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AI की रेस में भारत की छलांग...अजीम प्रेमजी समेत कई अरबपति लगा रहे हजारों करोड़ का दांव

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ग्लोबल रेस में अब भारत के बड़े अरबपति भी उतर गए हैं। अजीम प्रेमजी से लेकर मुकेश अंबानी और गौतम अडानी तक AI सेक्टर में बड़े निवेश की तैयारी है। आखिर भारतीय स्टार्टअप्स पर क्यों बढ़ रहा अमीर निवेशकों का भरोसा और इससे किसे फायदा होगा? जानिए पूरी रिपोर्ट।

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In Short

  • भारत के AI स्टार्टअप्स में अरबपतियों और बड़े निवेशकों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ रही है।
  • साल 2026 में AI कंपनियों में फैमिली ऑफिस और एंजेल निवेशकों की फंडिंग करीब 50% बढ़ी।
  • अंबानी-अडानी से लेकर अजीम प्रेमजी तक, बड़े कारोबारी AI सेक्टर में निवेश पर जोर दे रहे हैं।

दुनियाभर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की रेस तेज हो रही है। अमेरिका और चीन इस क्षेत्र में काफी आगे हैं, लेकिन अब भारत भी अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। देश के बड़े अरबपति और अमीर परिवार भारतीय AI स्टार्टअप्स में जमकर पैसा लगा रहे हैं। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, अजीम प्रेमजी, रंजन पई और कुणाल शाह जैसे बड़े निवेशक इस क्षेत्र में दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

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AI स्टार्टअप्स में 50% बढ़ा निवेश

डेटा प्रोवाइडर Tracxn के मुताबिक, 2026 में अब तक भारतीय फैमिली ऑफिस और एंजेल निवेशकों ने देश-विदेश की AI कंपनियों में करीब 76 करोड़ डॉलर का निवेश किया है। यह पिछले साल के मुकाबले लगभग 50% ज्यादा है।

भारत में कम से कम छह AI कंपनियों की वैल्यूएशन एक अरब डॉलर से ज्यादा हो चुकी है। हालांकि, निवेश के मामले में भारत अभी अमेरिका और चीन से काफी पीछे है।

स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट के मुताबिक, 2013 से 2025 के बीच भारत की AI अर्थव्यवस्था में 15 अरब डॉलर से ज्यादा का निजी निवेश हुआ। वहीं, अमेरिका में यह आंकड़ा 757 अरब डॉलर और चीन में करीब 132 अरब डॉलर रहा।

अजीम प्रेमजी और रंजन पई का बड़ा दांव

अजीम प्रेमजी का फैमिली ऑफिस Premji Invest वैश्विक स्तर पर AI कंपनियों में निवेश करने वाले प्रमुख भारतीय निवेशकों में शामिल है। जून में इसने AI वेरिफिकेशन प्लेटफॉर्म Pramaana Labs की 2.7 करोड़ डॉलर की फंडिंग में हिस्सा लिया था। इसके पोर्टफोलियो में Databricks, Canva, Spotdraft और Writer जैसी कंपनियां भी हैं।

वहीं, रंजन पई के फैमिली ऑफिस Claypond Capital ने सितंबर में Flam की 4 करोड़ डॉलर और जुलाई में Emergent की 13 करोड़ डॉलर की फंडिंग में भाग लिया।

प्रतीकात्मक तस्वीर

भारत में तेजी से उभर रहे AI यूनिकॉर्न

भारतीय AI कंपनियां भी तेजी से आगे बढ़ रही हैं। Fractal Analytics ने फरवरी में IPO के जरिए 31.3 करोड़ डॉलर जुटाए और शेयर बाजार में उतरने वाली भारत की पहली AI यूनिकॉर्न बनी।

Uniphore की वैल्यूएशन पिछले साल 2.5 अरब डॉलर पहुंची थी। वहीं, बेंगलुरु की Sarvam ने इस साल 34.5 करोड़ डॉलर जुटाए, जिसके बाद इसकी वैल्यूएशन 1.5 अरब डॉलर हो गई। कंपनी 22 भारतीय भाषाओं में AI मॉडल तैयार कर रही है।

अंबानी-अडानी भी कर रहे बड़ी तैयारी

मुकेश अंबानी और गौतम अडानी ने डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर और AI से जुड़ी सेवाओं में करीब 210 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है।

सरकार का IndiaAI Mission भी 10,370 करोड़ रुपये के बजट के साथ आगे बढ़ रहा है। वहीं, Google, Amazon और Microsoft ने भारत में डेटा सेंटर के लिए करीब 45 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की है।

हालांकि, पूंजी, कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और विशेषज्ञ प्रतिभाओं की कमी अब भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। Artha Venture Fund के अनिरुद्ध दमानी का मानना है कि भारत AI तकनीक को अपनाने के मामले में तेजी से आगे बढ़ सकता है।

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