REITs से कैसे होती है कमाई और क्या हैं जोखिम? निवेश से पहले एक्सपर्ट की ये जरूरी बातें जान लें
REITs के जरिए कमर्शियल रियल एस्टेट में निवेश करने का मौका मिलता है, लेकिन क्या इससे होने वाली कमाई की गारंटी है? बिजनेस टुडे के शो में एक्सपर्ट संचिता मुखर्जी ने बताया कि निवेश से पहले प्रॉपर्टी की लोकेशन, किराएदारों और रेंट एग्रीमेंट की जांच क्यों जरूरी है। जानिए बढ़ती ब्याज दरें आपके निवेश पर कैसे असर डाल सकती हैं।

In Short
- REITs में निवेश से पहले प्रॉपर्टी की लोकेशन, क्वालिटी और किराएदारों की स्थिति की जांच करना जरूरी है।
- एक्सपर्ट के मुताबिक, REITs से मिलने वाली कमाई की गारंटी नहीं होती और बाजार में कीमत बदलने का जोखिम रहता है।
- ब्याज दरें बढ़ने से REITs के लिए कर्ज महंगा हो सकता है, जिसका असर उनकी कमाई पर पड़ सकता है।
रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट यानी REITs में निवेश करने से पहले सिर्फ कमाई की संभावना देखना काफी नहीं है। निवेशकों को यह भी समझना जरूरी है कि उनका पैसा किस तरह की प्रॉपर्टी में लगाया जा रहा है। प्रॉपर्टी की लोकेशन, किराएदारों की स्थिति और ब्याज दरों में बदलाव जैसे कई फैक्टर REITs से मिलने वाले रिटर्न पर असर डाल सकते हैं।
बिजनेस टुडे के शो में सीनियर एंकर साक्षी बत्रा के सवालों का जवाब देते हुए टॉक द वॉक एलएलपी की मैनेजिंग पार्टनर संचिता मुखर्जी ने कहा कि REITs में निवेश करने से पहले उसकी प्रॉपर्टी और उससे जुड़े जोखिमों को अच्छी तरह समझना जरूरी है। उन्होंने बताया कि REITs में मुख्य रूप से कमर्शियल रियल एस्टेट होता है, जबकि रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी का बाजार अलग तरह से काम करता है।
निवेश से पहले प्रॉपर्टी की जांच क्यों जरूरी?
संचिता मुखर्जी के मुताबिक, REITs में निवेश करने से पहले देखना चाहिए कि उसकी कमर्शियल प्रॉपर्टी की क्वालिटी कैसी है और वह किस लोकेशन पर मौजूद है।
इसके अलावा यह भी देखना जरूरी है कि प्रॉपर्टी में किस तरह की कंपनियां किराएदार हैं और कितनी जगह किराए पर दी गई है।
निवेशकों को रेंट एग्रीमेंट और समय के साथ किराए में होने वाली बढ़ोतरी की शर्तें भी समझनी चाहिए।
क्या REITs से कमाई की गारंटी है?
संचिता मुखर्जी ने बताया कि REITs से मिलने वाली कमाई की गारंटी नहीं होती।
किराए से होने वाली कमाई प्रॉपर्टी में किराएदारों की संख्या, उनकी क्वालिटी और रेंट एग्रीमेंट जैसी बातों पर निर्भर करती है।
इसके अलावा REITs बाजार से जुड़े होते हैं। अगर किसी REIT की कीमत पहले से काफी बढ़ चुकी है, तो निवेशक उसे महंगे भाव पर खरीद सकता है। ऐसे में आगे कीमत बढ़ने से मिलने वाला फायदा प्रभावित हो सकता है।
ब्याज दरों में बढ़ने से क्या असर होगा?
संचिता मुखर्जी के मुताबिक, REITs में कर्ज का इस्तेमाल भी होता है। इसलिए ब्याज दरों में बढ़ोतरी इनके लिए जोखिम बन सकती है।
उन्होंने RBI की मौद्रिक नीति में 25 बेसिस पॉइंट की ब्याज दर बढ़ोतरी का जिक्र किया।
उनका कहना है कि अगर आगे भी ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो REITs के लिए पुराने कर्ज की जगह नया कर्ज लेना महंगा हो सकता है। इससे उनकी कमाई पर असर पड़ सकता है।
इसलिए निवेशकों को REITs में पैसा लगाने से पहले प्रॉपर्टी की स्थिति, उसकी कीमत और ब्याज दरों से जुड़े जोखिम जरूर समझने चाहिए।

