कानपुर-लखनऊ के सफर को मिलेगी नई रफ्तार; आज खुलेगा ₹4,200 करोड़ का एक्सप्रेसवे
कानपुर और लखनऊ के बीच आने-जाने वाले लोगों का सफर अब पहले से काफी आसान होने वाला है। नए एक्सप्रेसवे के खुलने से यात्रा में कम समय लगेगा और रास्ते पर सुरक्षा के भी खास इंतजाम किए गए हैं। जानिए इस एक्सप्रेसवे पर कौन-कौन से वाहन चल सकेंगे और लोगों को क्या सुविधाएं मिलेंगी।

In Short
- कानपुर से लखनऊ का तीन घंटे का सफर अब सिर्फ 40 मिनट में पूरा होगा।
- एक्सप्रेसवे पर 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगी गाड़ियां।
- सुरक्षा के लिए 63 सीसीटीवी कैमरे और दो कंट्रोल रूम बनाए गए हैं।
Kanpur Lucknow Expressway: उत्तर प्रदेश के कानपुर और लखनऊ के बीच आने-जाने वाले लोगों के लिए सफर अब काफी आसान हो जाएगा। आज 4200 करोड़ रुपये की लागत से बने 63 किलोमीटर लंबे कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे का उद्घाटन होगा। इसके खुलने के बाद दोनों शहरों के बीच करीब तीन घंटे का सफर सिर्फ 40 मिनट में पूरा किया जा सकेगा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उन्नाव के नेवरना पड़रिखुर्द से इस एक्सप्रेसवे की शुरुआत करेंगे। इसे उत्तर प्रदेश सरकार ने बनवाया है।
उद्घाटन के बाद तीनों नेता कार से इस एक्सप्रेसवे पर सफर करेंगे। वे उन्नाव से लखनऊ के सरोजनी नगर तक जाएंगे और रास्ते का ट्रायल करेंगे। इसके तुरंत बाद एक्सप्रेसवे को आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा।
120 की रफ्तार और कैमरों से नजर
इस एक्सप्रेसवे पर गाड़ियां ज्यादा से ज्यादा 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगी। यहां केवल कार, वैन और दूसरे चारपहिया वाहन ही चल पाएंगे। बाइक और स्कूटर जैसे दोपहिया वाहनों को इस रास्ते पर चलने की इजाजत नहीं होगी।
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सुरक्षा के लिए पूरे एक्सप्रेसवे पर 63 हाई-रिजॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। ये कैमरे 500 मीटर दूर तक साफ तस्वीर देख सकते हैं। इनमें से 21 कैमरे उन जगहों पर लगाए गए हैं, जहां से गाड़ियां एक्सप्रेसवे पर चढ़ेंगी या उतरेंगी।
ट्रैफिक नियम तोड़ने पर ऑनलाइन चालान किया जाएगा। गाड़ी को रोके बिना उसकी नंबर प्लेट पढ़कर टोल टैक्स भी लिया जाएगा।
दो कंट्रोल रूम और छह इंटरचेंज
एक्सप्रेसवे पर दिन-रात नजर रखने के लिए 27वें और 35वें किलोमीटर पर दो कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। यहां से ट्रैफिक को संभाला जाएगा और जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद भेजी जाएगी। अलग-अलग जगहों से एक्सप्रेसवे पर आने और बाहर निकलने के लिए छह इंटरचेंज बनाए गए हैं।
पूरे रास्ते पर 38 अंडरपास, छह फ्लाईओवर, तीन बड़े पुल और 28 छोटे पुल बनाए गए हैं।
डिफेंस कॉरिडोर को भी होगा फायदा
इस एक्सप्रेसवे से डिफेंस कॉरिडोर के आसपास रक्षा से जुड़े कारोबार को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। इस रास्ते को कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे एनई-6, अवध एक्सप्रेसवे और डिफेंस कॉरिडोर एक्सप्रेसवे के नाम से भी जाना जाएगा।