राहुल गांधी बर्थडे स्पेशल: शेयर बाजार से प्रॉपर्टी तक, जानिए कितनी है कुल संपत्ति और कहां-कहां किया निवेश?
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का आज जन्मदिन है। आज राहुल गांधी 56 साल के हो गए हैं। देश की राजनीति के सबसे चर्चित नेताओं में शामिल राहुल गांधी न सिर्फ अपने राजनीतिक विचारों बल्कि अपनी वित्तीय स्थिति और निवेश को लेकर भी चर्चा में रहते हैं।

Rahul Gandhi birthday: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का आज जन्मदिन है। आज राहुल गांधी 56 साल के हो गए हैं। देश की राजनीति के सबसे चर्चित नेताओं में शामिल राहुल गांधी न सिर्फ अपने राजनीतिक विचारों बल्कि अपनी वित्तीय स्थिति और निवेश को लेकर भी चर्चा में रहते हैं। लोकसभा चुनाव 2024 के लिए दाखिल किए गए हलफनामे के मुताबिक राहुल गांधी ने कुल 20.39 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की थी।
हलफनामे के अनुसार राहुल गांधी की कुल घोषित संपत्ति 20,39,61,862 रुपये है, जबकि उन पर 49.79 लाख रुपये की देनदारियां हैं। उनकी संपत्ति का बड़ा हिस्सा अचल संपत्तियों और शेयर बाजार में किए गए निवेश से जुड़ा हुआ है।
राहुल गांधी के बैंक खातों में 26.25 लाख रुपये जमा हैं, जबकि उनके पास 55,000 रुपये नकद हैं। इसके अलावा उन्होंने 61.52 लाख रुपये पीपीएफ (पब्लिक प्रोविडेंट फंड) में निवेश कर रखे हैं। सोने और आभूषणों की कीमत 4.20 लाख रुपये बताई गई है, जबकि उनके पास 15 लाख रुपये के सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड भी हैं।
दिलचस्प बात यह है कि राहुल गांधी ने शेयर बाजार में 8.32 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश कर रखा है। उनका पोर्टफोलियो देश की कई बड़ी और प्रतिष्ठित कंपनियों के शेयरों से भरा हुआ है। इनमें एशियन पेंट्स, बजाज फाइनेंस, दीपक नाइट्राइट, डॉ. लाल पैथलैब्स, डिवीज लैबोरेट्रीज, हिंदुस्तान यूनिलीवर, आईसीआईसीआई बैंक, इंफोसिस, आईटीसी, नेस्ले इंडिया, पिडिलाइट इंडस्ट्रीज, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), टाइटन और ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज जैसी कंपनियां शामिल हैं।
राहुल गांधी की अचल संपत्तियों का मूल्य करीब 11.15 करोड़ रुपये बताया गया है। कुल मिलाकर उनकी संपत्ति का बड़ा हिस्सा लंबी अवधि के निवेश और प्रॉपर्टी में केंद्रित है।
राजनीति में सक्रिय रहते हुए राहुल गांधी का निवेश पोर्टफोलियो यह दिखाता है कि उन्होंने बैंक जमा और पारंपरिक बचत साधनों के साथ-साथ शेयर बाजार और गोल्ड बॉन्ड जैसे निवेश विकल्पों में भी संतुलन बनाया हुआ है। उनके पोर्टफोलियो में शामिल अधिकांश कंपनियां भारतीय शेयर बाजार की स्थापित ब्लू-चिप कंपनियां मानी जाती हैं।