सिर्फ चोर ही नहीं, लापरवाह अफसरों पर भी गिरेगी गाज! जल्द आएगी राम मंदिर मामले की SIT रिपोर्ट

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी की जांच अंतिम चरण में पहुंच गई है। तीन सदस्यीय SIT बैंक रिकॉर्ड, CCTV फुटेज, दस्तावेज और बयानों की पड़ताल कर रही है। पढ़ें पूरी खबर।

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In Short

  • राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT की जांच अब अंतिम चरण में पहुंच गई है।
  • जांच टीम बैंक रिकॉर्ड, CCTV फुटेज, दस्तावेज और गवाहों के बयानों की पड़ताल कर रही है।
  • रिपोर्ट में आरोपियों के साथ लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।

By Gaurav Kumar:

Ram Mandir Donation Theft: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले की जांच अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से बनाई गई तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम यानी SIT जल्द अपनी अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंप सकती है। करीब एक महीने से चल रही जांच में चोरी से जुड़े लोगों के साथ-साथ निगरानी और प्रशासनिक व्यवस्था में हुई लापरवाही की भी पड़ताल की जा रही है।

रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया जाएगा कि चोरी में सीधे तौर पर कौन-कौन शामिल था और किन अधिकारियों या कर्मचारियों की लापरवाही के कारण मामला लंबे समय तक सामने नहीं आ सका।

अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में

जांच केवल चोरी करने वालों तक सीमित नहीं है। SIT यह भी देख रही है कि चढ़ावा जमा करने, उसकी गिनती करने और बैंक में रकम जमा कराने वाले कर्मचारियों ने तय नियमों का पालन किया था या नहीं।

निगरानी की जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारियों की भूमिका भी जांची जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि क्या गड़बड़ी के शुरुआती संकेत पहले ही मिल गए थे और इसके बावजूद जरूरी कदम नहीं उठाए गए।

बैंक रिकॉर्ड और CCTV फुटेज की जांच

SIT ने मामले से जुड़े बैंक लेनदेन, वित्तीय दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की जांच की है। इसके अलावा मंदिर परिसर और चढ़ावा जमा करने से जुड़े स्थानों के CCTV फुटेज भी देखे जा रहे हैं।

जांच टीम ने गवाहों और आरोपियों के बयान भी दर्ज किए हैं। सभी सबूतों को आपस में मिलाकर यह समझने की कोशिश की जा रही है कि चढ़ावे की रकम से जुड़ी गड़बड़ी कैसे हुई और इसमें किन लोगों की भूमिका रही।

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SIT का कहना है कि जांच अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। सभी दस्तावेजों, रिकॉर्ड और बयानों की जांच के बाद ही अंतिम रिपोर्ट में पूरी स्थिति सामने रखी जाएगी।

दान पेटियों से ऑडिट तक हर प्रक्रिया की पड़ताल

रिपोर्ट में यह देखा जाएगा कि दान पेटियां कितनी सुरक्षित थीं, चढ़ावे की गिनती कैसे होती थी, पैसों का हिसाब कैसे रखा जाता था और रकम बैंक में जमा कराने से लेकर उसकी जांच तक पूरी व्यवस्था कैसी थी।

SIT यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हिसाब-किताब रखने, कागजात तैयार करने और निगरानी की व्यवस्था में कहां कमी थी। यह भी जांच की जा रही है कि क्या इन लापरवाहियों की वजह से चढ़ावे की चोरी करना आसान हो गया।

व्यवस्था सुधारने के सुझाव भी देगी SIT

अंतिम रिपोर्ट में जिम्मेदार लोगों की पहचान के साथ मंदिर में चढ़ावे के प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था को मजबूत बनाने के सुझाव भी दिए जाएंगे।

SIT की रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी जाएगी। इसके आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई और जिम्मेदारी तय किए जाने की उम्मीद है।

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