इस AI टेक कंपनी के शेयर में अच्छी तेजी! 4% से ज्यादा चढ़ा भाव - सरकारी हेल्थकेयर प्रोजेक्ट से मिला बड़ा ऑर्डर
सुबह 10:31 बजे तक स्टॉक बीएसई पर 4.04% या 0.74 रुपये चढ़कर 19.05 रुपये पर कारोबार कर रहा था। कंपनी ने आज अपने फाइलिंग में बताया कि उसे सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (CEL), जो भारत सरकार की कंपनी है, से एक ऑर्डर मिला है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित एंटरप्राइज सॉल्यूशंस पर काम करने वाला टेक कंपनी, ब्लू क्लाउड सॉफ्टेक सॉल्यूशंस लिमिटेड (Blue Cloud Softech Solutions Ltd) ने आज अपने लेटेस्ट एक्सचेंज फाइलिंग में बड़ी जानकारी दी है जिसके बाद कंपनी का शेयर 4% से ज्यादा चढ़कर ट्रेड कर रहा है।
सुबह 10:31 बजे तक स्टॉक बीएसई पर 4.04% या 0.74 रुपये चढ़कर 19.05 रुपये पर कारोबार कर रहा था। कंपनी ने आज अपने फाइलिंग में बताया कि उसे सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (CEL), जो भारत सरकार की कंपनी है, से एक ऑर्डर मिला है।
इस ऑर्डर के तहत ब्लू क्लाउड सॉफ्टेक सॉल्यूशंस लिमिटेड (BCSSL) तेलंगाना आरोग्यश्री हेल्थकेयर सिस्टम में अपने 'Access Genie AI' प्लेटफॉर्म को लागू करेगी। कंपनी इस प्रोजेक्ट में एआई आधारित एक्सेस सिस्टम लगाने के साथ-साथ फील्ड सर्वे और एंड-कस्टमर सर्वे का काम भी करेगी। हालांकि, कंपनी ने अभी इस ऑर्डर की रकम का खुलासा नहीं किया है।
कंपनी ने बताया कि यह प्रोजेक्ट BCSSL के लिए सरकारी हेल्थकेयर सेक्टर में एक अहम शुरुआत माना जा रहा है, जिससे आगे दूसरे राज्यों में भी ऐसे अवसर मिल सकते हैं। इस प्लेटफॉर्म में फेस रिकग्निशन, फिंगरप्रिंट और आईरिस स्कैन जैसी सुविधाएं, संदिग्ध गतिविधियों की पहचान, मरीजों की सुरक्षा के लिए अलर्ट सिस्टम और रियल-टाइम डेटा मॉनिटरिंग जैसे फीचर्स शामिल हैं।
कंपनी का कहना है कि इस तकनीक से अस्पतालों में सुरक्षा बेहतर होगी, कामकाज ज्यादा स्मार्ट और तेज होगा, और लागत में भी कमी आ सकती है। इसके अलावा, एआई के जरिए डेटा एनालिसिस और मॉनिटरिंग से हेल्थकेयर सिस्टम को ज्यादा प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
कंपनी के ग्रुप चेयरमैन तेजेश कोडाली ने कहा कि यह प्रोजेक्ट कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण उदाहरण (रेफरेंस) साबित हो सकता है, जिससे भारत के अन्य सरकारी हेल्थकेयर प्रोग्राम्स में भी ऐसे मौके मिल सकते हैं। उन्होंने बताया कि तेलंगाना आरोग्यश्री सिस्टम में Access Genie AI लागू करके कंपनी अस्पतालों की निगरानी, मरीजों की सुरक्षा और कामकाज की दक्षता में सुधार दिखाना चाहती है। साथ ही, इसका लक्ष्य एक ऐसा मॉडल तैयार करना है जिसे देश के अन्य राज्यों में भी आसानी से लागू किया जा सके।

