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अपोलो माइक्रो सिस्टम्स को भारत सरकार से मिला गोला-बारूद बनाने का लाइफटाइम लाइसेंस, शेयर 16% उछला

अपोलो माइक्रो सिस्टम्स के शेयरों में तेज उछाल आया, क्योंकि कंपनी को भारत सरकार से अम्युनिशन मैन्युफैक्चरिंग का लाइफटाइम लाइसेंस मिला है। इसके तहत कंपनी मिसाइल, टॉरपीडो और अन्य डिफेंस सिस्टम बना सकेगी, जिससे उसके बिजनेस और ग्रोथ संभावनाओं को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

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AI Generated Image

Defence Stock: शुक्रवार को डिफेंस स्टॉक, अपोलो माइक्रो सिस्टम्स लिमिटेड (Apollo Micro Systems Ltd) के शेयर में शानदार तेजी देखने को मिल रही है। दोपहर 2:09 बजे तक स्टॉक एनएसई पर 16.20% या 39.22 रुपये चढ़कर 281.39 रुपये पर कारोबार कर रहा था और बीएसई पर स्टॉक 16.08% या 38.95 रुपये की तेजी के साथ 281.25 रुपये पर कारोबार कर रहा था।

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कंपनी ने आज अपने लेटेस्ट एक्सचेंज फाइलिंग में बड़ी जानकारी दी है जिसके बाद स्टॉक में यह तगड़ी तेजी देखने को मिल रही है।

भारत सरकार से मिला लाइफटाइम के लिए बड़ा लाइसेंस

कंपनी ने आज अपने लेटेस्ट एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि उसे भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के DPIIT से गोला-बारूद (अम्युनिशन) बनाने का लाइसेंस मिला है।

कंपनी ने आगे बताया कि यह लाइसेंस 10 अप्रैल 2026 को जारी हुआ है और इसकी वैधता लाइफटाइम है। इसके तहत कंपनी को मिसाइल, एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (ATGM), टॉरपीडो, अंडरवाटर माइंस, एरियल बम, रॉकेट और लोइटरिंग म्यूनिशन जैसे हाई-वैल्यू डिफेंस प्रोडक्ट्स के निर्माण, असेंबली, इंटीग्रेशन और टेस्टिंग की अनुमति मिल गई है।

यह मैन्युफैक्चरिंग कंपनी की हैदराबाद स्थित दो यूनिट्स- मामिडीपल्ली और मल्लापुर में की जाएगी। इस लाइसेंस के साथ कंपनी अब केवल एम्बेडेड सिस्टम्स सप्लायर नहीं रही, बल्कि पूरी तरह से एंड-टू-एंड डिफेंस प्लेटफॉर्म मैन्युफैक्चरर बन गई है, जिससे उसके बिजनेस और रेवेन्यू मॉडल में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।

Q4 Business Update

चौथी तिमाही के बिजनेस अपडेट देते हुए कंपनी ने हाल ही में बताया था कि अपोलो माइक्रो सिस्टम्स ने लिम्पेट माइन के ब्लास्ट ट्रायल सफलतापूर्वक पूरे कर लिया है। ये लिम्पेट माइन गोताखोरों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली नेवल डिफेंस सिस्टम है।

कंपनी ने यह भी बताया कि यह उपलब्धि खास इसलिए है क्योंकि यह प्रोडक्ट विकसित करने वाली कंपनी भारत की पहली और इकलौती कंपनी बन गई है। इस सफलता के साथ कंपनी अब उथले पानी, गहरे पानी और लिम्पेट माइन- तीनों तरह की अंडरवॉटर माइन टेक्नोलॉजी उपलब्ध कराने की स्थिति में आ गई है, जिससे उसकी अंडरवॉटर इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम में पकड़ और मजबूत होगी।

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। BT Bazaar अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।