युवाओं और बुजुर्गों के लिए कितनी जरूरी है फाइनेंशियल प्लानिंग? एक्सपर्ट ने दी सलाह
मेडिकल इमरजेंसी कभी भी आपकी जमा पूंजी पर भारी पड़ सकती है। ऐसे में क्या युवाओं और बुजुर्गों के लिए एक जैसी फाइनेंशियल प्लानिंग सही है? प्रामेरिका लाइफ इंश्योरेंस के एमडी और सीईओ पंकज गुप्ता ने बताया कि उम्र के साथ आर्थिक सुरक्षा की जरूरतें कैसे बदलती हैं और किन गलतियों से बचना जरूरी है।

In Short
- युवाओं और बुजुर्गों की मेडिकल जरूरतें अलग, इसलिए उम्र के हिसाब से फाइनेंशियल प्लानिंग जरूरी।
- बढ़ती उम्र के साथ इलाज का खर्च और अस्पताल में भर्ती होने की आशंका बढ़ती है, इसलिए मेडिकल फंड भी बढ़ाना जरूरी।
- बीमारी होने के बाद इंश्योरेंस लेना मुश्किल हो सकता है, इसलिए स्वस्थ रहते हुए बीमा खरीदने की सलाह।
अचानक कोई गंभीर बीमारी हो जाए या अस्पताल में भर्ती होना पड़े, तो इलाज का खर्च पूरे परिवार का बजट बिगाड़ सकता है। ऐसे समय में सिर्फ हेल्थ इंश्योरेंस होना ही काफी नहीं है, बल्कि पहले से पैसों की सही प्लानिंग करना भी जरूरी है। खास बात यह है कि हर उम्र में मेडिकल जरूरतें और आर्थिक जिम्मेदारियां अलग होती हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि युवाओं और बुजुर्गों को अपनी आर्थिक सुरक्षा के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
बिजनेस टुडे के शो में सीनियर एंकर साक्षी बत्रा के सवालों का जवाब देते हुए प्रामेरिका लाइफ इंश्योरेंस के एमडी और सीईओ पंकज गुप्ता ने बताया कि मेडिकल इमरजेंसी के लिए पहले से फाइनेंशियल प्लानिंग करना क्यों जरूरी है। उन्होंने खासतौर पर युवाओं और बुजुर्गों की अलग-अलग आर्थिक जरूरतों पर बात की। साथ ही समझाया कि बढ़ती उम्र के साथ मेडिकल फंड कितना जरूरी हो जाता है और बीमारी होने से पहले हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस लेना क्यों समझदारी है।
युवाओं के लिए क्यों जरूरी है मेडिकल प्लानिंग?
प्रामेरिका लाइफ इंश्योरेंस के एमडी और सीईओ पंकज गुप्ता के मुताबिक, कम उम्र में नौकरी करने वाले युवाओं की आर्थिक जरूरतें बुजुर्गों से अलग होती हैं। भले ही किसी युवा पर परिवार की जिम्मेदारी न हो, लेकिन उसके सामने कमाई करने के कई साल बाकी होते हैं।
गुप्ता ने इसे 'ह्यूमन लाइफ वैल्यू' बताया है। इसका मतलब है कि कोई व्यक्ति भविष्य में कितना पैसा कमा सकता है। अगर समय पर सही इलाज नहीं मिलता है, तो उसकी सेहत के साथ भविष्य की कमाई पर भी असर पड़ सकता है। इसलिए युवाओं के लिए भी मेडिकल सुरक्षा जरूरी है।
बढ़ती उम्र के साथ क्यों बढ़ाना चाहिए मेडिकल फंड?
पंकज गुप्ता का कहना है कि उम्र बढ़ने के साथ अस्पताल में भर्ती होने की आशंका भी बढ़ जाती है। इसके अलावा इलाज का खर्च भी ज्यादा हो सकता है। ऐसे में बुजुर्गों और बुजुर्ग माता-पिता की जिम्मेदारी संभालने वाले परिवारों को ज्यादा पैसों की जरूरत पड़ सकती है।
उनकी सलाह है कि जैसे-जैसे उम्र बढ़े, वैसे-वैसे मेडिकल इमरजेंसी के लिए अलग रखी गई रकम भी बढ़ानी चाहिए। इसकी वजह यह है कि इलाज लगातार महंगा हो रहा है और परिवार की जिम्मेदारियां भी बदलती रहती हैं। इसलिए केवल पुराने इंश्योरेंस कवर के भरोसे रहना सही नहीं है।
बीमारी होने के बाद इंश्योरेंस लेना क्यों मुश्किल?
पंकज गुप्ता ने हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस खरीदने के समय को भी बेहद महत्वपूर्ण बताया है। उनके मुताबिक, जब व्यक्ति स्वस्थ होता है, तब इंश्योरेंस लेना आमतौर पर आसान होता है। लेकिन गंभीर बीमारी होने के बाद नई पॉलिसी लेना मुश्किल हो सकता है।
इसलिए बीमारी आने का इंतजार करने के बजाय पहले से इंश्योरेंस लेना समझदारी है। इससे जरूरत पड़ने पर इलाज के खर्च का आर्थिक बोझ कम करने में मदद मिल सकती है।
परिवार की आर्थिक सुरक्षा के लिए क्या करें?
गुप्ता के मुताबिक, हर व्यक्ति को अपनी उम्र और पारिवारिक जिम्मेदारियों के हिसाब से प्लानिंग करनी चाहिए। युवाओं को अपनी भविष्य की कमाई सुरक्षित रखने पर ध्यान देना चाहिए, जबकि बुजुर्गों को इलाज के लिए आसानी से उपलब्ध पैसों का इंतजाम करना चाहिए।
इसके साथ ही लंबे समय तक इंश्योरेंस जारी रखना और बढ़ती उम्र के साथ मेडिकल फंड बढ़ाना जरूरी है। सबसे अहम बात यह है कि मेडिकल इमरजेंसी आने के बाद नहीं, बल्कि उससे पहले आर्थिक तैयारी शुरू करनी चाहिए।

