महंगा हुआ टमाटर! देशभर में बढ़े दाम, अगस्त से पहले राहत की उम्मीद कम

उपभोक्ता मामलों के विभाग के मुताबिक, टमाटर की औसत खुदरा कीमत बढ़कर 43.70 रुपये प्रति किलो पहुंच गई है। यह कीमत पिछले साल के मुकाबले 24% और एक महीने पहले के मुकाबले 26% ज्यादा है।

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In Short

  • टमाटर की औसत खुदरा कीमत बढ़कर 43.70 रुपये प्रति किलो पहुंची, जो एक महीने में 26% और सालभर में 24% बढ़ी।
  • खराब मौसम, कम उत्पादन और महाराष्ट्र, कर्नाटक व उत्तर प्रदेश से कम आवक के कारण बाजार में टमाटर की सप्लाई प्रभावित हुई है।
  • विशेषज्ञों के मुताबिक अगस्त से पहले टमाटर की कीमतों में बड़ी राहत मिलने की संभावना कम है।

By Uphar Pandey:

Tomato price hike: देशभर में टमाटर की कीमतों में एक बार फिर तेज उछाल देखने को मिल रहा है। खराब मौसम, कम सप्लाई और टमाटर उगाने वाले बड़े राज्यों से कम आवक की वजह से बाजार में टमाटर लगातार महंगा हो रहा है।

फाइनेंशियल एक्सप्रेस के रिपोर्ट के मुताबिक टमाटर की औसत खुदरा कीमत बढ़कर 43.70 रुपये प्रति किलो पहुंच गई है। यह कीमत पिछले साल के मुकाबले 24% और एक महीने पहले के मुकाबले 26% ज्यादा है।

एक्सपर्ट का कहना है कि भीषण गर्मी, अनियमित मानसून और फसल को हुए नुकसान के कारण उत्पादन प्रभावित हुआ है। महाराष्ट्र, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों से आपूर्ति में कमी आने से बाजार में दबाव बढ़ गया है।

मंडी में क्या है टमाटर का भाव?

दिल्ली की एशिया की सबसे बड़ी फल एवं सब्जी मंडी, आजादपुर मंडी में टमाटर का थोक भाव लगभग 2,700 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 66 प्रतिशत अधिक है। वहीं, आंध्र प्रदेश की मदनपल्ले कृषि मंडी में टमाटर के थोक दाम 34,000 रुपये प्रति क्विंटल से ऊपर पहुंच गए हैं। यह एक महीने पहले के लगभग 2,000 रुपये प्रति क्विंटल के स्तर की तुलना में भारी बढ़ोतरी है।

टमाटर की बढ़ती कीमतों का असर खाद्य मुद्रास्फीति पर भी दिखाई दे रहा है। मई महीने में टमाटर मुद्रास्फीति 48.43 प्रतिशत दर्ज की गई। रेटिंग एजेंसी क्रिसिल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, घर में बनने वाले भोजन की लागत बढ़ाने में टमाटर सबसे बड़ा योगदानकर्ता रहा है।

क्रिसिल का अनुमान है कि जून से अगस्त के बीच टमाटर की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रह सकती हैं। एजेंसी का कहना है कि कम बुवाई और मौसम संबंधी चुनौतियों के कारण आपूर्ति में सुधार होने में समय लगेगा।

आलू और प्याज की कीमतें फिलहाल स्थिर

हालांकि आलू और प्याज की कीमतें फिलहाल स्थिर बनी हुई हैं, लेकिन आने वाले महीनों में इनकी कीमतों पर भी कुछ दबाव देखने को मिल सकता है।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि नई फसल की आवक बढ़ने तक उपभोक्ताओं को महंगे टमाटर का सामना करना पड़ सकता है और अगस्त से पहले कीमतों में बड़ी राहत मिलने की संभावना कम है।

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