
7 मार्च 2024 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह का उद्घाटन
कुलपति प्रोफेसर श्रीनिवास वरखेड़ी का कहना है कि भारत के विकास एजेंडे में संस्कृत को एकीकृत करने के लिए अग्रणी कार्यक्रम शुरू हो रहे हैं। हम पीएचडी, स्नातकोत्तर और स्नातक सहित शैक्षणिक स्तरों पर 14,133 छात्रों को मान्यता देंगे।

केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय 7 मार्च 2024 को इतिहास रचने के लिए तैयार है, क्योंकि ये अपने दीक्षांत समारोह के उद्घाटन की मेजबानी करने जा रहा है। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में स्नातक छात्रों की शैक्षणिक उपलब्धियों का जश्न मनाया जाएगा और विश्वविद्यालय की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।

समारोह के दौरान बड़ी संख्या में छात्रों को उनकी डिग्री से सम्मानित किया जाएगा और ये केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा दीक्षांत समारोह बन जाएगा।
आपको बता दें कि दीक्षांत समारोह में भारत की माननीय राष्ट्रपति की उपस्थिति रहेगी। द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में दीक्षांत भाषण देंगी।

भारत सरकार के शिक्षा मंत्री और केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलाधिपति धर्मेंद्र प्रधान समारोह की अध्यक्षता करेंगे। उन्होंने कहा कि केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलाधिपति के रूप में मुझे पहले दीक्षांत समारोह का गवाह बनने पर गर्व है। यहां के छात्रों की उपलब्धियां एक आशाजनक भविष्य की शुरुआत का प्रतीक हैं।
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर श्रीनिवास वरखेड़ी इस पूरे कार्यक्रम का नेतृत्व करेंगे।
कुलपति प्रोफेसर श्रीनिवास वरखेड़ी का कहना है कि भारत के विकास एजेंडे में संस्कृत को एकीकृत करने के लिए अग्रणी कार्यक्रम शुरू हो रहे हैं। हम पीएचडी, स्नातकोत्तर और स्नातक सहित शैक्षणिक स्तरों पर 14,133 छात्रों को मान्यता देंगे। इस साल दी गई 105 स्वर्ण पदकों और 636 पीएचडी डिग्रियों के साथ उनकी उपलब्धियां, उनकी विविध प्रतिभाओं और योगदान को उजागर करती हैं।
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय की बात की जाए तो ये दुनिया का सबसे बड़ा और एकमात्र मल्टी भाषा विश्वविद्यालय होने का अनूठा गौरव प्राप्त है। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय को भारत सरकार की संस्कृत-संबंधित नीतियों और योजनाओं के कार्यान्वयन के लिए नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करने का भी विशेषाधिकार प्राप्त है। उस क्षमता में, विश्वविद्यालय भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के साथ समन्वय में काम करता है।

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के दायरे में ये विश्वविद्यालय आता है। NEET के जरिए इसमें आयुर्वेदिक परीक्षाएं भी होती हैं।
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में इस साल से कुछ नये कोर्स इंट्रोड्यूज होंगे। इसके तहत कानून की पढ़ाई संस्कृत में करायी जाएगी साथ ही हिंदी और इंग्लिश में भी करायी जाएगी।
