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AI का TCS पर पड़ेगा बड़ा असर! N. Chandrasekaran ने हायरिंग से लेकर कही ये बड़ी बात

9 जून को TCS की 31वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) को संबोधित करते हुए चंद्रशेखरन ने कहा कि टेक्नोलॉजी की दुनिया एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। उनके मुताबिक AI आईटी सर्विसेज इंडस्ट्री के लिए खतरा नहीं, बल्कि अब तक का सबसे बड़ा अवसर बनकर उभर रहा है।

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टाटा संस के चेयरमैन N. Chandrasekaran

टाटा संस के चेयरमैन N. Chandrasekaran ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर एक बड़ा अनुमान जताया है। उन्होंने कहा है कि अगले तीन साल में Tata Consultancy Services (TCS) में AI एजेंट्स की संख्या मानव कर्मचारियों के बराबर हो सकती है।

9 जून को TCS की 31वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) को संबोधित करते हुए चंद्रशेखरन ने कहा कि टेक्नोलॉजी की दुनिया एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। उनके मुताबिक AI आईटी सर्विसेज इंडस्ट्री के लिए खतरा नहीं, बल्कि अब तक का सबसे बड़ा अवसर बनकर उभर रहा है।

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उन्होंने कहा कि मेरा अनुमान है कि अगले तीन साल में TCS के पास मानव कर्मचारियों जितने AI एजेंट होंगे। आज TCS में करीब 5 लाख कर्मचारी काम कर रहे हैं और वह दिन दूर नहीं जब कंपनी के पास 5 लाख AI एजेंट भी होंगे और भविष्य में कर्मचारी और AI एजेंट मिलकर काम करेंगे।

हाइरिंग की रफ्तार होगी कम - एन. चंद्रशेखरन

एन. चंद्रशेखरन ने माना की एआई से भर्ती (हायरिंग) की रफ्तार कुछ हद तक कम हो सकती है क्योंकि कुछ काम AI एजेंट संभालेंगे, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि नौकरी के अवसर खत्म हो जाएंगे। नई तकनीक के साथ नए तरह के रोजगार और अवसर भी पैदा होंगे।

AI को खतरे नहीं, अवसर के रूप में देखें

जनरेटिव AI और ऑटोनॉमस एजेंट्स के बढ़ते प्रभाव को लेकर आईटी उद्योग में लगातार बहस चल रही है। खासकर भारत में, जहां आईटी कंपनियों का बिजनेस मॉडल बड़े पैमाने पर ह्यूमन रिसोर्स पर आधारित रहा है।

इन चिंताओं पर बोलते हुए चंद्रशेखरन ने कहा कि AI को नौकरियां खत्म करने वाली तकनीक के रूप में नहीं देखना चाहिए। उनके अनुसार, AI सॉफ्टवेयर बनाने और मैनेजमेंट में लगने वाले समय को कम जरूर करेगा, लेकिन इससे तकनीक की संभावनाएं कई गुना बढ़ जाएंगी।

TCS के लिए पांच बड़े अवसर

चंद्रशेखरन ने बताया कि AI के दौर में TCS और आईटी सर्विसेज सेक्टर के लिए पांच बड़े अवसर उभर रहे हैं। इनमें कंपनियों के पुराने टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर को मॉडर्न बनाना, AI की मदद से बिजनेस प्रोसेस को नए तरीके से डिजाइन करना, AI सिस्टम्स की निगरानी और मैनेजमेंट करना, देशों और संस्थाओं के लिए अपनी AI क्षमताएं विकसित करना और रोबोटिक्स व स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर में AI का इस्तेमाल शामिल है।

उन्होंने खास तौर पर AI गवर्नेंस को भविष्य का बड़ा बिजनेस अवसर बताया। उनका कहना है कि AI एजेंट्स समय के साथ लगातार सीखते और बदलते रहते हैं, इसलिए उन पर नजर रखना, उन्हें कंट्रोल करना और नियमों के मुताबिक चलाना आने वाले समय में बड़ी मांग वाला काम बन सकता है।

AI कारोबार में तेजी

चंद्रशेखरन ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 की अंतिम तिमाही तक TCS का एनुअल AI राजस्व 2.4 अरब डॉलर तक पहुंच गया था। यह तिमाही-दर-तिमाही आधार पर 22.4% की चक्रवृद्धि ग्रोथ रेट (CQGR) से बढ़ रहा है।

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उन्होंने कहा कि आने वाले दशक में वैश्विक एंटरप्राइज आईटी उद्योग का आकार 1.6 ट्रिलियन डॉलर से बढ़कर 3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है और AI इस वृद्धि का प्रमुख चालक होगा।

चंद्रशेखरन के अनुसार, एंटरप्राइज AI की सफलता केवल AI मॉडल्स की उपलब्धता पर निर्भर नहीं करेगी, बल्कि उन्हें मौजूदा सिस्टम्स में सुरक्षित और भरोसेमंद तरीके से जोड़ने की क्षमता पर भी निर्भर करेगी।