क्या है POSH कानून? वर्कप्लेस शिकायतों के बाद फिर चर्चा में महिलाओं की सुरक्षा

Sexual Harassment of Women at Workplace (Prevention, Prohibition and Redressal) Act, 2013 कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया कानून है। हालिया मामलों के बाद इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर सवाल उठे हैं, जिससे कंपनियों की जिम्मेदारी, शिकायत निपटान प्रक्रिया और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर बहस तेज हो गई है।

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By Gaurav Kumar:

What is POSH Act: आईटी कंपनी Tata Consultancy Services (TCS) के नासिक यूनिट में यौन उत्पीड़न और वर्कप्लेस में दुर्व्यवहार की शिकायतों ने POSH कानून के इस्तेमाल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 70 कर्मचारियों ने शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कई पीड़ितों को शिकायत वापस लेने के लिए दबाव भी झेलना पड़ा।

इस मामले के बाद अब POSH कानून यानी Sexual Harassment of Women at Workplace Act 2013 कितना असरदार है और कंपनियां इसे कितनी गंभीरता से लागू करती हैं, इस पर चर्चा तेज हो गई है।

POSH कानून क्या है?

2013 में लागू हुआ POSH Act वर्कप्लेस पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनाया गया था। इसकी शुरुआत 1997 के Vishaka Guidelines से हुई थी। इस कानून के तहत किसी भी तरह का गलत छूना, गंदी बात करना या इशारों में गलत व्यवहार करना अपराध माना जाता है। यह नियम उन सभी जगहों पर लागू होता है जहां 10 या उससे ज्यादा लोग काम करते हैं।

इंटरनल कमेटी: पहली जिम्मेदारी

POSH कानून के तहत हर कंपनी को Internal Committee (IC) बनाना अनिवार्य है, जिसमें आधे सदस्य महिलाएं होनी चाहिए। शिकायत मिलने के बाद 90 दिनों के भीतर जांच पूरी करना जरूरी है, जबकि आरोपी को जवाब देने के लिए 10 दिन का समय मिलता है।कमेटी को सिविल कोर्ट जैसी शक्तियां भी दी गई हैं, ताकि वह गवाहों को बुला सके और दस्तावेज मांग सके।

कंपनियों की जिम्मेदारी और सख्त प्रावधान

कानून सिर्फ कमेटी बनाने तक सीमित नहीं है। कंपनियों को कर्मचारियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाने, वार्षिक रिपोर्ट जमा करने और कार्यस्थल पर नियम स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने होते हैं। नियमों का पालन न करने पर 50,000 रुपये तक जुर्माना और बार-बार उल्लंघन पर लाइसेंस तक रद्द हो सकता है।

नासिक केस: कहां हुई चूक?

नासिक मामले में आरोप है कि फरवरी 2022 से मार्च 2026 तक कई शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस का कहना है कि अगर शुरुआती शिकायतों पर कदम उठाया जाता, तो मामला इतना नहीं बढ़ता।

कर्मचारी संगठन Nascent Information Technology Employees Senate (NITES) ने श्रम मंत्रालय से TCS के POSH अनुपालन की जांच की मांग की है। साथ ही, पुराने मामलों की समीक्षा और जिम्मेदारी तय करने की भी अपील की गई है।

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