सड़क की मरम्मत पूरी होने तक टोल फ्री रहेगा लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे, NHAI का बड़ा एक्शन
उद्घाटन के महज 20 दिनों में पांच बार सड़क धंसने की शिकायतों के बाद लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर बड़ा एक्शन हुआ है। मरम्मत पूरी होने तक टोल नहीं लिया जाएगा। NHAI ने निर्माण कंपनी PNC Infratech को नॉन परफॉर्मर घोषित करने की सिफारिश की है और अधिकारियों पर भी कार्रवाई की है।

In Short
- सड़क की मरम्मत पूरी होने तक लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे टोल फ्री रहेगा।
- NHAI ने PNC Infratech को नॉन परफॉर्मर घोषित करने के लिए MORTH को पत्र भेजा।
- प्रोजेक्ट डायरेक्टर को हटाया गया, जबकि तीन अधिकारियों पर दो साल का प्रतिबंध लगाया गया।
Lucknow Kanpur Expressway: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर सड़क की मरम्मत पूरी होने तक यात्रियों से टोल नहीं लिया जाएगा। आजतक के रिपोर्टर संतोष शर्मा के अनुसार, उद्घाटन के सिर्फ 20 दिनों के भीतर पांच जगह सड़क धंसने की शिकायतों के बाद NHAI ने यह कार्रवाई की है।
PNC इन्फोटेक पर कार्रवाई की तैयारी
एक्सप्रेसवे का निर्माण करने वाली कंपनी PNC इन्फोटेक को नॉन परफॉर्मर फर्म घोषित करने की सिफारिश की गई है। NHAI ने कंपनी को नॉन परफॉर्मर घोषित करने के लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय यानी MORTH को पत्र भेजा है।
इस कार्रवाई का मतलब है कि कंपनी के कामकाज और निर्माण की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। सड़क की मरम्मत पूरी होने तक एक्सप्रेसवे को टोल फ्री रखने का फैसला भी इसी के बाद लिया गया है।
प्रोजेक्ट डायरेक्टर को पद से हटाया
NHAI ने मामले में अधिकारियों पर भी कार्रवाई की है। प्रोजेक्ट डायरेक्टर नकुल प्रकाश वर्मा को उनके पद से हटा दिया गया है। वहीं, पूर्व प्रोजेक्ट डायरेक्टर सौरभ चौरसिया को चार्जशीट दी गई है।
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इसके अलावा प्रोजेक्ट मैनेजर विवेक गुप्ता, रेजिडेंट इंजीनियर यतेंद्र कुमार और इंडिपेंडेंट इंजीनियर्स की टीम के लीडर सुरेंद्र कुमार पर भी कार्रवाई की गई है। इन तीनों को दो साल के लिए NHAI और MORTH के किसी भी प्रोजेक्ट में काम करने से रोक दिया गया है।
4,200 करोड़ रुपये में बना एक्सप्रेसवे
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 13 जुलाई को हुआ था। करीब 63 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे को बनाने में लगभग 4,200 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे।
एक्सप्रेसवे पर एक तरफ की यात्रा के लिए 275 रुपये टोल तय किया गया था। हालांकि, उद्घाटन के 20 दिनों के अंदर ही पांच जगह सड़क धंसने की शिकायत सामने आने के बाद निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे। इसके बाद NHAI ने कंपनी और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की।