पुराने सोलर पैनल बनेंगे कमाई का जरिया, रिसाइक्लिंग से मिल सकता है 935 अरब डॉलर तक फायदा
दुनियाभर में सोलर पैनलों का इस्तेमाल बढ़ने के साथ इनके पुराने होने के बाद निकलने वाले कचरे की चुनौती भी बढ़ रही है। रिसाइक्लिंग के जरिए इस वेस्ट से अरबों डॉलर का आर्थिक फायदा मिल सकता है और बड़े स्तर पर कार्बन उत्सर्जन को कम किया जा सकता है।

In Short
- 2060 तक दुनियाभर में सोलर पैनल वेस्ट 297 मिलियन से 402 मिलियन टन तक पहुंचने का अनुमान है।
- पुराने सोलर पैनलों से सिलिकॉन, चांदी, तांबा और टेल्यूरियम जैसे कीमती मटेरियल निकाले जा सकते हैं।
- सोलर पैनल रिसाइक्लिंग से 935.5 अरब डॉलर तक आर्थिक फायदा और 3.32 अरब टन CO₂ उत्सर्जन में कमी संभव है।
Solar Panel Recycling: दुनियाभर में सोलर एनर्जी का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसके साथ एक नई पर्यावरणीय चुनौती भी सामने आ रही है। आने वाले दशकों में पुराने हो चुके सोलर पैनलों का कचरा बड़ी मात्रा में जमा हो सकता है। नेचर में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक, साल 2060 तक दुनिया में सोलर पैनल वेस्ट की मात्रा 297 मिलियन से 402 मिलियन टन तक पहुंच सकती है।
हालांकि, रिसर्च में यह भी सामने आया है कि इन पुराने सोलर सिस्टम्स की रिसाइक्लिंग से बड़ी आर्थिक बचत और पर्यावरणीय फायदा मिल सकता है।
2060 तक बढ़ेगा सोलर पैनल कचरा
आमतौर पर एक सोलर पैनल की काम करने की अवधि करीब 25 से 30 साल होती है। दुनियाभर में पिछले कई दशकों में सोलर पैनलों की स्थापना तेजी से बढ़ी है, इसलिए 2030 से 2060 के बीच बड़ी संख्या में पुराने पैनल हटाए जाने की संभावना है।
साल 2020 में दुनियाभर में पुराने होने वाले सोलर पैनलों की मात्रा करीब 0.02 मिलियन टन थी, जो 2060 तक बढ़कर 19 मिलियन टन से ज्यादा हो सकती है।
चीन और भारत में कितना होगा सोलर वेस्ट?
रिसर्च के मुताबिक, चीन सबसे ज्यादा पुराने सोलर पैनल कचरे वाला देश बन सकता है। 2060 तक चीन से 112.8 मिलियन से 160.5 मिलियन टन तक सोलर वेस्ट निकलने का अनुमान है।
वहीं, भारत में यह मात्रा 26.8 मिलियन से 35.2 मिलियन टन तक पहुंच सकती है। यह वैश्विक सोलर पैनल कचरे का करीब 8.6% से 9.2% हिस्सा हो सकता है।
पुराने पैनलों से मिलेंगे कीमती मटेरियल
रिटायर हो चुके सोलर पैनलों में सिलिकॉन, चांदी, तांबा और टेल्यूरियम जैसे महत्वपूर्ण पदार्थ मौजूद होते हैं। इनकी रिकवरी से इन्हें क्लीन टेक्नोलॉजी के लिए दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है।
हालांकि, कुछ सोलर मॉड्यूल्स में सीसा और कैडमियम जैसे जहरीले पदार्थ भी हो सकते हैं, इसलिए इनका सुरक्षित तरीके से निपटारा और प्रोसेसिंग जरूरी है।
रिसाइक्लिंग से अरबों डॉलर का फायदा
स्टडी में अनुमान लगाया गया है कि पुराने सोलर पैनलों की रिसाइक्लिंग से 2060 तक 529.1 अरब डॉलर से 935.5 अरब डॉलर तक का कुल आर्थिक फायदा मिल सकता है।
इसके अलावा, रिसाइक्लिंग के जरिए 3.32 अरब टन तक कार्बन डाइऑक्साइड के बराबर उत्सर्जन को कम किया जा सकता है।
रिसाइक्लिंग को सस्ता बनाने की जरूरत
रिसर्च के अनुसार, सोलर पैनल रिसाइक्लिंग 2035 से 2040 के बीच आर्थिक रूप से ज्यादा फायदेमंद हो सकती है। अनुमान है कि प्रोसेसिंग लागत 2020 में 342 से 2,550 डॉलर प्रति टन से घटकर 2040 तक 55.9 से 402.7 डॉलर प्रति टन तक आ सकती है।
शोधकर्ताओं ने सरकारों से शुरुआती दौर में सब्सिडी, रिकवरी नियम, निजी निवेश को बढ़ावा देने और देशों के बीच तकनीक साझा करने की जरूरत बताई है, ताकि सोलर वेस्ट को एक समस्या के बजाय संसाधन में बदला जा सके।

