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PPFAS ने बदले 5 म्यूचुअल फंड स्कीमों के नियम, अब गोल्ड और सिल्वर ETF में भी निवेश की मिलेगी छूट

PPFAS Mutual Fund ने अपनी पांच स्कीमों के एसेट अलोकेशन नियमों में बदलाव किया है। नए फ्रेमवर्क के तहत कुछ योजनाओं को गोल्ड ETF, सिल्वर ETF, InvITs और अन्य इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश की अनुमति मिलेगी। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि फंड तुरंत इन एसेट्स में निवेश बढ़ा देंगे।

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AI Generated Image

In Short

  • PPFAS ने बदला फ्रेमवर्क: पांच म्यूचुअल फंड स्कीमों में एसेट अलोकेशन नियमों में बदलाव 26 अगस्त से लागू हुए हैं।
  • गोल्ड और सिल्वर ETF की एंट्री: Flexi Cap और Large Cap Fund समेत कुछ योजनाओं को गोल्ड सिल्वर ETF और InvITs में निवेश की अनुमति मिली है।
  • निवेशकों को ज्यादा विकल्प: नए नियमों से फंड्स को पोर्टफोलियो मैनेजमेंट में ज्यादा लचीलापन मिलेगा हालांकि वास्तविक निवेश रणनीति पर निर्भर करेगा।

PPFAS Mutual Fund ने अपनी पांच म्यूचुअल फंड योजनाओं के एसेट अलोकेशन फ्रेमवर्क में बदलाव किया है। इसमें कंपनी की लोकप्रिय Parag Parikh Flexi Cap Fund और Parag Parikh Large Cap Fund भी शामिल हैं। नए बदलावों के तहत इन योजनाओं को अपने पोर्टफोलियो के कुछ हिस्से को गोल्ड और सिल्वर ETF, InvITs, घरेलू म्यूचुअल फंड और अन्य लिक्विड इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करने की अनुमति मिलेगी।

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ये बदलाव 26 अगस्त से लागू हो गए हैं। इसके अलावा Parag Parikh Arbitrage Fund, Parag Parikh ELSS Tax Saver Fund और Parag Parikh Conservative Hybrid Fund के एसेट अलोकेशन नियमों में भी संशोधन किया गया है।

Flexi Cap Fund में बढ़ी निवेश की गुंजाइश

नए फ्रेमवर्क के तहत Parag Parikh Flexi Cap Fund अपने पोर्टफोलियो का 65-100 फीसदी हिस्सा इक्विटी और इक्विटी से जुड़े इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश कर सकता है।

बाकी 0-35 फीसदी हिस्सा मनी मार्केट और अन्य लिक्विड इंस्ट्रूमेंट्स में लगाया जा सकता है। इसमें गोल्ड ETF, सिल्वर ETF और InvITs भी शामिल हैं।

इसके अलावा फंड को विदेशी इक्विटी और इससे जुड़े निवेश विकल्पों जैसे ओवरसीज ETF और म्यूचुअल फंड में 0-35 फीसदी तक निवेश की अनुमति होगी। हालांकि, वास्तविक निवेश फंड की रणनीति और बाजार की स्थिति पर निर्भर करेगा।

Large Cap Fund में भी शामिल हुए नए ऑप्शन

Parag Parikh Large Cap Fund में अब 80-100 फीसदी निवेश बड़ी कंपनियों की इक्विटी और इससे जुड़े सिक्योरिटीज में किया जाएगा।

बाकी 0-20 फीसदी हिस्सा अन्य कंपनियों की इक्विटी, विदेशी कंपनियों, ओवरसीज म्यूचुअल फंड और ETF के अलावा मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स, गोल्ड और सिल्वर ETF, InvITs, घरेलू म्यूचुअल फंड और अन्य लिक्विड इंस्ट्रूमेंट्स में लगाया जा सकता है।

ELSS और Hybrid Fund में भी बदलाव

Parag Parikh ELSS Tax Saver Fund में इक्विटी और इससे जुड़े इंस्ट्रूमेंट्स में 80-100 फीसदी निवेश जारी रहेगा। वहीं, 0-20 फीसदी हिस्से में अब मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स, गोल्ड और सिल्वर ETF, InvITs, म्यूचुअल फंड और अन्य लिक्विड इंस्ट्रूमेंट्स शामिल किए गए हैं।

Image Credit: Business Today

Parag Parikh Conservative Hybrid Fund में 75-90 फीसदी निवेश मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स और डेट सिक्योरिटीज में रहेगा। वहीं, 10-25 फीसदी हिस्सा इक्विटी और इससे जुड़े इंस्ट्रूमेंट्स में लगाया जा सकता है। इसके अलावा 0-10 फीसदी हिस्सा गोल्ड और सिल्वर ETF, गोल्ड और सिल्वर ETCDs और InvITs में निवेश किया जा सकता है।

Arbitrage Fund के नियमों में भी बदलाव

Parag Parikh Arbitrage Fund के लिए भी नया एसेट अलोकेशन फ्रेमवर्क लागू किया गया है। सामान्य स्थिति में यह फंड 65-100 फीसदी हिस्सा इक्विटी और इक्विटी डेरिवेटिव्स में हेज्ड एक्सपोजर के जरिए निवेश कर सकता है।

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बाकी 0-35 फीसदी हिस्सा डेट, मनी मार्केट और कमोडिटी से जुड़े इंस्ट्रूमेंट्स में लगाया जा सकता है। वहीं, डिफेंसिव स्थिति में इक्विटी एक्सपोजर को 0-65 फीसदी तक रखा जा सकता है।

निवेशकों के लिए क्या बदला?

इन बदलावों से योजनाओं को ज्यादा विकल्प मिल गए हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि फंड तुरंत गोल्ड, सिल्वर या दूसरे एसेट्स में निवेश बढ़ा देंगे। निवेशकों को यह समझना होगा कि किसी एसेट में निवेश की अनुमति और वास्तविक पोर्टफोलियो में उसकी हिस्सेदारी अलग-अलग बातें हैं।

Disclaimer: म्यूचुअल फंड्स निवेश बाज़ार जोखिमों के अधीन है। ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। BT Bazaar अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।