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PMS में सबसे बड़ा निवेशक कौन? HNI नहीं, इस फंड से आ रहा है सबसे ज्यादा पैसा

PMS को अक्सर बड़े निवेशकों की सेवा माना जाता है, लेकिन SEBI के नए आंकड़े बता रहे हैं कि इस इंडस्ट्री की असली ताकत EPFO और प्रोविडेंट फंड्स हैं। रिटायरमेंट के लिए जमा बड़ी रकम को संभालने में PMS की भूमिका लगातार बढ़ रही है और निवेश की तस्वीर बदल रही है।

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In Short

  • PMS में कुल 36.72 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति में से करीब 85% हिस्सा EPFO और प्रोविडेंट फंड्स का है।
  • EPFO का ज्यादातर पैसा सरकारी बॉन्ड, कंपनियों के बॉन्ड और सुरक्षित निवेश विकल्पों में लगाया जाता है।
  • जून 2026 में PMS इंडस्ट्री की कुल संपत्ति बढ़कर 43.3 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई।

EPFO Investment: पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विस यानी PMS को आमतौर पर बड़े निवेशकों और ज्यादा पैसे वाले लोगों से जोड़कर देखा जाता है। माना जाता है कि HNI यानी ज्यादा संपत्ति वाले लोग अपनी खास निवेश योजना के लिए PMS का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन SEBI के नए आंकड़े एक अलग तस्वीर दिखा रहे हैं।

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आंकड़ों के मुताबिक, PMS में सबसे बड़ा योगदान अमीर निवेशकों का नहीं, बल्कि EPFO और दूसरे प्रोविडेंट फंड्स का है। इससे पता चलता है कि PMS सिर्फ बड़े निवेशकों के लिए नहीं, बल्कि रिटायरमेंट बचत को संभालने में भी अहम भूमिका निभा रहा है।

PMS में EPFO की बड़ी हिस्सेदारी

SEBI के जून 2026 के आंकड़ों के अनुसार, डिस्क्रिशनरी PMS खातों में कुल 36.72 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति संभाली जा रही थी। इसमें से 31.04 लाख करोड़ रुपये यानी करीब 85% हिस्सा EPFO और दूसरे प्रोविडेंट फंड्स का था।

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ये आंकड़े बताते हैं कि PMS सिर्फ अमीर लोगों की निवेश सेवा नहीं है। इसके जरिए बड़े संस्थान भी अपनी लंबे समय की बचत को मैनेज कर रहे हैं।

EPFO का पैसा कहां लगाया जाता है?

EPFO अपने निवेश को संभालने के लिए SEBI से रजिस्टर्ड पोर्टफोलियो मैनेजर की मदद लेता है। EPFO का ज्यादातर पैसा सरकारी बॉन्ड, राज्य सरकारों के लोन, कंपनियों के बॉन्ड और दूसरे सुरक्षित विकल्पों में लगाया जाता है।

वहीं, शेयर बाजार में निवेश की सीमा 15% तक रखी जाती है। यह निवेश ज्यादातर ETF के जरिए किया जाता है, जिससे रिटायरमेंट फंड को शेयर बाजार में निवेश का मौका मिलता है और जोखिम भी सीमित रहता है।

PMS इंडस्ट्री भी बढ़ रही

APMI के आंकड़ों के अनुसार, जून 2026 में PMS इंडस्ट्री की कुल संपत्ति 1.8% बढ़कर 43.3 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई। वहीं, ग्राहकों की संख्या करीब 4% बढ़कर 2.2 लाख खातों तक पहुंच गई।

भारत के घरेलू निवेशक इस इंडस्ट्री की बड़ी ताकत हैं। कुल ग्राहकों में उनकी हिस्सेदारी 91% और कुल संपत्ति में 95% है। आंकड़े बताते हैं कि PMS भले ही अमीर निवेशकों से जुड़ा माना जाता हो, लेकिन इसकी सबसे बड़ी ताकत EPFO और दूसरे रिटायरमेंट फंड्स हैं।

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। BT Bazaar अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।