Dwarka Expressway vs Noida-Greater Noida Expressway: 2026 में कहां घर खरीदना बेहतर, कौन सा कॉरिडोर दे रहा ज्यादा रिटर्न?
दिल्ली-एनसीआर के प्रीमियम हाउसिंग मार्केट में द्वारका एक्सप्रेसवे और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे तेजी से बड़े निवेश कॉरिडोर बन रहे हैं। सैविल्स इंडिया की एचवन 2026 रिपोर्ट के मुताबिक, द्वारका एक्सप्रेसवे तैयार घरों और किराए की ग्रोथ में आगे है, जबकि नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी में मजबूत तेजी दिखा रहा है।

In Short
- द्वारका एक्सप्रेसवे पर कम्प्लीटेड प्रॉपर्टी की वैल्यू 6% और रेंटल वैल्यू 22% सालाना बढ़ी।
- नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी की वैल्यू 28% बढ़ी।
- एचवन 2026 में नोएडा के 73% लग्जरी हाउसिंग लॉन्च नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर हुए।
दिल्ली-एनसीआर के प्रीमियम हाउसिंग मार्केट में अब खरीदार सिर्फ घर की कीमत नहीं, बल्कि कनेक्टिविटी, आसपास की सुविधाएं, रेंटल इनकम और आगे मिलने वाले रिटर्न को भी देख रहे हैं। इसी वजह से गुरुग्राम का द्वारका एक्सप्रेसवे और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे दो बड़े हाउसिंग कॉरिडोर बनकर सामने आए हैं। दोनों की अपनी ताकत है, लेकिन तैयार घरों से लेकर अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी तक तस्वीर अलग-अलग है। सैविल्स इंडिया की दिल्ली-एनसीआर रेजिडेंशियल मार्केट वॉच एचवन 2026 रिपोर्ट बताती है कि किस कॉरिडोर में अभी ज्यादा तेजी है और कहां आगे बेहतर ग्रोथ की उम्मीद बन रही है।
द्वारका एक्सप्रेसवे पर तैयार घर और किराए में तेज ग्रोथ
2026 की पहली छमाही में द्वारका एक्सप्रेसवे गुरुग्राम का सबसे मजबूत रेजिडेंशियल माइक्रोमार्केट रहा। यहां कम्प्लीटेड प्रॉपर्टी की कैपिटल वैल्यू सालाना आधार पर 6% बढ़ी, जबकि पूरे गुरुग्राम में यह ग्रोथ 2% रही। कॉरिडोर पर रेजिडेंशियल प्लॉट की वैल्यू भी 16% बढ़ी, जो गुरुग्राम के दूसरे माइक्रोमार्केट के मुकाबले सबसे ज्यादा रही।
किराए में 22% का उछाल
द्वारका एक्सप्रेसवे का रेंटल मार्केट और भी तेजी से बढ़ा है। एचवन 2026 में यहां किराया सालाना आधार पर 22% बढ़ा। इसके मुकाबले गोल्फ कोर्स रोड पर 11%, न्यू गुरुग्राम में 3% और जीसीईआर एवं एसपीआर में 2% ग्रोथ दर्ज की गई। सैविल्स के मुताबिक बेहतर कनेक्टिविटी, सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर और कॉरपोरेट प्रोफेशनल्स, एक्सपैट्स तथा अफ्लुएंट एंड-यूजर्स की डिमांड इसकी बड़ी वजह है।
गुरुग्राम में लग्जरी हाउसिंग लॉन्च एचवन 2026 में 28% घटकर 4,549 यूनिट रह गए, जबकि एक साल पहले 6,350 यूनिट लॉन्च हुए थे। इसके बावजूद करीब 70% नए लॉन्च जीसीईआर एवं एसपीआर और द्वारका एक्सप्रेसवे में आए।
नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे में अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी आगे
नोएडा में कम्प्लीटेड प्रॉपर्टी की औसत वैल्यू 2% घटी, लेकिन नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर इसमें 3% की बढ़ोतरी हुई। सबसे बड़ी तेजी अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी में दिखी। पूरे नोएडा में इनकी कैपिटल वैल्यू 15% बढ़ी, जबकि एक्सप्रेसवे पर 28% का उछाल आया। सेक्टर 150 में यह ग्रोथ 13% और बाकी नोएडा में 4% रही। सैविल्स ने स्पोर्ट्स सिटी सेक्टर्स से जुड़े रेगुलेटरी डेवलपमेंट के बाद बेहतर हुए मार्केट कॉन्फिडेंस को भी इसकी एक वजह बताया है।
नोएडा के 73% लग्जरी लॉन्च इसी कॉरिडोर पर
एचवन 2026 में नोएडा के 73% लग्जरी रेजिडेंशियल लॉन्च नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर हुए। हालांकि कुल लॉन्च 33% घटकर 400 यूनिट रह गए, जो एक साल पहले 600 यूनिट थे। इससे संकेत मिलता है कि डेवलपर्स अब मजबूत बायर डिमांड वाली लोकेशन पर ज्यादा फोकस कर रहे हैं।
खरीदार के लिए कौन सा कॉरिडोर बेहतर?
तैयार घर, मौजूदा प्राइस ग्रोथ और मजबूत रेंटल रिटर्न चाहने वालों के लिए फिलहाल द्वारका एक्सप्रेसवे आगे है। वहीं लॉन्ग-टर्म नजरिए और अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी में ग्रोथ देखने वाले खरीदारों के लिए नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे मजबूत विकल्प बन रहा है। एक्वा लाइन एक्सटेंशन, एफएनजी एक्सप्रेसवे और प्रस्तावित गाजियाबाद-जेवर आरआरटीएस कॉरिडोर आगे इसकी कनेक्टिविटी को और मजबूत कर सकते हैं।
सैविल्स को एचटू 2026 में दिल्ली-एनसीआर का लग्जरी हाउसिंग मार्केट स्थिर रहने की उम्मीद है। फिलहाल करंट परफॉर्मेंस में द्वारका एक्सप्रेसवे आगे है, जबकि अंडर-कंस्ट्रक्शन ग्रोथ में नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे ज्यादा तेजी दिखा रहा है।

