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ज्यादा क्रेडिट कार्ड रखने से बचत बढ़ती है या खर्च? जानिए कैसे करें सही इस्तेमाल

आज के समय में कई लोग एक से ज्यादा क्रेडिट कार्ड रखकर कैशबैक डिस्काउंट और रिवॉर्ड पॉइंट्स का फायदा उठा रहे हैं। लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि ज्यादा कार्ड रखना तभी फायदेमंद है जब खर्च को सही तरीके से मैनेज किया जाए। जानिए मल्टीपल क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने का सही तरीका।

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In Short

  • भारत में क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है और जून 2026 तक एक्टिव कार्ड की संख्या 12.15 करोड़ पहुंच गई है।
  • कई यूजर्स अलग-अलग खर्चों के लिए अलग कार्ड इस्तेमाल कर कैशबैक डिस्काउंट और रिवॉर्ड पॉइंट्स का फायदा उठा रहे हैं।
  • एक्सपर्ट्स ने सलाह दी है कि क्रेडिट कार्ड को अतिरिक्त पैसा न समझें और हर महीने पूरा आउटस्टैंडिंग अमाउंट जमा करें।

आज के समय में क्रेडिट कार्ड सिर्फ इमरजेंसी या बड़े खर्चों तक सीमित नहीं रह गया है। अब कई वर्किंग प्रोफेशनल्स अलग-अलग जरूरतों के लिए अलग-अलग क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल कर रहे हैं। इसका मकसद ग्रॉसरी शॉपिंग, फूड डिलीवरी, ट्रैवल और ऑनलाइन खरीदारी पर कैशबैक, डिस्काउंट और रिवॉर्ड पॉइंट्स का फायदा लेना है। हालांकि एक्सपर्ट्स का कहना है कि ज्यादा कार्ड रखने से फायदा तभी होगा जब खर्च को सही तरीके से संभाला जाए।

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देश में बढ़ रहा क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया यानी आरबीआई के डेटा के अनुसार जून 2026 में बैंकों ने 11.4 लाख नए क्रेडिट कार्ड जारी किए। इसके बाद देश में एक्टिव क्रेडिट कार्ड की संख्या बढ़कर 12.15 करोड़ हो गई। अब ग्राहक हर खर्च के लिए एक ही कार्ड इस्तेमाल करने के बजाय अलग-अलग ऑफर्स और फायदे के हिसाब से कार्ड चुन रहे हैं।

छह क्रेडिट कार्ड से अलग-अलग खर्चों में बचत

कम्युनिकेशन प्रोफेशनल मनोज सिंह नेगी छह क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करते हैं और हर कार्ड का काम अलग रखा है। वह एक्सिस बैंक को-ब्रांडेड कार्ड से मिंत्रा, फ्लिपकार्ट और स्विगी जैसे प्लेटफॉर्म पर मिलने वाले कैशबैक और डील्स का फायदा लेते हैं। इसके अलावा एसबीआई, एचडीएफसी और आरबीएल कार्ड का इस्तेमाल भी अलग-अलग जरूरतों के लिए करते हैं।

उनका कहना है कि वह सिर्फ रिवॉर्ड पाने के लिए खरीदारी नहीं करते, बल्कि जिस चीज की जरूरत होती है, उसी पर बेहतर ऑफर देने वाला कार्ड चुनते हैं। उन्होंने एप्पल वॉच खरीदने पर करीब 3,000 रुपये का इंस्टेंट डिस्काउंट और 200 रुपये कैशबैक हासिल किया था। वहीं मैकबुक खरीदने पर करीब 8,000 रुपये का डिस्काउंट मिला था।

रोजमर्रा के खर्चों में भी बढ़ा इस्तेमाल

अब क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कपड़े, ग्रॉसरी, फूड डिलीवरी और सब्सक्रिप्शन जैसे रोजमर्रा के खर्चों में भी बढ़ गया है। मनोज के मुताबिक क्रेडिट कार्ड से 45 दिन तक का इंटरेस्ट फ्री पीरियड मिलता है और साथ में कैशबैक व रिवॉर्ड पॉइंट्स का फायदा भी मिलता है।

