टीसीएस नासिक मामले पर एन. चंद्रशेखरन का सख्त रुख! कहा- दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई

N. Chandrasekaran ने नासिक यूनिट में सामने आए कथित यौन उत्पीड़न मामलों पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि जांच में किसी भी कर्मचारी की गलती साबित होने पर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही कंपनी अपने प्रिवेंशन ऑफ सेक्सुअल हैरेसमेंट (POSH) सिस्टम में किसी तरह की कमी की भी जांच कर रही है।

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TCS के चेयरमैन N. Chandrasekaran

By Gaurav Kumar:

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के चेयरमैन N. Chandrasekaran ने नासिक यूनिट में सामने आए कथित यौन उत्पीड़न मामलों पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि जांच में किसी भी कर्मचारी की गलती साबित होने पर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही कंपनी अपने प्रिवेंशन ऑफ सेक्सुअल हैरेसमेंट (POSH) सिस्टम में किसी तरह की कमी की भी जांच कर रही है।

TCS की 31वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में बोलते हुए चंद्रशेखरन ने कहा कि मामला फिलहाल अदालत में विचाराधीन है, इसलिए वह इस पर ज्यादा टिप्पणी नहीं करना चाहते। हालांकि, उन्होंने बताया कि कंपनी को मिली शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार किसी भी औपचारिक चैनल या ईमेल के जरिए शिकायत प्राप्त नहीं हुई थी।

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उन्होंने कहा कि हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि नासिक ऑफिस पर मौजूद सभी कर्मचारी जांचकर्ताओं से खुलकर बात कर सकें। यदि प्रक्रियाओं में कोई कमी पाई जाती है तो उन्हें और मजबूत किया जाएगा। यदि किसी कर्मचारी की गलती सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। हम औपचारिक जांच पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं और अधिकारियों के साथ सहयोग कर रहे हैं।

SIT जांच के बाद दर्ज हुए कई मामले

यह मामला मार्च में सामने आया था, जब TCS की नासिक बीपीओ यूनिट में कार्यरत एक महिला कर्मचारी ने आरोप लगाया कि एक सहकर्मी ने शादी का वादा कर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।

जांच के दौरान नासिक पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने पिछले महीने कई एफआईआर और चार्जशीट दाखिल कीं। जांच आगे बढ़ने पर 2022 से 2026 के बीच कथित मानसिक और यौन उत्पीड़न से जुड़े आठ अन्य मामले भी दर्ज किए गए। कुछ शिकायतकर्ताओं ने धर्म परिवर्तन के प्रयासों के आरोप भी लगाए हैं।

Deloitte और Trilegal को सौंपी गई इंटरनल जांच

इन आरोपों की आंतरिक जांच के लिए TCS ने स्वतंत्र सलाहकार के रूप में Deloitte और Trilegal को नियुक्त किया है। इस जांच की निगरानी कंपनी की प्रेसिडेंट और चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर आरती सुब्रमणियन कर रही हैं।

कंपनी ने एक ओवरसाइट कमेटी भी गठित की है, जिसकी अध्यक्षता स्वतंत्र निदेशक केकी मिस्त्री कर रहे हैं। यह समिति जांच निष्कर्षों की समीक्षा कर आगे की कार्रवाई के लिए सिफारिशें देगी।

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