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Ford की भारतीय बाजार में वापसी: 2 साल बाद फिर से दस्तक, चेन्नई प्लांट का इस्तेमाल एक्सपोर्ट के लिए

अमेरिकी ऑटोमोबाइल दिग्गज Ford Motor Company भारतीय बाजार में वापसी करने के लिए पूरी तरह तैयार है। 2021 में कंपनी ने भारत को अलविदा कहा था और अपने उत्पादन और बिक्री को बंद कर दिया था। अब, 2 साल बाद, फोर्ड ने तमिलनाडु सरकार को एक लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) जारी किया है, जिसमें चेन्नई में स्थित अपने मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को एक्सपोर्ट के लिए पुनः उपयोग करने की योजना का खुलासा किया है।

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Ford की भारतीय बाजार में वापसी
Ford की भारतीय बाजार में वापसी

अमेरिकी ऑटोमोबाइल दिग्गज Ford Motor Company

अमेरिकी ऑटोमोबाइल दिग्गज Ford Motor Company भारतीय बाजार में वापसी करने के लिए पूरी तरह तैयार है। 2021 में कंपनी ने भारत को अलविदा कहा था और अपने उत्पादन और बिक्री को बंद कर दिया था। अब, 2 साल बाद, फोर्ड ने तमिलनाडु सरकार को एक लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) जारी किया है, जिसमें चेन्नई में स्थित अपने मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को एक्सपोर्ट के लिए पुनः उपयोग करने की योजना का खुलासा किया है।

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2021 में भारत से हुई थी विदाई

2021 में FORD ने घरेलू बाजार में वाहनों का निर्माण और बिक्री बंद कर दी थी, और 2022 में कंपनी ने अपने एक्सपोर्ट ऑपरेशन को भी पूरी तरह बंद कर दिया था। इसके बाद कंपनी ने भारत से अपनी गतिविधियों को समेट लिया था, जिससे ग्राहकों और कर्मचारियों को निराशा हुई थी। लेकिन अब, कंपनी ने अपनी वापसी के संकेत दिए हैं और भारतीय बाजार को एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देख रही है।

तमिलनाडु सरकार के साथ नई साझेदारी

फोर्ड ने चेन्नई प्लांट का उपयोग वैश्विक बाजारों में निर्यात के लिए मैन्युफैक्चरिंग केंद्र के रूप में करने की योजना बनाई है। फोर्ड इंटरनेशनल मार्केट ग्रुप के अध्यक्ष के हार्ट ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य भारत के प्रति कंपनी की पर्यावरण अनुकूल प्रतिबद्धता को दिखाना है। कंपनी तमिलनाडु में अपनी मैन्युफैक्चरिंग विशेषज्ञता का उपयोग करके वैश्विक बाजारों की सेवा करना चाहती है।

स्टालिन की अमेरिकी यात्रा ने बढ़ाई संभावनाएं

हाल ही में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन अमेरिका दौरे पर थे, जहां उन्होंने फोर्ड के टॉप लीडर्स से मुलाकात की। इस बैठक के बाद यह संभावना बढ़ी कि फोर्ड भारत में दोबारा अपनी उपस्थिति दर्ज कर सकती है। स्टालिन ने फोर्ड को अपनी गतिविधियों को फिर से शुरू करने की अपील की, और इस पर दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी है।

'Ford+ विकास योजना' के तहत वापसी

फोर्ड ने अपनी 'Ford+ विकास योजना' के तहत भारतीय बाजार में पुनः प्रवेश करने का निर्णय लिया है। यह योजना वैश्विक बाजारों में निर्यात के लिए मैन्युफैक्चरिंग पर ध्यान केंद्रित करने की है। हालांकि, कंपनी ने अभी तक यह नहीं बताया है कि वह किस प्रकार के वाहनों का उत्पादन करेगी या अन्य विवरण क्या होंगे। यह जानकारी उचित समय पर साझा की जाएगी।

12,000 कर्मचारियों के साथ नई शुरुआत

फोर्ड वर्तमान में तमिलनाडु में 12,000 कर्मचारियों की टीम के साथ कार्यरत है। कंपनी के प्लांट के पुनः खुलने और मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों के बढ़ने के साथ, आने वाले वर्षों में यह संख्या बढ़कर 2500-3000 तक पहुंचने की उम्मीद है। तमिलनाडु के उद्योग मंत्री टी आर बी राजा ने कहा कि मुख्यमंत्री स्टालिन के प्रयासों का परिणाम अब दिखने लगा है, और राज्य में निवेशकों की रुचि बढ़ रही है।

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फोर्ड की भारतीय बाजार में वापसी

फोर्ड की भारतीय बाजार में वापसी न केवल ऑटोमोटिव उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण घटना है, बल्कि इससे भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को भी नई दिशा मिलेगी। फोर्ड की नई योजना से न सिर्फ तमिलनाडु की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि एक्सपोर्ट के क्षेत्र में भी भारत की स्थिति मजबूत होगी।

Ford की इस वापसी से भारतीय ग्राहकों और ऑटो सेक्टर के लिए नए अवसर पैदा होने की उम्मीद की जा रही है, और यह देखना दिलचस्प होगा कि कंपनी भारतीय बाजार में कैसे दोबारा अपनी पहचान बना पाती है।