मजबूत तिमाही नतीजों के बाद रॉकेट बना डिफेंस शेयर! मुनाफा 161% उछला, 9% चढ़कर बंद हुआ स्टॉक
कंपनी का शेयर आज बीएसई पर 8.73% या 25.70 रुपये चढ़कर 319.95 रुपये पर बंद हुआ और एनएसई पर स्टॉक 8.64% या 25.45 रुपये चढ़कर 320 रुपये पर बंद हुआ।

एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर की कंपनी, अपोलो माइक्रो सिस्टम्स लिमिटेड (Apollo Micro Systems Ltd) के शेयर में आज करीब 9% चढ़कर बंद हुआ है।
कंपनी का शेयर आज बीएसई पर 8.73% या 25.70 रुपये चढ़कर 319.95 रुपये पर बंद हुआ और एनएसई पर स्टॉक 8.64% या 25.45 रुपये चढ़कर 320 रुपये पर बंद हुआ।
शेयर में आज यह तेजी कंपनी के मजबूत तिमाही नतीजों के कारण रही। दरअसल, कंपनी ने अपने लेटेस्ट एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि Q4FY26 में परिचालन से राजस्व 26.87% बढ़कर 205.22 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो एक साल पहले समान तिमाही में 161.76 करोड़ रुपये था।
वहीं कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) सालाना आधार पर 161.64% की जोरदार बढ़त के साथ 37.44 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल समान तिमाही में यह 14.31 करोड़ रुपये था।
हाल ही में मिले हैं कई ऑर्डर
कंपनी ने हाल ही में बताया था कि उसे अपने सामान्य कारोबार के तहत कई नए ऑर्डर प्राप्त हुए हैं। कंपनी को रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) से ₹17.47 करोड़, पब्लिक सेक्टर डिफेंस अंडरटेकिंग्स से ₹9.52 करोड़ और प्राइवेट कंपनियों से ₹24.01 करोड़ के ऑर्डर मिले हैं। इस तरह कंपनी को कुल ₹51.02 करोड़ के नए ऑर्डर हासिल हुए हैं।
इस चीज के लिए मिला था लाइफटाइम लाइसेंस
कंपनी ने हाल ही में अपने लेटेस्ट एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि उसे भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के DPIIT से गोला-बारूद (अम्युनिशन) बनाने का लाइसेंस मिला है।
कंपनी ने आगे बताया कि यह लाइसेंस 10 अप्रैल 2026 को जारी हुआ है और इसकी वैधता लाइफटाइम है। इसके तहत कंपनी को मिसाइल, एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (ATGM), टॉरपीडो, अंडरवाटर माइंस, एरियल बम, रॉकेट और लोइटरिंग म्यूनिशन जैसे हाई-वैल्यू डिफेंस प्रोडक्ट्स के निर्माण, असेंबली, इंटीग्रेशन और टेस्टिंग की अनुमति मिल गई है।
यह मैन्युफैक्चरिंग कंपनी की हैदराबाद स्थित दो यूनिट्स- मामिडीपल्ली और मल्लापुर में की जाएगी। इस लाइसेंस के साथ कंपनी अब केवल एम्बेडेड सिस्टम्स सप्लायर नहीं रही, बल्कि पूरी तरह से एंड-टू-एंड डिफेंस प्लेटफॉर्म मैन्युफैक्चरर बन गई है, जिससे उसके बिजनेस और रेवेन्यू मॉडल में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।