हालांकि वह क्रेडिट लिमिट को एक्स्ट्रा पैसा नहीं मानते। उनका कहना है कि अगर कोई व्यक्ति इसे अपनी कमाई का हिस्सा समझने लगे तो यह आर्थिक परेशानी पैदा कर सकता है। इसलिए वह हर महीने पूरा आउटस्टैंडिंग अमाउंट जमा करते हैं।

कई कार्ड रखने वालों के लिए जरूरी है सही प्लानिंग

पीआर फर्म में काम करने वाले अभिषेक चौरसिया तीन क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करते हैं। वह फैशन, इलेक्ट्रॉनिक्स, ट्रैवल और फूड जैसे खर्चों के लिए उस कार्ड का इस्तेमाल करते हैं जिसमें सबसे अच्छा ऑफर मिलता है। वह एचडीएफसी मिलेनिया कार्ड के रिवॉर्ड पॉइंट्स से अपना क्रेडिट कार्ड बिल कम करते हैं।

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वहीं प्रर्णा कुमारी भी तीन क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करती हैं। पहले वह कार्ड का उपयोग सिर्फ इलेक्ट्रॉनिक्स और ट्रैवल के लिए करती थीं, लेकिन अब ग्रॉसरी, रेस्टोरेंट बिल और फोन बिल जैसे खर्च भी कार्ड से करती हैं। उनके मुताबिक करीब 90 प्रतिशत खर्च अब क्रेडिट कार्ड से होता है।

ऑफर्स के चक्कर में ज्यादा खर्च से बचें

कॉलेज ग्रेजुएट आर्या का कहना है कि क्रेडिट कार्ड से मिलने वाले कैशबैक और डिस्काउंट फायदे के साथ कई बार ज्यादा खर्च करने की आदत भी बढ़ा सकते हैं। कई बार लोग सिर्फ ऑफर देखकर ऐसी चीज खरीद लेते हैं जिसकी उन्हें जरूरत नहीं होती।

कॉरपोरेट सेक्टर में काम करने वाले अतुल कमल के पास सात क्रेडिट कार्ड हैं। वह मोबाइल रिचार्ज, यूटिलिटी बिल, शॉपिंग और मूवी टिकट जैसे खर्चों के लिए अलग-अलग कार्ड इस्तेमाल करते हैं। हालांकि उन्होंने माना कि कई कार्ड होने से खर्च बढ़ सकता है, इसलिए वह बजट बनाकर खर्च को ट्रैक करते हैं।

एक्सपर्ट्स ने बताया क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल का सही तरीका

एलएक्सएमई की फाउंडर और सीईओ प्रीति राठी गुप्ता का कहना है कि क्रेडिट एक फाइनेंशियल टूल है, इनकम का दूसरा जरिया नहीं। उनके मुताबिक रिवॉर्ड तभी फायदेमंद हैं जब खर्च पहले से तय हो। सिर्फ 500 रुपये कैशबैक पाने के लिए 10,000 रुपये ज्यादा खर्च करना बचत नहीं है।

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क्वालिफाइड फाइनेंशियल एडवाइजर आकाश रच के अनुसार ज्यादा कार्ड रखने से हमेशा ज्यादा फायदा नहीं मिलता। सही कार्ड चुनने और खर्च के हिसाब से इस्तेमाल करने पर ही असली बचत होती है।

रिवॉर्ड के लालच में न फंसें

इक्विफैक्स इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर सुभांकर मिश्रा ने बताया कि कैशबैक और रिवॉर्ड कई बार लोगों को जरूरत से ज्यादा खर्च करने के लिए प्रेरित करते हैं। इसे स्पेंडिंग टू सेव ट्रैप कहा जाता है।

एक्सपर्ट्स की सलाह है कि क्रेडिट कार्ड का पूरा फायदा लेने के लिए हर महीने पूरा आउटस्टैंडिंग अमाउंट जमा करें। सिर्फ मिनिमम ड्यू भरने से बचें क्योंकि इंटरेस्ट चार्जेस आपकी बचत खत्म कर सकते हैं। नया कार्ड लेने से पहले यह जरूर देखें कि वह मौजूदा कार्ड से अलग क्या फायदा दे रहा है।

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। BT Bazaar अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।