राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बाद ट्रस्ट सख्त, बैंकिंग सिस्टम से दान गिनती तक तक बदले नियम

राम मंदिर में चढ़ावा व्यवस्था को लेकर बड़े बदलाव किए गए हैं। अब बैंक खातों का संचालन नए नियमों से होगा और दान की गिनती पर कड़ी नजर रखी जाएगी। पढ़ें पूरी खबर।

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In Short

  • राम मंदिर ट्रस्ट ने बैंकिंग सिस्टम बदला, अब तीन लोगों के संयुक्त हस्ताक्षर जरूरी होंगे।
  • अब दान गिनती वाली जगह पर 43 लोग रहेंगे और 13 नए सीसीटीवी लगाए गए।
  • जांच में फर्जी रसीदों का खुलासा हुआ, आरोपियों से पूछताछ जारी है।

By Gaurav Kumar:

Ram Mandir Donation Rules: राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी की जांच के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने दान व्यवस्था और बैंकिंग सिस्टम में बड़े बदलाव किए हैं। अब मंदिर के बैंक खातों का संचालन पहले की तरह एक व्यक्ति के हस्ताक्षर से नहीं होगा। नई व्यवस्था में तीन अधिकृत लोगों के संयुक्त हस्ताक्षर जरूरी होंगे।

बैंक खातों के लिए नया नियम

ट्रस्ट ने बैंक खातों के संचालन के लिए कार्यकारी महासचिव कृष्ण मोहन के साथ जगदीश और चंदन राय को भी अधिकृत किया है। अब मंदिर के बैंक खातों से जुड़े किसी भी वित्तीय लेनदेन के लिए इन तीनों के संयुक्त हस्ताक्षर अनिवार्य होंगे।

इससे पहले बैंकिंग व्यवस्था की जिम्मेदारी ट्रस्टी अनिल मिश्रा के पास थी और बैंक में उनके हस्ताक्षर मान्य थे। कोषाध्यक्ष गोविंद गिरी के केवल डिजिटल हस्ताक्षर इस्तेमाल किए जाते थे।

दान की गिनती वाली जगह पर सुरक्षा बढ़ी

दान पेटियों से मिलने वाली रकम की गिनती को लेकर भी सुरक्षा बढ़ाई गई है। अब दान गणना स्थल पर कुल 43 लोग मौजूद रहेंगे, ताकि पूरी प्रक्रिया कई स्तरों पर निगरानी में रहे। सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 13 नए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। जिन जगहों पर पहले कैमरे नहीं थे, वहां भी कैमरे लगाए गए हैं।

दान पेटी से गिनती तक कड़ी निगरानी

नई व्यवस्था के तहत दान पेटियों से नकदी को गणना स्थल तक पहुंचाने के लिए 27 एसआईएस सुरक्षा कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा पुलिस बल की तैनाती भी होगी। दान पेटी और गणना स्थल के बीच अलग-अलग पिलरों पर पुलिसकर्मी मौजूद रहेंगे।

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पिलर नंबर 34 के पास तीन अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे, क्योंकि यहां गुप्त दान पेटी रखी गई है।

इस्तीफों पर भी बड़ा खुलासा

आजतक को मिली जानकारी के मुताबिक, चढ़ावा चोरी मामले में चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफों के पीछे ट्रस्ट नियमों से जुड़ा कारण भी बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट के नियमों में प्रावधान है कि गड़बड़ी या अनियमितता में दोषी पाए जाने पर पदाधिकारी या ट्रस्टी को पद से हटाया जा सकता है। इसके लिए ट्रस्ट की बैठक में दो-तिहाई बहुमत जरूरी होता है। हालांकि गोविंद गिरी ने कहा था कि दोनों ने नैतिक आधार पर इस्तीफा दिया।

फर्जी रसीद का भी खुलासा

जांच में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान फर्जी रसीद का मामला भी सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक, आरोपी श्रद्धालुओं से सीधे पैसे लेकर उन्हें श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के नाम की फर्जी रसीद देते थे। जांच एजेंसियों को पुरानी फर्जी रसीद बुक भी मिली है। ऑनलाइन रसीद व्यवस्था लागू होने के बाद फर्जी रसीदों का इस्तेमाल कम हो गया।

जांच में नए पहलुओं पर फोकस

राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच अभी जारी है। जांच एजेंसियां गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि गड़बड़ी किस स्तर तक हुई। इसी बीच ट्रस्ट ने दान, बैंकिंग और सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव कर निगरानी को और मजबूत किया है।

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