बच्चा चाहिए तो अपनी पत्नी को भेजो, नमाज पढ़ो, धमकी और... TCS के एक पुरुष कर्मचारी ने लगाए चौंकाने वाले आरोप

दावा है कि पुरुष कर्मचारी के टीम लीड और सहयोगियों ने उसे नमाज पढ़ने, कलमा पढ़ने और धार्मिक पहचान बदलने के लिए दबाव डाला। विरोध करने पर उसे धमकियां दी गईं और निजी जीवन पर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं।

Advertisement
AI Generated Image

By Gaurav Kumar:

आईटी कंपनी Tata Consultancy Services (TCS) की नासिक यूनिट में एक पुरुष कर्मचारी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उसने दावा किया कि उसके टीम लीड और सहयोगियों ने उसे नमाज पढ़ने, कलमा पढ़ने और धार्मिक पहचान बदलने के लिए दबाव डाला। विरोध करने पर उसे धमकियां दी गईं और निजी जीवन पर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं।

कर्मचारी ने बताया कि यह सिलसिला 2022 में नौकरी जॉइन करने के तुरंत बाद शुरू हुआ। उसने आरोप लगाया कि टीम लीडर तौसीफ अख्तर और सहयोगी दानिश शेख ने उसे निशाना बनाया और अतिरिक्त काम देकर लगातार दबाव बनाया।

पहले से चल रही जांच से जुड़ा मामला

यह मामला पहले दर्ज एक FIR से भी जुड़ा बताया जा रहा है, जिसमें 23 वर्षीय महिला कर्मचारी ने भी गंभीर आरोप लगाए थे। उसने दानिश शेख पर जबरन शादी और उत्पीड़न की कोशिश का आरोप लगाया था, जबकि तौसीफ अख्तर और HR कर्मचारी निदा खान पर धार्मिक टिप्पणी और दबाव बनाने का आरोप लगा था।

इस मामले में पुलिस ने अंडरकवर जांच भी की थी और अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। नासिक शाखा से जुड़े कुल नौ मामले दर्ज हुए हैं।

धर्म को बनाया दबाव का जरिया

पुरुष कर्मचारी ने कहा कि उसकी धार्मिक पहचान को लेकर लगातार मजाक उड़ाया गया। उसने खुद को रामदास स्वामी का अनुयायी बताया और कहा कि वह रुद्राक्ष की माला पहनता है, जिसे हटाने के लिए दबाव बनाया गया। उसने यह भी आरोप लगाया कि उसे नाइट शिफ्ट के बाद जबरन होटल ले जाकर नॉन-वेज खाने के लिए कहा गया। मना करने पर उसका मजाक उड़ाया गया।

‘नमाज पढ़वाई, फोटो शेयर किए’

कर्मचारी के अनुसार, 2023 की ईद पर उसे जबरन टोपी पहनाकर नमाज पढ़वाई गई और उसकी तस्वीरें खींचकर कंपनी के ग्रुप में शेयर की गईं।

व्यक्तिगत जीवन पर भी टिप्पणी

आरोप है कि आरोपी उसके निजी जीवन को लेकर भी अपमानजनक बातें करते थे। संतान न होने पर तंज कसते हुए कथित तौर पर कहा गया कि 'अगर बच्चा चाहिए तो पत्नी को भेजो।'

विरोध करने पर हिंसा की भी बात सामने आई है। कर्मचारी ने आरोप लगाया कि उस पर पंखा फेंका गया और जान से मारने की धमकी दी गई।

जबरन धर्म परिवर्तन का आरोप

कर्मचारी ने यह भी कहा कि उसके पिता की बीमारी के दौरान आरोपियों ने कहा कि धर्म परिवर्तन करने पर ही ठीक होंगे। उसका दावा है कि जब उसने इनकार किया, तो उसके खिलाफ झूठी शिकायतें कर उसे नौकरी से हटाने की कोशिश की गई।

Read more!
Advertisement