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भारत में चाइनीज स्मार्टफोन की हिस्सेदारी 6 साल में सबसे कम, सस्ते फोन की बिक्री 45% घटी

स्मार्टफोन बाजार में बड़ा बदलाव दिख रहा है। चाइनीज ब्रांड्स की हिस्सेदारी 6 साल में सबसे कम हो गई है, जबकि 15 हजार रुपए से सस्ते फोन की बिक्री 45% घट गई है। आखिर फोन महंगे क्यों हुए और Samsung, Nothing व Google Pixel को इसका कितना फायदा मिला, पढ़ें पूरी खबर।

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AI Generated Image

In Short

  • चाइनीज स्मार्टफोन ब्रांड्स की बाजार हिस्सेदारी 6 साल के निचले स्तर पर पहुंच गई है।
  • 15 हजार रुपए से सस्ते स्मार्टफोन की बिक्री 45% घट गई है।
  • नथिंग की बिक्री 105% और गूगल पिक्सल की 68% बढ़ गई है।

भारत के स्मार्टफोन बाजार में अप्रैल से जून की तिमाही के दौरान बड़ी गिरावट देखने को मिली है। इस दौरान चाइनीज स्मार्टफोन ब्रांड्स की बाजार हिस्सेदारी घटकर करीब 18% रह गई, जो पिछले छह साल का सबसे निचला स्तर है। वहीं, सैमसंग, नथिंग और गूगल पिक्सल जैसे ब्रांड्स की बिक्री में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

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मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जून तिमाही में देश में स्मार्टफोन की कुल बिक्री पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 10% कम रही। यह बीते छह साल में किसी जून तिमाही के दौरान दर्ज की गई सबसे बड़ी गिरावट है।

15,000 हजार से सस्ते फोन की मांग सबसे ज्यादा घटी

स्मार्टफोन बाजार में सबसे बड़ा झटका 15,000 हजार से कम कीमत वाले फोन को लगा है। इस कैटेगरी में बिक्री सालाना आधार पर 45% गिर गई। इस गिरावट का असर उन कंपनियों पर ज्यादा पड़ा, जिनका ज्यादातर कारोबार कम कीमत वाले स्मार्टफोन से आता है।

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ओपो, वीवो, शाओमी, रियलमी, वनप्लस, आईक्यू और पोको जैसे चाइनीज ब्रांड्स की बिक्री का बड़ा हिस्सा बजट फोन से आता है। फोन की कीमतें बढ़ने और सस्ते मॉडल की मांग घटने के कारण इन कंपनियों की बाजार हिस्सेदारी 2020 के बाद सबसे कम हो गई।

मेमोरी चिप महंगी होने से बढ़े फोन के दाम

स्मार्टफोन की बिक्री में गिरावट की बड़ी वजह मेमोरी चिप की कीमतों में आया तेज उछाल है। मेमोरी चिप का इस्तेमाल फोन में फोटो, वीडियो, ऐप और दूसरे डेटा को स्टोर करने के लिए किया जाता है।

सितंबर 2025 से अब तक इन चिप्स की कीमतें करीब चार गुना बढ़ चुकी हैं। इसके कारण अप्रैल-जून तिमाही के दौरान स्मार्टफोन की औसत कीमत करीब 15% बढ़ गई। रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि आने वाले महीनों में मेमोरी चिप की कीमतें पांच गुना तक बढ़ सकती हैं।

काउंटरपॉइंट का अनुमान है कि बढ़ती कीमतों के कारण इस साल देश में स्मार्टफोन की कुल बिक्री 13% तक घट सकती है।

टॉप-5 ब्रांड्स में सिर्फ सैमसंग की बिक्री बढ़ी

बिक्री के मामले में देश के टॉप-5 स्मार्टफोन ब्रांड्स में सैमसंग अकेली कंपनी रही, जिसकी बिक्री में 2% की बढ़ोतरी हुई। कंपनी की गैलेक्सी ए और गैलेक्सी एस सीरीज की मांग मजबूत रही।

वहीं, नथिंग सबसे तेजी से बढ़ने वाला स्मार्टफोन ब्रांड बना। इसकी बिक्री में 105% का उछाल आया। प्रीमियम स्मार्टफोन कैटेगरी में गूगल पिक्सल की बिक्री 68% बढ़ी। कंपनी को तेज मार्केटिंग और कीमतों को स्थिर रखने का फायदा मिला।

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