बाजार के उथल-पुथल के बीच एक्सपर्ट का म्यूचुअल फंड की इस कैटेगरी पर भरोसा - हो सकती है मोटी कमाई
ईरान-इजरायल तनाव और बाजार की लगातार उठापटक के बीच निवेशकों की रणनीति तेजी से बदल रही है। कई एक्सपर्ट अब ऐसे निवेश विकल्पों की तरफ इशारा कर रहे हैं, जो गिरते बाजार में भी स्थिरता और लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न देने की क्षमता रखते हैं। जानिए निवेशकों का फोकस आखिर किस ओर बढ़ रहा है।

Mutual Fund News: ईरान और इजरायल के बीच जारी तनाव के कारण भारतीय शेयर बाजार में हलचल जारी है। हालांकि बाजार वेस्ट एशिया में चल रहे युद्ध के कारण बाजार में अब उतना असर नहीं दिख रहा है।
मौजूदा माहौल को देखते हुए रिटेल निवेशक अब 'गिरावट पर खरीदारी' (Buy on Dips) की रणनीति अपना रहे हैं। एक्सपर्ट का मानना है कि भारत की दिग्गज कंपनियों के साथ जुड़ने और पोर्टफोलियो को स्थिरता देने के लिए Nifty50 Index Funds में पैसा लगाना अच्छा ऑप्शन हो सकता है।
निफ्टी 50 इंडेक्स फंड्स असल में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) की टॉप 50 लार्ज-कैप कंपनियों का एक ग्रुप है। इन फंड्स की खासियत यह है कि ये कम लागत में निवेशकों को देश की सबसे मजबूत कंपनियों का हिस्सा बनने का मौका देते हैं। बाजार में अभी भी थोड़ी अस्थिरता बनी हुई है, ऐसे में किसी एक शेयर पर दांव लगाने के बजाय इंडेक्स फंड चुनना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है। चूंकि ये कंपनियां ब्लू-चिप कैटेगरी की होती हैं, इसलिए गिरते बाजार में भी इनमें स्थिरता बनी रहती है।
Nifty50 Index Funds की कैटेगरी में एक फंड, Nippon India Index Fund - Nifty 50 Plan भी है। इस फंड का एक्सपेंस रेशियो 0.07% है। अगर रिटर्न की बात करें तो इस फंड के डायरेक्टर प्लान ने निवेशकों को पिछले 1 साल में -4.07%, पिछले 3 साल में 9.81% और पिछले 5 साल में 9.76% का रिटर्न दिया है।
बाजार के जानकारों का कहना है कि निवेशकों को हर रोज की उठापटक का अनुमान लगाने के बजाय मध्यम से लंबी अवधि का नजरिया रखना चाहिए। इन फंड्स में ऑटोमैटिक रीबैलेंसिंग की सुविधा भी होती है, क्योंकि निफ्टी 50 का इंडेक्स हर छह महीने में खुद को अपडेट करता है। साथ ही, लिक्विडिटी अधिक होने के कारण इन फंड्स को बेचना और खरीदना बेहद आसान रहता है।

