महंगे मिडकैप-स्मॉलकैप शेयरों से रहें सतर्क, बेहतर वैल्यूएशन वाले लार्जकैप चुनें: देवेन चोकसी
बिजनेस टुडे के एक शो में सीनियर एंकर साक्षी बत्रा के सवालों का जवाब देते हुए देवेन चोकसी ने कहा कि उम्मीद से बेहतर तिमाही नतीजे, विदेशी निवेशकों (FPI) की वापसी और घरेलू निवेशकों की लगातार खरीदारी बाजार को सहारा दे रही है।

DR Choksey FinServ के प्रबंध निदेशक देवेन चोकसी का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार में अभी भी चुनिंदा निवेश के अच्छे अवसर मौजूद हैं। बिजनेस टुडे के एक शो में सीनियर एंकर साक्षी बत्रा के सवालों का जवाब देते हुए देवेन चोकसी ने कहा कि उम्मीद से बेहतर तिमाही नतीजे, विदेशी निवेशकों (FPI) की वापसी और घरेलू निवेशकों की लगातार खरीदारी बाजार को सहारा दे रही है।
हालांकि उन्होंने निवेशकों को महंगे मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में सतर्क रहने और उचित वैल्यूएशन वाले मजबूत लार्जकैप शेयरों पर ध्यान देने की सलाह दी है।
मजबूत नतीजों और FPI की वापसी से बाजार को सहारा
चोकसी ने कहा कि चुनौतीपूर्ण कारोबारी माहौल के बावजूद पहली तिमाही के नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे हैं और अब तक कोई बड़ा निगेटिव सरप्राइज देखने को नहीं मिला। उन्होंने यह भी कहा कि लंबे समय तक सतर्क रहने के बाद विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) भारतीय शेयर बाजार में लौटते दिखाई दे रहे हैं।
उनके अनुसार, घरेलू निवेशक अब भी मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में खरीदारी कर रहे हैं, जिससे व्यापक बाजार को मजबूती मिल रही है। लेकिन इन दोनों श्रेणियों में वैल्यूएशन अब मूलभूत कारकों से आगे निकल चुके हैं।
चोकसी ने कहा, "जब अच्छी क्विलिटी वाले शेयर आकर्षक वैल्यूएशन पर उपलब्ध हों, तो उन्हें पोर्टफोलियो में शामिल करने का यही सही समय है।"
रुपये की कमजोरी बनी चिंता
चोकसी के मुताबिक, रुपये की कमजोरी बाजार के लिए प्रमुख जोखिमों में से एक है। उनका कहना है कि रुपये को स्थिर होना चाहिए और संभव हो तो डॉलर के मुकाबले 91 रुपये के स्तर की ओर लौटना चाहिए, ताकि बाजार की संवेदनशीलता कम हो सके।
हालांकि उन्होंने माना कि करेंसी से जुड़ा बड़ा असर पहले ही बाजार में दिख चुका है, लेकिन यदि रुपया और कमजोर होता है तो इसका असर शेयर बाजार पर पड़ सकता है।
बैंकिंग शेयरों पर जताया भरोसा
चोकसी बैंकिंग सेक्टर को लेकर सबसे ज्यादा सकारात्मक हैं। उनके मुताबिक, इस क्षेत्र में वैल्यूएशन आकर्षक हैं, क्रेडिट ग्रोथ सुधर रही है और कंपनियों के नतीजे भी उम्मीद से बेहतर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कारोबार बढ़ने और कंपनियों की वर्किंग कैपिटल जरूरतें बढ़ने से बैंक ऋण की मांग मजबूत हो रही है। साथ ही, मजबूत रिटेल खपत निजी बैंकों और बड़े NBFCs के कारोबार को भी सहारा दे रही है।
LIC पर क्या है राय?
LIC को लेकर चोकसी का कहना है कि कंपनी के बुनियादी पहलू मजबूत हैं और शेयर में गिरावट का बड़ा हिस्सा पहले ही वैल्यूएशन में शामिल हो चुका है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि बाजार में लगातार शेयरों की आपूर्ति निकट अवधि में इसकी तेजी को सीमित कर सकती है।
उन्होंने निवेशकों को सलाह दी कि वे मजबूत बुनियादी स्थिति और उचित वैल्यूएशन वाले लार्जकैप शेयरों को प्राथमिकता दें, जबकि महंगे मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में निवेश करते समय सतर्क रहें।

