
क्या Gen Z को गोल्ड में निवेश करना चाहिए? पैसा लगाने से पहले जानें पोर्टफोलियो में कितनी रखें सोने की हिस्सेदारी
Gen Z के बीच सोने में निवेश का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है। युवा अब गहनों के बजाय Gold ETF और गोल्ड म्यूचुअल फंड को तरजीह दे रहे हैं। SS WealthStreet की फाउंडर सुगंधा सचदेवा के मुताबिक डिजिटल प्लेटफॉर्म ने निवेश आसान बना दिया है। जानिए युवाओं के पोर्टफोलियो में सोने की अहमियत क्यों बढ़ रही है।

In Short
- Gen Z के बीच बढ़ रहा सोने में निवेश का क्रेज।
- Gold ETF का AUM बढ़कर 1.9 लाख करोड़ रुपये पहुंचा।
- डिजिटल प्लेटफॉर्म से सोने में निवेश हुआ आसान।
सोने में निवेश को लेकर युवाओं की सोच तेजी से बदल रही है। पहले सोने को ज्यादातर सुरक्षित निवेश और गहनों के तौर पर देखा जाता था, लेकिन अब नई पीढ़ी इसे अपने निवेश पोर्टफोलियो का अहम हिस्सा बना रही है। खासकर Gen Z के निवेशक शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड और क्रिप्टो के साथ सोने में भी पैसा लगा रहे हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म की मदद से अब सोने में निवेश करना पहले के मुकाबले काफी आसान हो गया है।
बिजनेस टुडे के शो में सीनियर एंकर साक्षी बत्रा के सवालों का जवाब देते हुए SS WealthStreet की फाउंडर सुगंधा सचदेवा ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी के लिए सोना सिर्फ पारंपरिक निवेश नहीं रह गया है। Gen Z इसे एक आधुनिक और फ्लेक्सिबल एसेट के तौर पर देख रही है, जिसमें डिजिटल तरीके से आसानी से निवेश किया जा सकता है।
युवाओं के पोर्टफोलियो में क्यों बढ़ रही सोने की अहमियत?
सुगंधा सचदेवा के मुताबिक, सोने की लोकप्रियता हर उम्र के निवेशकों के बीच है, लेकिन युवाओं के लिए इसकी भूमिका बदल गई है। Gen Z आमतौर पर शेयर, म्यूचुअल फंड और क्रिप्टो जैसे ज्यादा रिटर्न की संभावना वाले विकल्पों में दिलचस्पी रखती है। ऐसे में सोना उनके पोर्टफोलियो में संतुलन बनाने का काम कर सकता है। इससे जोखिम वाले निवेश के साथ एक अपेक्षाकृत स्थिर विकल्प भी जुड़ जाता है।
डिजिटल निवेश ने बदला सोना खरीदने का तरीका
सोने में निवेश बढ़ने की एक बड़ी वजह डिजिटल प्लेटफॉर्म हैं। अब Gold ETF, Silver ETF और गोल्ड म्यूचुअल फंड के जरिए छोटी रकम से भी निवेश किया जा सकता है। इसके लिए फिजिकल सोना खरीदने, उसे सुरक्षित रखने या शुद्धता की चिंता करने की जरूरत नहीं होती।

सुगंधा सचदेवा ने बताया कि निवेशक अपने स्मार्टफोन से ही इन विकल्पों में पैसा लगा सकते हैं। यही सुविधा पहली बार निवेश करने वाले युवाओं को आकर्षित कर रही है।
Gold ETF में निवेश के आंकड़े क्या कहते हैं?
सोने में बढ़ती दिलचस्पी आंकड़ों में भी दिखाई देती है। चर्चा में बताए गए आंकड़ों के मुताबिक, साल 2019 में Gold ETF का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) करीब 4,600 करोड़ रुपये था, जो अगस्त के आखिर तक बढ़कर लगभग 1.9 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया।
वहीं, निवेशकों के पोर्टफोलियो की संख्या करीब 3.2 लाख से बढ़कर लगभग 1.25 करोड़ हो गई है।
अब सिर्फ गहना नहीं, वेल्थ बनाने का जरिया भी सोना
सुगंधा सचदेवा का कहना है कि अब सोना सिर्फ गहने बनवाने या पहनने के लिए नहीं खरीदा जा रहा है, बल्कि लोग इसे निवेश का भी अच्छा ऑप्शन मान रहे हैं। युवा अब शेयर और म्यूचुअल फंड के साथ सोने में भी पैसा लगा रहे हैं। ऑनलाइन निवेश की सुविधा बढ़ने से आने वाले समय में Gen Z के बीच सोने में निवेश का चलन और बढ़ सकता है।

