11 मिनट में फुल चार्ज होगी इलेक्ट्रिक कार, इस नई बैटरी ने मचाई हलचल - बर्फीली ठंड में भी नहीं होगी फेल
चीन की दिग्गज ऑटोमोबाइल कंपनी BAIC (बीजिंग ऑटोमोटिव ग्रुप) ने इस समस्या का एक क्रांतिकारी समाधान खोज निकाला है। कंपनी ने सोडियम-आयन बैटरी तकनीक में बड़ी सफलता हासिल की है, जो महज 11 मिनट में फुल चार्ज होने की क्षमता रखती है।

In Short
- नई सोडियम-आयन बैटरी सिर्फ 11 मिनट में EV को फुल चार्ज करने का दावा करती है।
- यह बैटरी -40°C से 60°C तक काम कर सकती है और ठंड में भी बेहतर परफॉर्म करती है।
- सस्ती और आसानी से उपलब्ध सोडियम के कारण EV की लागत कम होने की उम्मीद है।
इलेक्ट्रिक कारों (EV) को लेकर ग्राहकों की सबसे बड़ी चिंता हमेशा से चार्जिंग में लगने वाला समय और कम रेंज रही है। पेट्रोल पंप की तरह हर जगह चार्जिंग स्टेशन न होना भी एक बड़ी बाधा है। लेकिन चीन की दिग्गज ऑटोमोबाइल कंपनी BAIC (बीजिंग ऑटोमोटिव ग्रुप) ने इस समस्या का एक क्रांतिकारी समाधान खोज निकाला है। कंपनी ने सोडियम-आयन बैटरी तकनीक में बड़ी सफलता हासिल की है, जो महज 11 मिनट में फुल चार्ज होने की क्षमता रखती है।
सिर्फ 11 मिनट में होगी फुल चार्ज
BAIC के रिसर्च विंग के अनुसार, उन्होंने एक ऐसी सोडियम-आयन बैटरी तैयार की है जो '4C फास्ट चार्जिंग' को सपोर्ट करती है। टेस्टिंग के दौरान इस बैटरी ने शून्य से 100 प्रतिशत चार्ज होने में सिर्फ 11 मिनट का समय लिया। हालांकि, सड़क पर असली हालातों में यह समय थोड़ा ज्यादा हो सकता है, लेकिन फिर भी यह मौजूदा इलेक्ट्रिक कारों के मुकाबले बहुत कम है। इस बैटरी की ऊर्जा क्षमता (एनर्जी डेंसिटी) 170 Wh/kg मापी गई है, जो इसे ईवी बाजार के लिए एक मजबूत दावेदार बनाती है।
कड़ाके की ठंड में भी नहीं होगी फेल
अक्सर देखा गया है कि बर्फीले इलाकों या बहुत कम तापमान में इलेक्ट्रिक कारों की बैटरी जल्दी खत्म हो जाती है। BAIC की यह नई बैटरी -40 डिग्री से लेकर 60 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान में काम करने के लिए बनाई गई है।
कंपनी का दावा है कि -20 डिग्री की जमा देने वाली ठंड में भी यह बैटरी 92 प्रतिशत तक चार्ज बरकरार रखती है। थर्मल टेस्टिंग के दौरान 200 डिग्री सेल्सियस की गर्मी में भी यह पूरी तरह स्थिर रही, जो इसकी सुरक्षा और मजबूती को दर्शाता है।
सस्ती और टिकाऊ तकनीक
पूरी दुनिया में सोडियम-आयन बैटरी को लिथियम-आयन के विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि सोडियम (नमक का मुख्य हिस्सा) बहुत आसानी से और कम कीमत पर उपलब्ध है। लिथियम के मुकाबले इसकी उपलब्धता ज्यादा होने से बैटरी की लागत कम होगी, जिससे आने वाले समय में इलेक्ट्रिक कारें सस्ती हो सकती हैं। BAIC ने इस तकनीक से जुड़े करीब 20 पेटेंट भी फाइल किए हैं, जो इसके डिजाइन और बनाने के तरीके को सुरक्षित करते हैं।
बाजार में कब आएगी यह तकनीक?
हालांकि BAIC ने अभी अपनी इस जादुई बैटरी के बाजार में आने की कोई पक्की तारीख नहीं दी है, लेकिन चीन की ही दूसरी कंपनियां जैसे चांगान ऑटोमोबाइल और CATL ने फरवरी 2026 में पहली बार बड़े स्तर पर बनने वाली सोडियम-आयन कार पेश कर दी है।
यह कार 400 किलोमीटर से ज्यादा की रेंज का वादा करती है और 2026 के मध्य तक सड़क पर उतर सकती है। ऐसे में BAIC की यह 11 मिनट वाली चार्जिंग तकनीक आने वाले समय में पेट्रोल कारों की छुट्टी कर सकती है।

