चाय प्रेमियों सावधान! कहीं आपकी पसंदीदा चाय पत्ती में तो नहीं है मिलावट? ऐसे करें पहचान

चाय पत्ती की मिलावट आपकी सेहत के लिए खतरनाक हो सकती है। FSSAI के बताए आसान तरीकों से आप घर पर ही इसकी शुद्धता जांच सकते हैं। चुंबक, पानी और फिल्टर पेपर जैसे आसान टेस्ट से पता लगाएं कि आपकी चाय सुरक्षित है या नहीं और खुद को नुकसान से बचाएं।

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By Gaurav Kumar:

क्या आपका दिन भी तब तक शुरू नहीं होता जब तक आप गरमा-गरम चाय की चुस्की न ले लें? दिल्ली की झुलसा देने वाली गर्मी में भी एक कप अच्छी चाय किसी अमृत से कम नहीं लगती, लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिसे आप अमृत समझकर पी रहे हैं, वह शुद्ध है या मिलावटी? आपकी सेहत के लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि आपके किचन में मौजूद चाय पत्ती असली है या उसमें केमिकल की मिलावट की गई है।

सेहत पर भारी पड़ सकती है मिलावटी चाय

चाय पत्ती की शुद्धता की जांच करना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि मिलावटी चाय आपके शरीर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। अगर आप दिन भर में कई कप चाय पीते हैं और आपकी चाय पत्ती मिलावटी है, तो इससे आपके लीवर और किडनी पर बुरा असर पड़ सकता है।

इतना ही नहीं, बिना जानकारी के आप चाय के जरिए कीटनाशक और हानिकारक केमिकल्स का सेवन भी कर सकते हैं। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने इस मिलावट को पकड़ने के लिए कुछ बेहद आसान तरीके बताए हैं।

चुंबक और पानी से करें शुद्धता की जांच

चाय पत्ती में लोहे के कणों (iron fillings) की मिलावट का पता लगाना बहुत आसान है। एक कांच की प्लेट में थोड़ी सी चाय पत्ती लें और उसके ऊपर एक चुंबक घुमाएं। अगर चाय पत्ती साफ है, तो चुंबक पर कुछ नहीं चिपकेगा। लेकिन अगर इसमें लोहे के कण हुए, तो वे तुरंत चुंबक से चिपक जाएंगे।

इसी तरह, 'वॉटर टेस्ट' भी एक कारगर तरीका है। इसके लिए सादा पानी एक कप में लें और उसमें एक चम्मच चाय पत्ती डाल दें। अगर पत्ती शुद्ध है, तो पानी का रंग तुरंत नहीं बदलेगा। लेकिन अगर चाय मिलावटी है, तो पानी का रंग तुरंत लाल-भूरा हो जाएगा।

फिल्टर पेपर का करें इस्तेमाल

पुरानी या इस्तेमाल की हुई चाय पत्ती को फिर से रंगकर बेचने की मिलावट भी काफी आम है। इसे जांचने के लिए एक फिल्टर पेपर पर थोड़ी चाय पत्ती रखें और उस पर बूंद-बूंद करके पानी डालें। अगर पेपर पर कोई रंग नहीं आता, तो चाय पत्ती ताजी है। लेकिन अगर भूरे रंग की धारियां दिखने लगें, तो समझ लीजिए कि वह पत्ती पहले इस्तेमाल की जा चुकी है।

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