स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान का बड़ा बयान! मार्ग बंद नहीं होगा पर जहाजों को ईरानी नौसेना से करना होगा तालमेल

ईरान के संयुक्त राष्ट्र में राजदूत अमीर सईद इरावानी (Amir Saeid Iravani) ने बीते गुरुवार को कहा कि तेहरान का इस रणनीतिक जलमार्ग को बंद करने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि हम स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद नहीं करने जा रहे हैं। लेकिन इस जलमार्ग में शांति और सुरक्षा बनाए रखना हमारा स्वाभाविक अधिकार है।

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In Short

  • ईरान ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने का उसका कोई इरादा नहीं है।
  • इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों को सुरक्षा के लिए ईरानी नौसेना के साथ समन्वय करना होगा।
  • मिडिल ईस्ट तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार और तेल सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है।

By Gaurav Kumar:

मध्य-पूर्व के सबसे अहम समुद्री मार्गों में शामिल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बढ़ती वैश्विक चिंता के बीच ईरान ने साफ किया है कि वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद नहीं करेगा। हालांकि, तेहरान ने यह भी कहा है कि इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों को सुरक्षा बनाए रखने के लिए ईरानी नौसेना के साथ तालमेल करना होगा।

ईरान के संयुक्त राष्ट्र में राजदूत अमीर सईद इरावानी (Amir Saeid Iravani) ने बीते गुरुवार को कहा कि तेहरान का इस रणनीतिक जलमार्ग को बंद करने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि हम स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद नहीं करने जा रहे हैं। लेकिन इस जलमार्ग में शांति और सुरक्षा बनाए रखना हमारा स्वाभाविक अधिकार है।

अमेरिका पर लगाया अस्थिरता का आरोप

इरावानी ने कहा कि ईरान समुद्री कानून के तहत नौवहन की स्वतंत्रता के सिद्धांत का सम्मान करता है और इसके प्रति प्रतिबद्ध है। हालांकि उन्होंने मौजूदा तनाव के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया।

उनके मुताबिक क्षेत्र में मौजूदा स्थिति ईरान के आत्मरक्षा के अधिकार के प्रयोग का परिणाम नहीं है, बल्कि अमेरिका की आक्रामक कार्रवाई और क्षेत्रीय सुरक्षा को कमजोर करने वाले कदमों का सीधा नतीजा है।

जहाजों को ईरानी नौसेना से करना होगा समन्वय

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई (Esmaeil Baghaei) ने मेहर न्यूज एजेंसी से बातचीत में कहा कि तेहरान नहीं चाहता कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज असुरक्षित बने।

उन्होंने कहा कि इस जलमार्ग की सुरक्षा ईरान के लिए बेहद अहम है क्योंकि देश की सुरक्षा सीधे तौर पर पूरे क्षेत्र की स्थिरता से जुड़ी है। फारस की खाड़ी और ओमान सागर में लंबी समुद्री सीमा होने के कारण ईरान ने हमेशा इस रणनीतिक मार्ग की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाई है।

बघाई ने कहा कि अमेरिका और ज़ायोनिस्ट शासन द्वारा पैदा की गई अस्थिरता जहाजों की आवाजाही को प्रभावित कर सकती है। लेकिन ईरान नहीं चाहता कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज असुरक्षित बने। इसलिए यहां से गुजरने वाले जहाजों को समुद्री सुरक्षा बनाए रखने के लिए ईरानी नौसेना से समन्वय करना होगा।

वैश्विक ऊर्जा बाजार में बढ़ी बेचैनी

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में तेल और गैस की सप्लाई गुजरती है। इस मार्ग को लेकर किसी भी तरह की अनिश्चितता का असर तुरंत वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ता है।

हालिया तनाव और संभावित व्यवधान की आशंका ने दुनिया भर में ऊर्जा कीमतों को ऊपर धकेला है और सप्लाई को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।

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