालन से राजस्व 50.79 करोड़ रुपये रहा जो पिछले साल की इसी तिमाही में 12.63 करोड़ रुपये था। मार्च तिमाही में कंपनी का कुल खर्च बढ़कर 40.24 करोड़ रुपये रहा जो एक साल पहले 11.34 करोड़ रुपये था। अगर प्रॉफिट की बात करें तो Q4 में कंपनी का प्रॉफिट 18.41 करोड़ रुपये रहा जो एक साल पहले की समान तिमाही में 1.42 करोड़ रुपये था।

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Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। BT Bazaar अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।