बर्जर पेंट्स पर बढ़ा लागत का दबाव, अगस्त में 7 से 8 फीसदी महंगे हो सकते हैं पेंट
बर्जर पेंट्स बढ़ती लागत के दबाव से निपटने के लिए अगस्त में कीमतों में 7 से 8 फीसदी बढ़ोतरी कर सकती है। कच्चे माल की महंगाई और वेस्ट एशिया संकट के असर के बीच कंपनी पहले ही जून तिमाही में 5 फीसदी कीमतें बढ़ा चुकी है।

In Short
- बर्जर पेंट्स अगस्त में पेंट कीमतों में 7 से 8 फीसदी तक बढ़ोतरी कर सकती है।
- कच्चे माल की लागत जून तिमाही में करीब 29 फीसदी बढ़कर 19 अरब रुपये से ज्यादा हुई।
- कंपनी को त्योहारी मांग और डिस्ट्रीब्यूशन विस्तार से राजस्व बढ़ने की उम्मीद है।
बर्जर पेंट्स अपने पेंट की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी करने की तैयारी में है। कंपनी के कई डीलर्स के मुताबिक, बढ़ती लागत के दबाव को देखते हुए आने वाले कुछ दिनों में कीमतों में 7 से 8 फीसदी तक इजाफा किया जा सकता है। इससे पहले जून तिमाही में भी कंपनी ने सजावटी पेंट की कीमतों में 5 फीसदी की बढ़ोतरी की थी। अब नई बढ़ोतरी की वजह बढ़ती लागत और कच्चे माल की महंगाई को बताया जा रहा है।
डीलर्स को कंपनी ने दिए कीमत बढ़ाने के संकेत
बर्जर पेंट्स के डीलर्स का कहना है कि कंपनी के अधिकारियों ने उन्हें जल्द कीमत बढ़ाने की जानकारी दी है। कोलकाता के डीलर बिमल पेन ने बताया कि कंपनी पर लागत का दबाव बढ़ रहा है और इस बार कीमतों में करीब 8 फीसदी तक बढ़ोतरी हो सकती है।
जून तिमाही में कीमतें बढ़ाने के बावजूद बर्जर पेंट्स के सजावटी पेंट कारोबार में अच्छी मांग बनी रही। इस कारोबार में सालाना आधार पर 8 फीसदी से ज्यादा वॉल्यूम ग्रोथ दर्ज की गई। कंपनी की सजावटी पेंट बिक्री आमतौर पर उसके कुल राजस्व का 70 फीसदी से ज्यादा हिस्सा होती है।
कच्चे माल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता
बर्जर पेंट्स के लिए सबसे बड़ी चुनौती कच्चे माल की बढ़ती लागत है। जून तिमाही में कंपनी का कच्चे माल पर खर्च करीब 29 फीसदी बढ़कर 19 अरब रुपये से ज्यादा हो गया था। पेंट बनाने में क्रूड से जुड़े उत्पाद, सॉल्वेंट और टाइटेनियम डाइऑक्साइड जैसे सामान का इस्तेमाल होता है।
हाल में क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी से कंपनी की लागत पर और दबाव बढ़ने की आशंका है। मंगलवार को ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया था।
पेंट कंपनियों में पहले भी हुई कीमत बढ़ोतरी
बर्जर पेंट्स के अलावा दूसरी बड़ी पेंट कंपनियां भी कीमतें बढ़ा चुकी हैं। डीलर्स के मुताबिक, बिड़ला ओपस ने जून तिमाही में अलग-अलग उत्पादों पर 8 से 10 फीसदी तक कीमत बढ़ाई थी। वहीं एशियन पेंट्स ने अप्रैल से जून के बीच चरणों में करीब 7 फीसदी तक कीमतें बढ़ाई थीं।
कंपनी को त्योहारी मांग से उम्मीद
बर्जर पेंट्स के एमडी और सीईओ अभिजीत रॉय ने कहा था कि कंपनी दोहरे अंक में राजस्व बढ़ोतरी बनाए रखने का लक्ष्य रख रही है। कीमत बढ़ोतरी का असर सितंबर तिमाही से कंपनी की कमाई में दिखने की उम्मीद है।
कंपनी को त्योहारी मांग और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के विस्तार से भी फायदा मिलने की उम्मीद है। जून तिमाही में कंपनी का ऑपरेशन से राजस्व सालाना आधार पर करीब 12 फीसदी बढ़कर 36 अरब रुपये पहुंच गया था।
शेयर बाजार में दिखा हल्का दबाव
कीमत बढ़ाने की खबर के बीच बुधवार को बर्जर पेंट्स के शेयरों में हल्की गिरावट देखने को मिली। सुबह 11:35 बजे नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर कंपनी का शेयर 1.3 फीसदी गिरकर 534.35 रुपये पर कारोबार कर रहा था।

