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GDP Forecast: भारत की ग्रोथ स्टोरी पर विदेशी एजेंसियों को क्यों बदलना पड़ा अनुमान?

साल 2020 में कोविड महामारी के कारण कुछ उभरती अर्थव्यवस्थाओं में मंदी की स्थिति बेहद गंभीर हो गई थी और मेक्सिको, दक्षिण अफ्रीका और भारत की GDP में बड़ी गिरावट देखने को मिली थी। हालांकि, बाद में ज्यादातर अर्थव्यवस्थाओं में मजबूत आर्थिक सुधार देखने को मिला है।

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भारत की ग्रोथ स्टोरी पर दुनिया की दिग्गज एजेंसियों को अपनी भविष्यवाणी में बदलाव करना पड़ रहा है
भारत की ग्रोथ स्टोरी पर दुनिया की दिग्गज एजेंसियों को अपनी भविष्यवाणी में बदलाव करना पड़ रहा है

भारत की ग्रोथ स्टोरी पर दुनिया की दिग्गज एजेंसियों को अपनी भविष्यवाणी में बदलाव करना पड़ रहा है। अमेरिकी रेटिंग एजेंसी Fitch और ब्रोकरेज फर्म Morgan Stanley ने भारत में वित्तीय सेहत में ऐसा क्या अच्छा या बुरा देखा, जिसके चलते उनकों अपने अनुमान में बदलाव करना पड़ा। आइये समझते हैं। आप ये तो जानते हैं कि World Bank से लेकर IMF तक भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास दर अनुमान को बढ़ा चुके हैं। इन एजेंसियों का साफ कहना है कि भारत दुनिया में सबसे तेजी से आगे बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था बना हुआ है और इकोनॉमी की ये रफ्तार ऐसे ही जारी रहने की उम्मीद है। लेकिन अब फिच और मॉर्गन स्टेनली ने कुछ ऐसा कह दिया है कि जिससे चीन जल भून जाएगा।

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आपको बता दें कि अमेरिकी रेटिंग एजेंसी Fitch Ratings ने भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान मिड टर्म ग्रोथ के लिए 5.5% रखा था। जिसे अब 0.7 फीसदी तक बढ़ाकर अब 6.2 फीसदी कर दिया गया है। फिच ने मिड टर्म ग्रोथ 2023 से 2027 को माना है। सबसे खास बात ये है कि फिच के मुताबिक, भारत की जीडीपी दुनिया की टॉप-10 अर्थव्यवस्थाओं में सबसे ज्यादा रहने वाली है। एजेंसी ने अपने अनुमान को बदलने के पीछे के कई कारणों का जिक्र करते हुए कहा है कि बीते हालिया महीनों में भारत में रोजगार दर में बड़ा सुधार देखने को मिला है। इसके अलावा भारत की लेबर प्रोडक्शन क्षमता भी दूसरे देशों की तुलना में बहुत बेहतर हुई है। इससे पहले World Bank से लेकर IMF तक ने भारत के जीडीपी ग्रोथ अनुमान में बदलते हुए इसे बढ़ाया है और भारत की तेज रफ्तार अर्थव्यवस्था पर भरोसा जताया है। वहीं ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 2027 तक भारत की जीडीपी पांच लाख करोड़ डॉलर तक पहुंच जाएगी और इस तरह भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश बन जाएगा। रिपोर्ट में इस बात की भी उम्मीद जताई गई है कि वित्त वर्ष 2024 में विकास दर 6.4% और 2025 में 6.5% की दर से बढ़ेगी।

फिच ने मिड टर्म ग्रोथ 2023 से 2027 को माना है
फिच ने मिड टर्म ग्रोथ 2023 से 2027 को माना है

एक ओर जहां फिच रेटिंग्स ने भारत के जीडीपी ग्रोथ अनुमान को बढ़ाया है, तो वहीं चीन और रूस जैसे देशों के विकास दर के अनुमान को घटाया है। मिड टर्म ग्रोथ के लिए चीन की जीडीपी की वृद्धि दर को 5.3 फीसदी से घटाकर 4.6 फीसदी कर दिया है। फिच ने अपनी रिपोर्ट में कहा, चीन की जीडीपी में गिरावट का असर 10 उभरते देशों की अर्थव्यवस्था पर भी इसका असर हो सकता है। 10 उभरते देशों के ग्रोथ अनुमान को पहले के 4.3% से घटाकर 4% कर दिया है। इसके लिए फिच ने चीन की अर्थव्यवस्था में गिरावट को जिम्मेदार ठहराया है। साल 2020 में कोविड महामारी के कारण कुछ उभरती अर्थव्यवस्थाओं में मंदी की स्थिति बेहद गंभीर हो गई थी और मेक्सिको, दक्षिण अफ्रीका और भारत की GDP में बड़ी गिरावट देखने को मिली थी। हालांकि, बाद में ज्यादातर अर्थव्यवस्थाओं में मजबूत आर्थिक सुधार देखने को मिला है।

मॉर्गन स्टेनली ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 2027 तक भारत की जीडीपी पांच लाख करोड़ डॉलर तक पहुंच जाएगी
मॉर्गन स्टेनली ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 2027 तक भारत की जीडीपी पांच लाख करोड़ डॉलर तक पहुंच जाएगी

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