जून के आंकड़ों ने खोला नया ट्रेंड, अब इन गाड़ियों पर बढ़ रहा भारतीय ग्राहकों का भरोसा
भारत में कार खरीदने वालों की पसंद तेजी से बदल रही है। पेट्रोल और डीजल के बढ़ते खर्च के बीच अब लोग CNG, EV और हाइब्रिड गाड़ियों की तरफ बढ़ रहे हैं। जून के आंकड़े बताते हैं कि वैकल्पिक ईंधन वाली कारों की मांग में बड़ा उछाल आया है।

In Short
- जून में वैकल्पिक ईंधन वाली गाड़ियों की हिस्सेदारी कुल कार बिक्री में 40 फीसदी से ज्यादा रही।
- CNG कारों की मांग सबसे ज्यादा रही, जबकि EV और हाइब्रिड गाड़ियों की हिस्सेदारी भी बढ़ी।
- इलेक्ट्रिक टू व्हीलर की बिक्री में तेज बढ़त, कंपनियों ने भी मजबूत मांग दर्ज की।
EV Car Sales India: भारत में कार खरीदने वाले लोगों की पसंद तेजी से बदल रही है। पहले ज्यादातर लोग पेट्रोल और डीजल कारों को ही चुनते थे, लेकिन अब कम खर्च में चलने वाली गाड़ियों की मांग बढ़ रही है। जून में पेट्रोल और डीजल के अलावा दूसरी तरह के ईंधन से चलने वाली गाड़ियों की हिस्सेदारी कुल कार बिक्री में 40 फीसदी से ज्यादा रही।
CNG गाड़ियों की मांग सबसे ज्यादा बढ़ी
फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन्स (FADA) के आंकड़ों के मुताबिक, जून में वैकल्पिक ईंधन वाली गाड़ियों की हिस्सेदारी मई के 38 फीसदी से बढ़कर 40 फीसदी से ज्यादा हो गई।
इसमें CNG गाड़ियां सबसे आगे रहीं। जून में कुल कार बिक्री में CNG मॉडल की हिस्सेदारी 24.3 फीसदी रही। वहीं हाइब्रिड कारों की हिस्सेदारी 8.3 फीसदी और इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EV) की हिस्सेदारी 7.8 फीसदी रही।
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पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों और गाड़ी चलाने के खर्च ने ग्राहकों की सोच बदली है। अब लोग कार खरीदते समय सिर्फ कीमत नहीं, बल्कि उसे चलाने में आने वाले खर्च को भी ध्यान में रख रहे हैं।
EV को लेकर बढ़ा लोगों का भरोसा
इलेक्ट्रिक गाड़ियों की शुरुआती कीमत भले ही ज्यादा होती है, लेकिन इन्हें चलाने और देखभाल का खर्च कम होता है। इसी वजह से लोग EV की तरफ आकर्षित हो रहे हैं।
कई राज्य सरकारें इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदने पर टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में छूट भी देती हैं, जिससे ग्राहकों के लिए EV खरीदना आसान हो जाता है।
EV बाजार में सबसे तेज बढ़त इलेक्ट्रिक टू व्हीलर में देखने को मिल रही है। FADA के अनुसार, जून में बिकने वाली कुल EV में करीब 63 फीसदी हिस्सा इलेक्ट्रिक टू व्हीलर का था। वहीं इलेक्ट्रिक कारों की हिस्सेदारी करीब 10 फीसदी रही। टू व्हीलर बाजार में EV की हिस्सेदारी बढ़कर 10.6 फीसदी हो गई।
इलेक्ट्रिक टू व्हीलर की मांग से कंपनियों को फायदा
इलेक्ट्रिक टू व्हीलर की बढ़ती मांग का फायदा कंपनियों को भी मिल रहा है। बजाज ऑटो ने इलेक्ट्रिक टू व्हीलर बिक्री में करीब 70 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की है।
वहीं TVS मोटर ने पहली तिमाही में अपने इलेक्ट्रिक टू व्हीलर कारोबार में 86 फीसदी की ग्रोथ दर्ज की। कंपनी का कहना है कि EV अब सिर्फ कुछ खास ग्राहकों तक सीमित नहीं है, बल्कि आम लोगों के बीच भी इसकी मांग बढ़ रही है।
हाइब्रिड कारों की मांग बढ़ी लेकिन टैक्स बनी चुनौती
हाइब्रिड कारों को भी ग्राहक पसंद कर रहे हैं क्योंकि इनमें अच्छा माइलेज मिलता है और इन्हें पूरी तरह चार्जिंग पर निर्भर नहीं रहना पड़ता।
हालांकि, ज्यादा टैक्स की वजह से हाइब्रिड कारों की बिक्री अभी सीमित है। EV पर 5 फीसदी GST लगता है, जबकि हाइब्रिड कारों पर पेट्रोल और डीजल कारों की तरह टैक्स लगाया जाता है। इससे हाइब्रिड गाड़ियों पर कुल टैक्स का बोझ 40 से 48 फीसदी तक पहुंच जाता है।
कम खर्च वाली गाड़ियों की ओर बढ़ रहे ग्राहक
बढ़ते ईंधन खर्च के बीच ग्राहक अब ऐसी गाड़ियों को पसंद कर रहे हैं, जिनसे लंबे समय में पैसे बचाए जा सकें। जून के आंकड़े बताते हैं कि EV, हाइब्रिड और CNG गाड़ियों की मांग लगातार बढ़ रही है और भारतीय ऑटो बाजार में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है।

