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एडवांस टैक्स की दूसरी किस्त भरने की आज आखिरी तारीख, चूके तो लगेगा 3% तक ब्याज, जानें किसे देना है टैक्स

Advance Tax भरने वालों के लिए 15 सितंबर अहम तारीख है। दूसरी किस्त जमा करने में देरी या कम भुगतान करने पर ब्याज लग सकता है। आखिर किन लोगों को Advance Tax भरना जरूरी है और सितंबर तक कितना भुगतान करना होता है? जानिए इस रिपोर्ट में पूरी जानकारी।

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In Short

  • 15 सितंबर तक Advance Tax की दूसरी किस्त जमा करनी जरूरी, जानें किस पर लागू होता है नियम
  • सितंबर किस्त के बाद कुल Advance Tax भुगतान 45 फीसदी तक पहुंचना चाहिए
  • देरी या कम भुगतान पर 1 फीसदी प्रति महीने की दर से लग सकता है ब्याज

15 सितंबर 2026 Advance Tax भरने वालों के लिए अहम तारीख है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने टैक्सपेयर्स को याद दिलाया है कि Tax Year 2026-27 के लिए Advance Tax की दूसरी किस्त जमा करने की आखिरी तारीख 15 सितंबर है। विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर टैक्सपेयर्स से समय पर भुगतान करने की अपील की है।

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हालांकि, हर टैक्सपेयर को Advance Tax भरने की जरूरत नहीं होती। यह नियम आमतौर पर उन लोगों पर लागू होता है जिनकी पूरे साल की अनुमानित टैक्स देनदारी TDS और TCS को एडजस्ट करने के बाद 10,000 रुपये से ज्यादा होती है।

सितंबर में कितना Advance Tax भरना जरूरी?

Advance Tax पूरे साल में एक साथ नहीं भरा जाता, बल्कि इसे चार किस्तों में जमा किया जाता है। पहली किस्त 15 जून तक भरनी होती है, जिसमें अनुमानित Advance Tax का कम से कम 15 फीसदी भुगतान करना होता है।

इसके बाद 15 सितंबर तक दूसरी किस्त जमा करनी होती है। इस किस्त के बाद पूरे साल के अनुमानित Advance Tax का कुल भुगतान कम से कम 45 फीसदी तक पहुंच जाना चाहिए।

इसके बाद तीसरी किस्त 15 दिसंबर तक जमा करनी होती है। इस समय तक कुल Advance Tax भुगतान 75 फीसदी तक पहुंचना चाहिए। आखिरी किस्त 15 मार्च तक जमा करनी होती है, जिससे पूरे साल का Advance Tax भुगतान 100 फीसदी पूरा हो जाता है।

अगर कोई टैक्सपेयर 31 मार्च तक टैक्स जमा करता है तो उसे भी वित्त वर्ष के दौरान जमा किया गया Advance Tax माना जाता है।

समय पर भुगतान नहीं किया तो लग सकता है ब्याज

अगर कोई टैक्सपेयर 15 सितंबर की समय सीमा तक Advance Tax नहीं भरता है या जरूरी रकम से कम भुगतान करता है तो उसे ब्याज देना पड़ सकता है।

Income Tax Act, 2025 के तहत Advance Tax की किस्त में देरी पर ब्याज का प्रावधान Section 425 में दिया गया है, जो पुराने नियमों के Section 234C के बराबर है। इसके तहत 1 फीसदी प्रति महीने की दर से ब्याज लगाया जाता है।

सितंबर वाली किस्त के मामले में ब्याज की अवधि तीन महीने होती है। ऐसे में अगर टैक्सपेयर की 45 फीसदी की तय सीमा पूरी नहीं होती है तो कम भुगतान वाली रकम पर करीब 3 फीसदी तक ब्याज लग सकता है।

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90 फीसदी से कम टैक्स भुगतान पर भी लग सकता है ब्याज

इसके अलावा अगर पूरे साल में जमा किया गया Advance Tax अंतिम टैक्स देनदारी के 90 फीसदी से कम रहता है तो अतिरिक्त ब्याज भी देना पड़ सकता है।

ऐसी स्थिति में Section 424, जो पुराने Section 234B के अनुरूप है, के तहत ब्याज लगाया जा सकता है। इसमें अगले टैक्स वर्ष की शुरुआत से लेकर टैक्स भुगतान होने तक 1 फीसदी प्रति महीने की दर से ब्याज देना पड़ सकता है।

इसलिए Advance Tax भरने वाले टैक्सपेयर्स के लिए 15 सितंबर तक दूसरी किस्त जमा करना जरूरी है, ताकि बाद में अतिरिक्त ब्याज का बोझ न बढ़े।

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। BT Bazaar अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।