
घर आपका नहीं तो सामान भी सुरक्षित नहीं? Renters Insurance को लेकर जान लें ये जरूरी बात
किराए के घर या PG में रहने वाले लोगों को अक्सर लगता है कि उनका सामान सुरक्षित है, लेकिन ऐसा हमेशा नहीं होता। Insurance Samadhan के दीपक उनियाल के मुताबिक, किराएदारों के निजी सामान का इंश्योरेंस तभी मिलता है जब अलग से पॉलिसी ली गई हो या अतिरिक्त कवर मौजूद हो।

In Short
- किराए के घर या PG में रहने वालों का सामान अक्सर इंश्योरेंस कवर से बाहर रह जाता है।
- Insurance Samadhan के दीपक उनियाल ने बताया, किराएदारों को अपने सामान के लिए अलग पॉलिसी लेनी चाहिए।
- आग, बाढ़ या बिल्डिंग नुकसान जैसी स्थिति में बिना इंश्योरेंस किराएदारों को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
भारत में होम इंश्योरेंस की कमी सिर्फ घर मालिकों तक सीमित नहीं है, बल्कि किराए के घरों और PG में रहने वाले लोगों के सामान पर भी इसका बड़ा असर पड़ता है। बिजनेस टुडे के एक शो में सीनियर एंकर साक्षी बत्रा के सवालों का जवाब देते हुए Insurance Samadhan के दीपक उनियाल ने कहा कि किराएदारों के निजी सामान का इंश्योरेंस तभी हो पाता है, जब उन्होंने खुद अलग से पॉलिसी ली हो या प्रॉपर्टी मालिक ने अतिरिक्त कवर लिया हो।
किराएदारों के लिए सुरक्षा का दायरा कमजोर
दीपक उनियाल के मुताबिक, किराए के घर में रहने वाले लोगों के सामान को कवर करने के दो तरीके हो सकते हैं। पहला, किराएदार खुद अपने नाम से इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदें। दूसरा, मकान मालिक की प्रॉपर्टी इंश्योरेंस पॉलिसी में ऐसा एड-ऑन राइडर शामिल हो, जिससे वहां रहने वाले लोगों के सामान को भी सुरक्षा मिल सके।
हालांकि, उन्होंने कहा कि असल जिंदगी में ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है। उन्होंने बताया कि जब देश में लोग अपने घरों का ही पर्याप्त इंश्योरेंस नहीं करा रहे हैं, तो किराए पर रहने वाले लोगों के सामान का इंश्योरेंस होने की संभावना और भी कम हो जाती है।
नुकसान सिर्फ घर तक सीमित नहीं रहता
बिल्डिंग गिरने, आग लगने, बाढ़ या किसी अन्य दुर्घटना की स्थिति में किराएदारों को सिर्फ रहने की जगह का नुकसान नहीं होता, बल्कि उनका निजी सामान भी प्रभावित हो सकता है।

इसमें इलेक्ट्रॉनिक सामान, फर्नीचर, पढ़ाई से जुड़ा सामान, जरूरी दस्तावेज और दूसरी निजी चीजें शामिल हो सकती हैं। अगर अलग से इंश्योरेंस नहीं लिया गया है तो ऐसे नुकसान की भरपाई करना मुश्किल हो सकता है।
खुद का इंश्योरेंस लेना बेहतर ऑप्शन
दीपक उनियाल ने कहा कि ऐसी स्थिति में किराएदारों के लिए बेहतर विकल्प यही होगा कि वे अपना इंश्योरेंस खुद लें। उन्होंने यह भी बताया कि छात्रों के लिए अलग तरह के इंश्योरेंस प्रोडक्ट उपलब्ध होते हैं, जो युवा किराएदारों के लिए उपयोगी हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि कुछ लोग ऐसे कवर पहले से ले चुके होते हैं, लेकिन ज्यादातर किराएदारों के पास अपने सामान की सुरक्षा के लिए कोई अलग पॉलिसी नहीं होती।
किराएदारों को समझना होगा इंश्योरेंस का महत्व
किराए के घर में रहना अपने आप में यह गारंटी नहीं देता कि आपका सामान इंश्योर्ड है। पॉलिसी में अगर साफ तौर पर सामान की सुरक्षा का प्रावधान नहीं है, तो नुकसान की स्थिति में किराएदार को खुद ही आर्थिक बोझ उठाना पड़ सकता है।
बढ़ते शहरी किराए के चलन के बीच किराएदारों के लिए भी अपने सामान की सुरक्षा को लेकर जागरूक होना जरूरी हो गया है।
