Biden की सुरक्षा में बड़ी लापरवाही, सुरक्षा एजेंसियों में अफरा-तफरी
अलग-अलग राष्ट्राध्यक्षों के काफिला के लिए कई प्राइवेट गाडियां हायर की गई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति दुनिया में सबसे ज्यादा कड़ी सुरक्षा में रहते हैं। जिस देश में भी राष्ट्रपति का दौरा होता है वहां कम से कम तीन महीने पहले सीक्रेट सर्विस के एजेंट वहां पहुंच जाते हैं। ये एजेंट यहां पर स्थानीय पुलिस और एजेंसियों के साथ मिलकर राष्ट्रपति के दौरे का खाका तय करते हैं।

G20 समिट में हिस्सा लेने भारत आए अमेरिकी राष्ट्रपति Joe Biden की सुरक्षा में बड़ी लापरवाही सामने आई है। जानकारी के मुताबिक दिल्ली में उनके काफिले में शामिल एक गाड़ी का ड्राइवर किसी और को छोड़ने दूसरे होटल पहुंच गया। हालांकि उसकी इस लापरवाही को सुरक्षा में तैनात अधिकारियों ने तुरंत पकड़ लिया। ड्राइवर को पुलिस ने हिरासत में लिया और पूछताछ के बाद सबकुछ सामान्य पाए जाने पर उसे छोड़ दिया गया है।
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दरअसल जब शनिवार को अमेरिका राष्ट्रपति जो बाइडेन दिल्ली में थे तो उस दौरान उनके काफिले की एक कार Hotel Taj में घुस गई जबकि होटल ताज में यूएई के प्रेसिडेंट रुके हुए थे। कार में कई स्टिकर लगे हुए थे इसलिए सिक्योरिटी जांच कर रहे अफसरों ने तुरंत मैसेज फ्लैश किया। कार के ड्राइवर ने पूछताछ में बताया कि उसे ITC Maurya जाना था जहां बाइडेन रुके हैं वहां 9:30 बजे पहुंचना था, लेकिन वहां जाने में समय था इसलिए सुबह 8 बजे अपने एक पुराने कस्टमर को लोधी स्टेट से लेकर होटल ताज पहुंच गये। कार में एक कारोबारी सवार था जिसे उसने लोधी स्टेट इलाके से पिक किया था और उसे ताज होटल छोड़ना था। उसने बताया की उसे प्रोटोकाल पता नहीं था। पूछताछ के बाद एजेंसियों ने कार के ड्राइवर और कारोबारी को छोड़ दिया और कार के सभी स्टिकर को निकालकर उसे काफिले से हटा दिया है।
अलग-अलग राष्ट्राध्यक्षों के काफिला के लिए कई प्राइवेट गाडियां हायर की गई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति दुनिया में सबसे ज्यादा कड़ी सुरक्षा में रहते हैं। जिस देश में भी राष्ट्रपति का दौरा होता है वहां कम से कम तीन महीने पहले सीक्रेट सर्विस के एजेंट वहां पहुंच जाते हैं। ये एजेंट यहां पर स्थानीय पुलिस और एजेंसियों के साथ मिलकर राष्ट्रपति के दौरे का खाका तय करते हैं। सीक्रेट सर्विस 1901 से अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा का काम संभाल रही है। इसके एजेंट स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर संभावित खतरे की पहचान करते हैं। जिन लोगों से खतरा हो सकता है, उनकी पहचान करते हैं। ये राष्ट्रपति के रूट की जांच करते हैं। चप्पा-चप्पा छाना जाता है। उनके रूट के आसपास भी किसी गाड़ी को खड़े नहीं होने दिया जाता है। बता दें कि जी20 में हिस्सा लेने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन वियतनाम के लिए रवाना हो चुके हैं।
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