कारों पर भारी पड़ी SUV, बाइक से तेज बढ़ी स्कूटर की बिक्री, जानिए वजह
भारतीय ऑटो बाजार में ग्राहकों की पसंद तेजी से बदल रही है। SUV की बिक्री सामान्य कारों से ढाई गुना ज्यादा रही जबकि स्कूटर की ग्रोथ मोटरसाइकिलों से दोगुनी से अधिक दर्ज हुई। आखिर किन गाड़ियों की मांग सबसे तेजी से बढ़ रही है और बाजार में यह बदलाव क्यों आया जानिए पूरी खबर।

In Short
- अप्रैल-जून 2026 में SUV की बिक्री 28.6% बढ़कर 8.62 लाख यूनिट पहुंची।
- स्कूटर बिक्री की ग्रोथ 30.8% रही जो मोटरसाइकिलों की 14% बढ़त से दोगुनी से ज्यादा है।
- पैसेंजर वाहनों का निर्यात 8.8% बढ़कर 2.22 लाख यूनिट हो गया।
SUV Sales 2026: देश के ऑटो बाजार में ग्राहकों की पसंद तेजी से बदल रही है। अप्रैल से जून 2026 के दौरान सामने आए बिक्री के आंकड़ों में SUV और स्कूटर की मांग सबसे ज्यादा मजबूत दिखाई दी। एक तरफ लोग अब सामान्य हैचबैक और सेडान कारों के बजाय बड़ी और ज्यादा फीचर वाली SUV खरीदना पसंद कर रहे हैं। दूसरी तरफ दोपहिया बाजार में भी स्कूटर की बिक्री मोटरसाइकिलों के मुकाबले ज्यादा तेजी से बढ़ी है।
विशेषज्ञों के मुताबिक जीएसटी में कटौती आसान फाइनेंसिंग और बेहतर फीचर्स वाले वाहनों की बढ़ती मांग से ऑटो बाजार को फायदा मिला है।
SUV बनी पहली पसंद, कारों से ढाई गुना ज्यादा बिक्री
अप्रैल-जून 2026 तिमाही में देशभर में कुल 12.74 लाख पैसेंजर वाहनों की बिक्री हुई। यह पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 25.9% ज्यादा है।
इस बिक्री में सबसे बड़ा हिस्सा यूटिलिटी व्हीकल यानी SUV का रहा। तीन महीनों के दौरान SUV की बिक्री 28.6% बढ़कर 8.62 लाख यूनिट पर पहुंच गई। इसके मुकाबले सेडान और हैचबैक कारों की बिक्री 21.3% बढ़कर 3.67 लाख यूनिट रही।
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आंकड़ों के हिसाब से SUV की बिक्री सामान्य कारों से करीब ढाई गुना ज्यादा रही। अब देश में बिकने वाले हर 100 पैसेंजर वाहनों में करीब 68 SUV शामिल हैं।
स्कूटर की बिक्री में 30% से ज्यादा उछाल
दोपहिया बाजार में भी अच्छी बढ़त दर्ज की गई। अप्रैल से जून के बीच स्कूटरों की बिक्री 30.8% बढ़कर 21.79 लाख यूनिट हो गई। इसके मुकाबले मोटरसाइकिलों की बिक्री 14% बढ़कर 33.09 लाख यूनिट रही।
इसका मतलब है कि कुल बिक्री में बाइक आगे रही लेकिन बढ़ोतरी की रफ्तार में स्कूटर ने मोटरसाइकिल को पीछे छोड़ दिया। स्कूटर की बिक्री की ग्रोथ बाइक से दोगुनी से भी ज्यादा रही।
इसी अवधि में मोपेड की बिक्री 28.9% बढ़कर 1.41 लाख यूनिट हो गई। कुल दोपहिया वाहन बिक्री 20.3% बढ़कर 56.28 लाख यूनिट पर पहुंची।
विदेशों में भी बढ़ी भारतीय कारों की मांग
घरेलू बाजार के साथ कारों के निर्यात में भी सुधार हुआ है। अप्रैल-जून तिमाही में पैसेंजर वाहनों का निर्यात 8.8% बढ़कर 2.22 लाख यूनिट हो गया।
इस बढ़त में लैटिन अमेरिकी देशों से मिली मजबूत मांग का बड़ा योगदान रहा। हालांकि मध्य-पूर्व के बाजारों में निर्यात कुछ कमजोर रहा।
कमर्शियल वाहनों की बिक्री भी मजबूत
अप्रैल-जून के दौरान कमर्शियल वाहनों की कुल बिक्री 18.3% बढ़कर 2.65 लाख यूनिट हो गई। इस सेगमेंट में सबसे ज्यादा योगदान सामान ढोने वाले गुड्स कैरियर वाहनों का रहा।
ताजा आंकड़े बताते हैं कि भारतीय ग्राहक अब ज्यादा जगह बेहतर फीचर्स और ऊंची गाड़ियों के कारण SUV की ओर बढ़ रहे हैं। वहीं शहरी इस्तेमाल आसान ड्राइविंग बेहतर माइलेज और इलेक्ट्रिक विकल्पों की वजह से स्कूटर की मांग भी तेजी से बढ़ रही है।

