₹15 हजार की इंटर्नशिप से ₹25 एलपीए तक पहुंचा टेक प्रोफेशनल, ढाई साल में बदली पूरी करियर कहानी
₹15 हजार की इंटर्नशिप से शुरू हुआ सफर सिर्फ ढाई साल में एक ऐसे मुकाम तक पहुंचा, जिसकी शायद शुरुआत में कल्पना भी नहीं की गई होगी। इस दौरान लिए गए कुछ करियर फैसलों ने पूरी तस्वीर बदल दी। आखिर क्या था वो रास्ता, जिसने इतनी तेजी से करियर की दिशा बदल दी?

In Short
- ₹15 हजार महीने की इंटर्नशिप से शुरू हुआ सफर, छह महीने बाद मिली ₹7 लाख सालाना की पहली नौकरी
- लगातार बेहतर मौकों और सही समय पर जॉब बदलने से ढाई साल में सैलरी पहुंची ₹25 लाख सालाना
- * क्लासमेट की कामयाबी देखकर रुतुजा ने भी सोचा- अगर कोडिंग जारी रखतीं, तो क्या आज उनकी कहानी भी ऐसी होती?
आज के समय में अच्छी सैलरी वाली नौकरी पाने के लिए सिर्फ मेहनत करना ही काफी नहीं है। सही समय पर सही फैसला लेना भी उतना ही जरूरी है। एक टेक प्रोफेशनल की कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है। उसकी कॉलेज क्लासमेट रुतुजा ने उसकी करियर जर्नी शेयर की, जिसे देखकर कई लोगों ने अपने करियर के बारे में भी सोचना शुरू कर दिया। इस टेक प्रोफेशनल ने आखिर कैसे ₹15 हजार की इंटर्नशिप से शुरुआत करके करीब ढाई साल में ₹25 लाख सालाना तक का सफर तय किया, यही उसकी कहानी का सबसे खास हिस्सा है।
₹15 हजार की इंटर्नशिप से ₹7 लाख की पहली नौकरी
टेक प्रोफेशनल ने अपने करियर की शुरुआत सिर्फ ₹15,000 महीने की इंटर्नशिप स्टाइपेंड से की थी। इसके करीब छह महीने बाद ही उसे पहली फुल-टाइम नौकरी मिल गई। इस नौकरी में उसका सालाना पैकेज ₹7 लाख था।
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यानी शुरुआत छोटी थी, लेकिन करियर में आगे बढ़ने की रफ्तार काफी तेज रही।
अप्रेजल के बाद सैलरी हुई ₹9 लाख
पहली नौकरी के बाद अप्रेजल में उसकी सैलरी बढ़कर ₹9 लाख सालाना हो गई। इसके बाद उसे दूसरी कंपनी से ₹14 लाख सालाना का ऑफर मिला। उसे रोकने के लिए उसकी मौजूदा कंपनी ने भी ₹14 लाख के ऑफर को मैच कर दिया। इस तरह एक बेहतर ऑफर मिलने से उसकी सैलरी में बड़ा उछाल आया।
सिंगापुर की कंपनी से मिला ₹25 लाख सालाना का ऑफर
इसके बाद टेक प्रोफेशनल को सिंगापुर की एक कंपनी में ₹25 लाख सालाना का रोल मिला। इस तरह करीब ढाई साल में उसकी कमाई ₹15,000 महीने की इंटर्नशिप स्टाइपेंड से बढ़कर ₹25 लाख सालाना तक पहुंच गई। उसकी कहानी बताती है कि सही समय पर जॉब स्विच करने से सैलरी और करियर, दोनों में तेजी से ग्रोथ हो सकती है।
क्लासमेट की कामयाबी देखकर रुतुजा ने खुद से पूछा सवाल
रुतुजा ने बताया कि वह अपने क्लासमेट की कामयाबी से बहुत खुश हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने कॉलेज के दिनों से उसकी मेहनत और डेडिकेशन देखी है। लेकिन उसकी कामयाबी देखकर रुतुजा ने अपने करियर के बारे में भी सोचा। उन्होंने लिखा कि अगर वह कोडिंग जारी रखतीं, तो क्या आज वह भी उसी जगह होतीं? हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि खुद की तुलना किसी और से नहीं करनी चाहिए, क्योंकि हर किसी का सफर अलग होता है।
लोगों ने कहा- जॉब सिर्फ सैलरी के लिए न बदलें
रुतुजा की पोस्ट पर कई लोगों ने अपनी राय दी। एक यूजर ने कहा कि अपने क्लासमेट की कामयाबी पर खुशी जताने के साथ-साथ अपने मन की बात ईमानदारी से कहना अच्छी सेल्फ-अवेयरनेस दिखाता है। वहीं एक यूजर ने कहा कि बार-बार जॉब बदलने के फायदे और नुकसान दोनों हैं। सही समय पर जॉब बदलने से सैलरी और एक्सपोजर तेजी से बढ़ सकता है, लेकिन हर बार सिर्फ ज्यादा पैसे के लिए जॉब बदलने पर नई टीम, नई उम्मीदें, नया प्रेशर और कम स्थिरता जैसी परेशानियां भी आ सकती हैं। उसके मुताबिक जॉब स्विच ग्रोथ और सैलरी दोनों के लिए होना चाहिए, सिर्फ सैलरी के लिए नहीं।
दूसरी जिंदगी हमेशा बेहतर नहीं होती
एक अन्य यूजर ने तुलना से बचने की सलाह दी। उसने कहा कि अक्सर हमें दूसरी तरफ की जिंदगी ज्यादा अच्छी लगती है, लेकिन असलियत अलग हो सकती है। इंसान जहां है, वहां भी अच्छी स्थिति में हो सकता है। इस पूरी कहानी में एक तरफ टेक प्रोफेशनल की तेज करियर ग्रोथ दिखाई देती है, तो दूसरी तरफ यह भी सामने आता है कि हर व्यक्ति का करियर सफर अलग होता है और किसी दूसरे की कामयाबी देखकर अपने सफर को कम नहीं आंकना चाहिए।