नवी मुंबई एयरपोर्ट से अब विदेशों से दवाओं का होगा आयात, सरकार ने Drugs Rules 1945 में किया बड़ा बदलाव

नवी मुंबई एयरपोर्ट को अब विदेश से दवाएं लाने के लिए मंजूरी मिल गई है। सरकार ने Drugs Rules, 1945 के नियमों में बदलाव कर इसे दवाओं के आयात वाले एयरपोर्ट्स की लिस्ट में शामिल किया है। इस फैसले से फार्मा कंपनियों को नया विकल्प मिलेगा और दवाओं की सप्लाई चेन मजबूत होने की उम्मीद है।

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In Short

  • सरकार ने नवी मुंबई एयरपोर्ट को विदेश से दवाएं लाने के लिए मंजूरी दे दी है।
  • Drugs Rules, 1945 के Rule 43A में बदलाव के बाद अब कुल 42 रास्तों से दवाएं भारत लाई जा सकेंगी।
  • इस फैसले से फार्मा कंपनियों को नया विकल्प मिलेगा और दवाओं की सप्लाई आसान हो सकती है।

By Gaurav Kumar:

Navi Mumbai Airport: सरकार ने नवी मुंबई एयरपोर्ट को लेकर एक अहम फैसला लिया है। अब इस एयरपोर्ट के जरिए विदेश से दवाएं भारत में लाई जा सकेंगी। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने इसके लिए Drugs Rules, 1945 के नियमों में बदलाव किया है।

सरकार का कहना है कि इस कदम से दवाओं की सप्लाई चेन मजबूत होगी और दवा बाहर से लाने वालों को एक नया विकल्प मिलेगा।

नियमों में क्या बदलाव हुआ?

दवाओं को बाहर से लाने के लिए Drugs Rules, 1945 के Rule 43A में बदलाव किया गया है। इस बदलाव के बाद नवी मुंबई एयरपोर्ट को उन एयरपोर्ट्स की लिस्ट में शामिल कर लिया गया है, जहां से भारत में दवाएं लाई जा सकती हैं।

यह नोटिफिकेशन Drugs and Cosmetics Act, 1940 के तहत जारी किया गया है। नोटिफिकेशन जारी करने से पहले Drugs Technical Advisory Board से सलाह ली गई थी।

अब 42 रास्तों से आएंगी दवाएं

नवी मुंबई एयरपोर्ट के जुड़ने के बाद देश में दवाओं को विदेश से लाने के लिए मंजूर एंट्री पॉइंट्स की कुल संख्या 42 हो गई है। इनमें सड़क, रेल, समुद्री रास्ते और हवाई रास्ते से जुड़े पोर्ट शामिल हैं।

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इसका मतलब है कि अब विदेश से दवाएं भारत लाने के लिए कंपनियों के पास एक और रास्ता होगा। इससे दवाओं को लाना और उन्हें आगे पहुंचाना पहले से आसान हो सकता है।

फार्मा सेक्टर को कैसे मदद मिलेगी?

नवी मुंबई एयरपोर्ट के जरिए दवाओं को विदेश से लाने की मंजूरी मिलने से फार्मा लॉजिस्टिक्स को मदद मिल सकती है। दवाओं को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने की सुविधा बेहतर हो सकती है।

इस फैसले से उन कंपनियों को आसानी होगी, जो विदेश से दवाएं भारत लाते हैं। उन्हें अब दवाओं को विदेश से लाने के लिए एक नया एयरपोर्ट इस्तेमाल करने का मौका मिलेगा।

कारोबार आसान करने की कोशिश

सरकार का कहना है कि ये कदम कारोबार को आसान बनाने के लिए उठाया गया है। साथ ही बाहर से आने वाली दवाओं पर जरूरी नियम और निगरानी भी पहले की तरह जारी रहेगी। सरकार दवाएं विदेश से लाना आसान करना चाहती है, लेकिन उनकी जांच और नियमों का पालन भी होता रहेगा।

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